मुंबई में मानसून की धमाकेदार एंट्री, चिलचिलाती गर्मी के बाद हुई झमाझम बारिश

मुंबई में लंबे इंतजार के बाद आखिरकार मानसून की एंट्री हो गई है. 21 जून की सुबह हुई पहली बारिश ने भीषण गर्मी से राहत दी है. मौसम विभाग ने 22 और 23 जून के लिए भी येलो अलर्ट जारी किया है. आने वाले दिनों में मानसून और मजबूत होगा और 25-26 जून को मूसलाधार बारिश की संभावना है.

Advertisement
मुंबई में दो दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. (Photo- Pexels) मुंबई में दो दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. (Photo- Pexels)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 21 जून 2026,
  • अपडेटेड 12:43 PM IST

मुंबई वालों को आखिर चिलचिलाती गर्मी से राहत मिल गई है. 21 जून की सुबह मुंबईकरों के लिए एक बड़ी राहत लेकर आई. मुंबई और उसके उपनगरों में सुबह-सुबह बारिश हुई. बारिश होते ही ठाणे और आसपास के इलाकों में लोग घरों से बाहर निकल आए. 

भीषण गर्मी और लंबे इंतजार के बाद ये इस सीजन की पहली अच्छी बारिश है. मौसम विभाग की मानें तो सुबह के शुरुआती घंटों में घाटकोपर में करीब 24 मिमी, वर्ली में 25 मिमी, लोअर परेल में 21 मिमी और चेंबूर में 20 मिमी बारिश दर्ज की गई.

Advertisement

IMD ने 22 और 23 जून के लिए मुंबई में 'येलो अलर्ट' जारी किया है. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बिजली गिर सकती है और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं.

25 और 26 जून को भी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और भारी बारिश का अनुमान जताया है. आने वाले हफ्ते में, खासकर 25 और 26 जून को मानसून और मजबूत होगा, जिससे मुंबई में मूसलाधार बारिश देखने को मिल सकती है. मुंबई के मानसून का स्वभाव रुक-रुक कर आने का है, जहां सूखी हवाएं इसके रास्ते में रोड़ा अटकाती हैं.

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून 23 जून के आसपास महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में आगे बढ़ेगा. शनिवार की शाम से ही मौसम पर नजर रख रहे मौसम विश्लेषकों ने आसमान में एक बड़ा बदलाव देखा था. मुंबई और उसके आसपास के इलाकों के ऊपर रेनबैंड बन रहे थे. 

Advertisement

इसके अलावा, पश्चिमी घाट के ऊपर छोटे तूफानी बादल बन रहे थे, जो तेजी से तट की ओर बढ़ रहे थे. मुंबई के ऊपर जो सूखी हवा की एक परत जमी हुई थी, वो आखिरकार ढीली पड़ गई.

आखिर क्यों अटकी हुई थी मुंबई की बारिश?

दक्षिण-पश्चिम मानसून हफ्ते भर पहले ही मुंबई पहुंच चुका था. अरब सागर में भरपूर नमी भी मौजूद थी. लेकिन 'एंट्रेनमेंट' की वजह से बारिश होने में इतना समय लग गया. इस बार जून के मध्य तक मुंबई के जलाशयों में पानी का स्तर घटकर सिर्फ 9 से 10 फीसदी रह गया था. कोलाबा मौसम केंद्र में जून की शुरुआत में सिर्फ 4.3 मिमी बारिश दर्ज हुई थी, जो सामान्य से 90 फीसदी कम थी.

दरअसल, मुंबई में बारिश लाने वाले बादलों को 'क्यूम्यलोनिम्बस' कहा जाता है. ये बादल तब बनते हैं जब जमीन से गर्म और नम हवा तेजी से ऊपर उठती है और ठंडी होकर पानी की बूंदों में बदल जाती है.

लेकिन पिछले दिनों वायुमंडल के मध्य स्तर पर सूखी हवा जमी हुई थी. जब नम हवा ऊपर उठने लगी, तो इस सूखी हवा ने बादलों की नमी को सोख लिया. सूखी हवा ने बादलों की बूंदों को बनने से पहले ही सुखा दिया. इस वजह से बादल इतने ऊंचे नहीं हो पाए कि बारिश दे सकें. मौसम वैज्ञानिकों की भाषा में कहें तो ये सूखी हवा मानसून की 'ऑक्सीजन चोर' बनी हुई थी. शनिवार रात इस चोर की पकड़ ढीली हो गई.

Advertisement

क्या होते हैं रेनबैंड और पॉप-अप?

शनिवार को मुंबई के आसमान में 'रेनबैंड' बनते देखे गए. रेनबैंड कई छोटे तूफानी बादलों का एक बड़ा ग्रुप होता है जो हवा की दिशा में एक कतार में आ जाते हैं. जहां आम तौर पर गरजने वाले बादल थोड़ी देर में खत्म हो जाते हैं, वहीं समुद्र से लगातार नमी मिलने की वजह से रेनबैंड लंबे समय तक टिके रहते हैं और बड़े इलाके में ज्यादा बारिश करते हैं.

वहीं, पश्चिमी घाट पर 'पॉप-अप' बादल बनते दिखे. जब अरब सागर से आने वाली नम हवाएं पश्चिमी घाट के पहाड़ों से टकराकर तेजी से ऊपर उठती हैं, तो ठंडी होकर घने बादलों में बदल जाती हैं. जब हवाएं इन बादलों को पश्चिम की तरफ धकेलती हैं, तो ये मुंबई तक बारिश लाते हैं.

यह भी पढ़ें: सड़कें जलमग्न, घरों में घुसा पानी...हावड़ा में बारिश से जीवन अस्त-व्यस्त, बंगाल में IMD का अलर्ट

दक्षिण मुंबई में पहले क्यों हुई बारिश?

मौसम वैज्ञानिकों ने अनुमान जताया था कि बारिश सबसे पहले दक्षिण मुंबई के रास्ते दाखिल होगी और ऐसा ही हुआ. दक्षिण मुंबई का हिस्सा प्रायद्वीप के छोर पर है, जो तीन तरफ से पानी से घिरा है. ये अरब सागर के सबसे करीब है, इसलिए समुद्र से आने वाली नमी सबसे पहले इसी हिस्से से टकराती है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »