एंटीलिया बम केस और मनसुख हिरेन हत्या मामले में पूर्व पुलिस अधिकारी सचिन वाजे को अदालत से बड़ा झटका लगा है. एक विशेष अदालत ने उनके खिलाफ आरोप तय करने के लिए पर्याप्त सबूत बताते हुए उनकी डिस्चार्ज अर्जी खारिज कर दी है. कोर्ट ने कहा कि वाजे के खिलाफ चार्जेस तय करने के लिए रिकॉर्ड पर पर्याप्त से भी ज्यादा सबूत मौजूद हैं.
डिस्चार्ज याचिका के साथ काफी सारे डॉक्युमेंट्स सौंपने के लिए बचाव पक्ष की कड़ी आलोचना करते हुए, स्पेशल नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) कोर्ट के जज चकोर बाविस्कर ने कहा कि वाजे ने हर तरह की दलीलें दी हैं, जिसमें उनकी अपनी सोच के तथ्य और अपनी सुविधा के अनुसार दर्शन शामिल हैं.
जज ने कहा, 'अगर कुछ लाइनें और होतीं, तो मुझे डर है कि यह डिस्चार्ज एप्लिकेशन ब्रिटानिका इनसाइक्लोपीडिया को भी पीछे छोड़ देती. इसमें जो कमी है, वह बस मेरिट की है.'
अदालत ने गौर किया कि वाजे ने पहले भी ऐसी ही याचिकाएं दायर की थीं, जिन्हें ट्रायल कोर्ट के साथ-साथ बॉम्बे और दिल्ली उच्च न्यायालयों ने भी खारिज कर दिया था.
जज सचिन वाजे की उस पिछली याचिका का जिक्र कर रहे थे जिसमें अधिकार क्षेत्र की कमी के कारण उनके खिलाफ कार्यवाही रोकने की मांग की गई थी. साथ ही, मामले का संज्ञान लेने में समय सीमा का मुद्दा, जांच में विसंगतियां और कानून के प्रावधानों के अनुसार मुकदमा चलाने के लिए उचित मंजूरी न होने का हवाला दिया गया था.
NIA कोर्ट ने नवंबर 2025 में उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसके बाद वाजे ने बॉम्बे उच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर की, लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली.
बता दें, 25 फरवरी 2021 को दक्षिण मुंबई में उद्योगपति मुकेश अंबानी के आवास 'एंटीलिया' के पास विस्फोटक से लदी एक SUV मिली थी. बिजनेसमैन हिरेन, जिनके पास वह SUV थी, 5 मार्च 2021 को मृत पाए गए थे. इस मामले में कथित भूमिका के लिए सचिन वाजे को मार्च 2021 में गिरफ्तार किया गया था. वह अभी न्यायिक हिरासत में है.
(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
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