'जिनकी उम्र हो जाती है, उन्हें मरना ही पड़ता है', MP में कोरोना मौतों पर बोले शिवराज के मंत्री

कोविड-19 से होने वाली मौतों की संख्या बढ़ने से संबंधित सवाल पूछे जाने पर एमपी के पशुपालन मंत्री प्रेम सिंह पटेल ने कहा “कोई भी इन मौतों को नहीं रोक सकता. हर कोई कोरोना से बचने के लिए सहयोग की बात कर रहा है. आप कहते हैं कि बहुत लोग हर दिन मर रहे हैं. जिनकी उम्र हो जाती है उन्हें मरना भी पड़ता है”

Advertisement
मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री प्रेम सिंह पटेल (फाइल फोटो) मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री प्रेम सिंह पटेल (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • बडवानी ,
  • 15 अप्रैल 2021,
  • अपडेटेड 2:12 PM IST
  • मध्य प्रदेश में पशुपालन मंत्री हैं प्रेम सिंह पटेल
  • कोरोना मौतों पर दिया गैर ज़िम्मेदाराना बयान
  • बडवानी जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का ले रहे थे जायजा

कोरोना की नई लहर ने मध्य प्रदेश को बुरी तरह जकड़ लिया है. राज्य के अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी से मौतों का सिलसिला जारी है. मध्य प्रदेश के चार बड़े शहरों में पिछले 24 घंटे में 4600 से अधिक नए केस आए हैं और 25 लोगों की मौत हुई है. एक तरफ ऐसे विकट हालात हैं और दूसरी तरफ शिवराज सिंह चौहान सरकार के एक मंत्री ने अजीब बयान दिया है.

Advertisement

मध्य प्रदेश के पशुपालन मंत्री प्रेमपाल सिह पटेल बुधवार को बडवानी जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए जिला कलेक्टर के साथ निकले. पटेल बड़वानी जिले के प्रभारी मंत्री भी हैं. विभिन्न अस्पतालों का दौरा करने के बाद पटेल मीडिया से भी मिले.

कोविड-19 से होने वाली मौतों की संख्या बढ़ने से संबंधित सवाल पूछे जाने पर पशुपालन मंत्री पटेल ने कहा “कोई भी इन मौतों को नहीं रोक सकता. हर कोई कोरोना से बचने के लिए सहयोग की बात कर रहा है. आप कहते हैं कि बहुत लोग हर दिन मर रहे हैं. जिनकी उम्र हो जाती है उन्हें मरना भी पड़ता है” पशुपालन मंत्री के इस बयान से संबंधित एक वीडियो, समाचार एजेंसी ANI ने भी जारी किया है. इस ट्वीट को आप यहां भी देख सकते हैं:-

इतना ही नहीं मंत्री जी से जब ये पूछा गया कि सरकार मौत के आंकड़े छुपा रही है तो मंत्री जी बोले “लोग भी छुपा रहे हैं. इस बात को किसी को कहना नहीं चाहते. इस कारण से जो अपना शांत हुआ है उसको चुपचाप लेकर चले जाते हैं. उससे सरकार कैसे आंकड़ा बताएगी.

मंत्री जी यहीं नहीं रुके. जब उनसे डॉक्टरों की कमी के ऊपर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि “इतना बड़ा प्रदेश है व्यवस्थाएं करना पड़ती है. कुछ डॉक्टर होते हुए भी डर के मारे काम करना नहीं चाहते तो क्या उन्हें मारें.’ 

 (इनपुट- जेद अहमद)

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »