25 लाख का इनामी नक्सली कमांडर अजय महतो गिरफ्तार, दो दशक से सुरक्षा बलों के लिए बना था चुनौती

झारखंड पुलिस और CRPF की कोबरा-209 बटालियन ने संयुक्त अभियान में 25 लाख रुपये के इनामी माओवादी कमांडर अजय महतो उर्फ मोछु उर्फ टाइगर को गिरफ्तार कर लिया है. SAC सदस्य अजय महतो पर 240 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं. पुलिस का कहना है कि उसकी गिरफ्तारी से माओवादी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है.

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20 साल से मचा रखा था आतंक.(Photo: Satyajeet/ITG) 20 साल से मचा रखा था आतंक.(Photo: Satyajeet/ITG)

सत्यजीत कुमार

  • गिरिडीह,
  • 18 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 11:36 PM IST

झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है. गिरिडीह जिला पुलिस और CRPF की कोबरा-209 बटालियन ने संयुक्त अभियान चलाकर प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के शीर्ष कमांडर अजय महतो उर्फ मोछु उर्फ टाइगर को गिरफ्तार कर लिया. वह स्पेशल एरिया कमेटी (SAC) का सदस्य था और उस पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित था.

पुलिस के मुताबिक, अजय महतो पिछले करीब दो दशकों से झारखंड में माओवादी गतिविधियों का प्रमुख चेहरा बना हुआ था. उसके खिलाफ हत्या, IED विस्फोट, सुरक्षाबलों पर घात लगाकर हमले और सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने जैसे गंभीर आरोपों में 240 से अधिक मामले दर्ज हैं.

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सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि उसकी गिरफ्तारी माओवादी नेटवर्क के लिए बड़ा झटका है. पुलिस का कहना है कि इससे क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों पर प्रभाव पड़ेगा और विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है.

खुफिया सूचना के बाद जंगल में बिछाया गया जाल

पुलिस को 17 जुलाई 2026 को खुखरा थाना क्षेत्र के हरलाडीह ओपी के जंगलों में नक्सलियों की गतिविधियों की सटीक खुफिया सूचना मिली थी. इसके बाद गिरिडीह के पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार और कोबरा-209 बटालियन के कमांडेंट सौरभ भटनागर के नेतृत्व में संयुक्त अभियान की रणनीति बनाई गई.

अपर पुलिस अधीक्षक (अभियान) सुरजीत कुमार और कंपनी कमांडर आकिफ अहमद बानी के नेतृत्व में सुरक्षा बलों ने ग्राम पिपराडीह (खवासटांड टोला) के घने जंगलों की घेराबंदी कर दी. इसी दौरान भागने की कोशिश कर रहे अजय महतो को गिरफ्तार कर लिया गया.

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पुलिस ने बताया कि पूरे ऑपरेशन को बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दिया गया, जिससे आरोपी को संभलने का मौका नहीं मिल सका.

240 से ज्यादा केस, कई जिलों में फैला था नेटवर्क

गिरफ्तार अजय महतो वर्ष 2005 से नक्सली गतिविधियों में सक्रिय था और पहले पारसनाथ क्षेत्र का एरिया कमांडर भी रह चुका है. उसके खिलाफ झारखंड के कई जिलों में 240 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं.

पुलिस के अनुसार, पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) में उसके खिलाफ 107 मामले दर्ज हैं. इसके अलावा गिरिडीह में 68, बोकारो में 37, धनबाद में 15, हजारीबाग में 7 तथा चतरा, रामगढ़ और सरायकेला में 2-2 मामले दर्ज हैं.

अजय महतो पर सुरक्षाबलों पर हमले, IED ब्लास्ट, सरकारी भवनों को उड़ाने, रेलवे ट्रैक को विस्फोट से क्षतिग्रस्त करने और ग्रामीणों की हत्या जैसे कई गंभीर आरोप हैं.

सुरक्षाबलों पर हमले से लेकर रेलवे ट्रैक उड़ाने तक के आरोप

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, वर्ष 2008 में पीरटांड के दलवाडीह और बेदी गांव में हुई मुठभेड़ों में तीन जवानों की हत्या के मामलों में भी उसका नाम सामने आया था. वहीं, वर्ष 2014 में धुलियामट्टी के पास हुए IED विस्फोट में CRPF के जवान बादल राय शहीद हुए थे और 17 अन्य जवान घायल हुए थे.

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उस पर पुलिस मुखबिरी और लेवी नहीं देने के आरोप में कई ग्रामीणों की गला रेतकर और गोली मारकर हत्या करने के भी आरोप हैं. इसके अलावा पीरटांड प्रखंड कार्यालय, तुईयो पंचायत भवन और वर्ष 2017 में चिचांकी रेलवे स्टेशन के पास डाउन रेलवे ट्रैक को विस्फोट से उड़ाने जैसी घटनाओं में भी उसकी भूमिका बताई गई है.

गिरिडीह पुलिस का कहना है कि अजय महतो की गिरफ्तारी से माओवादी संगठन को बड़ा झटका लगा है. एसपी डॉ. बिमल कुमार ने नक्सली संगठन के अन्य सदस्यों से हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण करने और राज्य सरकार की पुनर्वास योजना 'नई दिशा-एक नई पहल' का लाभ उठाकर मुख्यधारा से जुड़ने की अपील की है.

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