झारखंड के धनबाद जिले के बाघमारा थाना क्षेत्र में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया. यहां एक महीने से बंद पड़े नए सेफ्टी टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से दो मजदूरों की मौत हो गई. हादसे के बाद इलाके में मातम पसरा है, जबकि स्थानीय लोगों ने बीसीसीएल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं.
बताया जा रहा है कि सेफ्टी टैंक को करीब एक महीने बाद खोला गया था. सफाई के लिए दो मजदूर टैंक के भीतर उतरे, लेकिन अंदर मौजूद जहरीली गैस और ऑक्सीजन की कमी ने कुछ ही मिनटों में उनकी जान ले ली.
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इस घटना ने एक बार फिर बीसीसीएल परियोजना क्षेत्र में सुरक्षा मानकों, जहरीली गैस के खतरे और श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.
10 फीट गहरे टैंक में उतरे और बेहोश हो गए मजदूर
हादसा बाघमारा थाना क्षेत्र के सदरयाडीह गांव में हुआ. जानकारी के मुताबिक, गुरुवार को करीब एक महीने से बंद पड़े नए सेफ्टी टैंक को खोला गया था. इसके बाद उसकी सफाई का काम शुरू किया गया.
सफाई के लिए सदरयाडीह निवासी दिलीप महतो और महुदा थाना क्षेत्र के अंधारी निवासी राजेश महतो करीब 10 फीट गहरे टैंक में उतरे. कुछ ही देर बाद दोनों जहरीली गैस और ऑक्सीजन की कमी के कारण बेहोश होकर गिर पड़े.
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और दोनों मजदूरों को बाहर निकालकर बाघमारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए. हालांकि डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया.
स्थानीय लोगों ने BCCL प्रबंधन पर लगाए गंभीर आरोप
हादसे के बाद इलाके में भारी आक्रोश देखने को मिला. स्थानीय लोगों का आरोप है कि बीसीसीएल परियोजना के आसपास सुरक्षा मानकों की लगातार अनदेखी की जा रही है.
केशरगढ़ पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि लखिन्द्र महतो ने कहा कि केशरगढ़, सदरयाडीह और आसपास के कई गांवों के हजारों लोग वर्षों से जहरीली गैस, भूमिगत आग और भूधसान के खतरे के बीच रहने को मजबूर हैं.
उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार विस्थापन की मांग के बावजूद बीसीसीएल ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया. उनका कहना है कि प्रबंधन की लापरवाही का खामियाजा अब लोगों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ रहा है.
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, मुआवजे की मांग
हादसे के बाद दोनों मृतक मजदूरों के परिवारों में मातम पसरा हुआ है. परिजनों का कहना है कि दोनों मजदूर अपने परिवार का पालन-पोषण करने के लिए सेफ्टी टैंक की सफाई करने गए थे, लेकिन जहरीली गैस ने उनकी जान ले ली.
परिजनों ने इस हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और उचित मुआवजे की मांग की है. उनका कहना है कि यदि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम होते तो यह हादसा टाला जा सकता था.
ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल दो मजदूरों की मौत का मामला नहीं, बल्कि पूरे इलाके की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल है.
प्रशासन ने शुरू की जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
घटना की सूचना मिलते ही बाघमारा थाना पुलिस और अंचल अधिकारी गिरजानंद किस्कू अस्पताल पहुंचे. पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.
सीओ गिरजानंद किस्कू ने बताया कि प्रारंभिक जांच में दम घुटने और जहरीली गैस के प्रभाव से मौत की आशंका है. हालांकि वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी.
उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की सुरक्षा और बचाव के उपायों को लेकर बीसीसीएल प्रबंधन को पत्र लिखा जाएगा, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो. फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है.
सिथून कुमार मोदक