J-K: अनुच्छेद 370 पर उमर अब्‍दुल्‍ला और गुलाम नबी आजाद आमने-सामने

उमर अब्‍दुल्‍ला ने कहा कि आर्टिकल 370 कांग्रेस और देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की विरासत है. अब्‍दुल्‍ला बोले, अगर कांग्रेस अपनी विरासत की रक्षा ही नहीं कर सकती है, तो वे दूसरों के लिए क्‍या कर सकते हैं.

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उमर अब्‍दुल्‍ला (पीटीआई) उमर अब्‍दुल्‍ला (पीटीआई)

सुनील जी भट्ट

  • श्रीनगर ,
  • 29 नवंबर 2021,
  • अपडेटेड 7:22 PM IST
  • उमर अब्‍दुल्‍ला और गुलाम नबी आमने-सामने
  • उमर अब्‍दुल्‍ला ने गुलाम नबी को घेरा

Ghulam Nabi Azad Vs Omar Abdullah: कांग्रेस (Congress) के वरिष्‍ठ नेता गुलाम नबी आजाद (Ghulam Nabi Azad) के जम्‍मू-कश्‍मीर (Jammu- Kashmir) के राज्‍य पर दिए गये बयान पर उन्‍हें नेशनल कॉन्फ्रेंस (National Conference) के नेता उमर अबदुल्‍ला ने उन्‍हें घेरा है.

दरअसल, एक दिन पहले गुलाम नबी आजाद ने कहा था अब लोगों को राज्‍य में राज्‍य की मांग करनी चाहिए. गुलाम नबी आजाद ने ये भी कहा था कि राज्‍य में लोगों को अब चुनाव, नौकरी, भूमि अधिकार की मांग करनी चाहिए न कि आर्टिकल 370. उनके इस बयान पर राज्‍य की सियासत गर्मा गई है, उन पर नेशनल कॉन्‍फ्रेंस के नेता उमर अब्‍दुल्‍लाह ने पलटवार किया है. उमर अब्‍दुल्‍ला किश्‍तवाड़ में एक रैली को संबोधित कर रहे थे.

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उन्‍होंने कहा कि आर्टिकल 370 कांग्रेस और देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की विरासत है. अब्‍दुल्‍ला बोले, अगर कांग्रेस अपनी विरासत की रक्षा ही नहीं कर सकती है, तो वे दूसरों के लिए क्‍या कर सकते हैं.

कुलगाम में पत्रकारों से बात करते हुए उन्‍होंने ये बातें कहीं. गुलाम नबी आजाद ने कहा था कि आर्टिकल 370 पर जो बहस थी, अब वह खत्‍म हो चुकी है. लोगों को अब राज्‍य की मांग करनी चाहिए. जल्‍द से जल्‍द राज्‍य में चुनाव हों, लोगों की जमीन की रक्षा हो और उनकी भू अधिकारों की भी रक्षा सुनिश्चित हो. इन सभी बातों की मांग करनी चाहिए. दरअसल, 5 अगस्त 2019 को केंद्र की मोदी सरकार ने आर्टिकल-370 और 35A को निरस्त कर जम्मू-कश्मीर को दिए गए विशेष दर्जे को रद्द कर दिया था. 

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