पहलगाम अटैक के एक साल बाद घाटी में फिर टारगेट किलिंग, सुरक्षा एजेंसियों के लिए क्यों चिंता की बात?

पहलगाम आतंकी हमले के करीब एक साल बाद कश्मीर में फिर आतंकियों ने हमला किया है. अनंतनाग में अमरनाथ यात्रा ड्यूटी पर तैनात एक पुलिसकर्मी की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जिसके बाद घाटी में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया.

Advertisement
पहलगाम हमले में 26 पर्यटक मारे गए थे. (Representative image) पहलगाम हमले में 26 पर्यटक मारे गए थे. (Representative image)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 23 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 11:03 AM IST

पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले के करीब एक साल बाद कश्मीर घाटी में आतंकियों ने फिर हमला किया है. बुधवार को दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग में अमरनाथ यात्रा ड्यूटी पर तैनात जम्मू-कश्मीर पुलिस के हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी की आतंकियों ने गोली मारकर हत्या कर दी. भारत ने पहलगाम हमले के जवाब में ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान को बड़ी चोट दी थी. साथ ही भारत ने चेतावनी दी थी कि अब भारत में आतंकी हमला होता है तो उसे "एक्ट ऑफ वॉर" माना जाएगा.

Advertisement

हमलावर ने अनंतनाग में उन्हें बेहद करीब से निशाना बनाया. अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. आशिक हुसैन कुरैशी भारतीय रिजर्व पुलिस में तैनात थे और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) के साथ जुड़े हुए थे. वह अपने पीछे पत्नी और तीन बच्चों को छोड़ गए हैं. उस समय अमरनाथ यात्रा खराब मौसम के कारण अस्थायी रूप से स्थगित थी.

यह भी पढ़ें: जम्मू-कश्मीर: अनंतनाग के लाल चौक पर टेरर अटैक, पुलिस कांस्टेबल को आतंकियों ने मारी गोली, इलाका सील

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कहा कि यह कार्रवाई आतंकी संगठनों को लॉजिस्टिक, आर्थिक, संचार, परिवहन और ठिकाने जैसी मदद देने वाले नेटवर्क की पहचान करने के लिए की जा रही है. पुलिस का कहना है कि इसका मकसद संभावित आतंकी गतिविधियों को रोकना और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है.

Advertisement

मनोज सिन्हा ने दोषियों को सख्त सजा देने की बात कही

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने हमले की निंदा करते हुए कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने कहा कि पूरा देश शहीद जवान के परिवार के साथ खड़ा है और सुरक्षा बल हमलावरों को जल्द न्याय के कटघरे तक पहुंचाएंगे.

यह भी पढ़ें: जम्मू-कश्मीर में कुदरत का लगातार प्रहार, सेकंड्स में पूरा शॉप‍िंग मार्केट नदी में समाया, Video

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी घटना पर दुख जताते हुए कहा कि हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी ने कायराना आतंकी हमले में सर्वोच्च बलिदान दिया है. वहीं पुलिस ने मीडिया से अपील की है कि जांच प्रभावित होने से बचाने के लिए घटना से जुड़े फोटो और वीडियो प्रसारित न किए जाएं.

पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुआ था आतंकी हमला

पहलगाम आतंकी हमले को पूरा एक साल बीत चुका है, जब पिछले साल 22 अप्रैल 2025 को आतंकियों ने बैसरन घाटी में निर्दोष पर्यटकों को निशाना बनाया था. इस दर्दनाक हादसे में 26 लोगों की जान चली गई थी, जिसके बाद पूरे देश में सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ कड़े कदम उठाए गए. हमलावरों ने कथित रूप से वहां मौजूद लोगों से उनका धर्म पूछकर उनपर अंधाधुंध गोलियां चलाई थीं, जिसने घाटी समेत पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था.

Advertisement

भारत ने इस आतंकी हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में बड़े हवाई हमले किए. पाकिस्तान के कई एयरबेस को तबाह कर दिया गया. इतना ही नहीं आतंकियों पर चोट करते हुए भारतीय सेना ने जबरदस्त मिसाइलें दागी थीं. भारत ने साथ ही पाकिस्तान को चेतावनी दी थी कि अब अगर आतंकी हमला होता है तो उसे "एक्ट ऑफ वॉर" माना जाएगा.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »