210 फुट का दशानन : अंबाला के बराड़ा में रावण का दुनिया का सबसे ऊंचा पुतला

बराड़ा के नाम दुनिया के सबसे ऊंचे रावण का रिकॉर्ड लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड्स में 5 बार दर्ज हो चुका है. बुक में 2011 में पहली बार ये रिकॉर्ड 2009 में बने पुतले के लिए दर्ज हुआ था. तब से लगातार पुतले की ऊंचाई बढ़ती गई, इस वजह से 2013, 2014, 2015, 2016 में भी इसे लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड्स में एंट्री मिली.

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210 फुट का रावण 210 फुट का रावण

खुशदीप सहगल

  • अंबाला,
  • 22 सितंबर 2017,
  • अपडेटेड 5:12 PM IST

अंबाला जिले के बराड़ा में दुनिया के सबसे ऊंचे रावण के पुतले का दशहरे पर दहन किया जाएगा. 210 फुट के पुतले को बराड़ा के मैदान में 24 सितंबर को खड़ा कर दिया जाएगा. इस पुतले को बनाने में छह महीने लगे हैं. इस पर 5 लाख रूपए की लागत आई है.

बता दें कि श्री क्लब बराड़ा की ओर से हर साल दशहरा महोत्सव का आयोजन किया जाता है. इस साल भी 5 दिवसीय ये महोत्सव 26 सितंबर से शुरू होकर 30 सितंबर तक चलेगा. बराड़ा के नाम दुनिया के सबसे ऊंचे का रिकॉर्ड लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड्स में 5 बार दर्ज हो चुका है. बुक में 2011 में पहली बार ये रिकॉर्ड 2009 में बने पुतले के लिए दर्ज हुआ था. तब से लगातार पुतले की ऊंचाई बढ़ती गई, इस वजह से 2013, 2014, 2015, 2016 में भी इसे लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड्स में एंट्री मिली.

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करीब 4 टन वजन के पुतले की ऊंचाई इस बार बीते साल की तरह ही 210 फीट रखी गई है. पुतले का निर्माण रामलीला क्लब के संस्थापक अध्यक्ष तेजेंद्र चौहान के निर्देशन में कराया गया है. चौहान के मुताबिक पुतले के निर्माण में 10 क्विंटल बांस, 25 क्विंटल लोहा, 2000 मीटर कपड़ा, 1 क्विंटल बोरी-टाट, 1 क्विंटल लेई, 1 क्विंटल सुतली और 1.5 क्विंटल फाइबर का इस्तेमाल हुआ.   

रावण के भारी भरकम पुतले को खड़ा करने में कई बड़ी क्रेनों की मदद ली जाती है. हर साल बराड़ा में दशहरे पर रावण दहन देखने के लिए दो से तीन लाख लोग जुटते हैं. तेजेंद्र चौहान के मुताबिक समाज में भ्रष्टाचार, दहेज प्रथा, आतंकवाद, बलात्कार जैसी बुराइयां बढ़ी हैं, वैसे ही इस पुतले का कद भी बढा है. चौहान ने दावा किया कि पुतले की वजह से बराड़ा की पूरे विश्व के मानचित्र पर अलग पहचान बनी है. चौहान ने बताया कि उन्होंने सबसे पहले 1987 में पुतले बनाने की शुरुआत की थी लेकिन तब उसकी ऊंचाई सामान्य पुतलों जैसी ही होती थी.

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