हरियाणा में 36 दिनों से चल रही सफाई कर्मचारियों की हड़ताल आखिरकार खत्म हो गई है. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ हुई बैठक के बाद सफाई कर्मचारियों की 16 मांगों पर सहमति बनी है. हड़ताल खत्म होने के बाद करनाल समेत प्रदेशभर में सफाई कर्मचारी अपने काम पर लौट आए हैं और शहरों में बिगड़ी सफाई व्यवस्था को दोबारा पटरी पर लाने के लिए सड़कों पर उतरकर सफाई का काम शुरू कर दिया है.
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण प्रदेशभर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी. शहरों में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए थे और गंदगी की वजह से बीमारी फैलने का खतरा बढ़ रहा था. हड़ताल के दौरान कई बार सफाई कर्मचारी और पुलिस भी आमने-सामने हुए. सफाई कर्मचारियों का कहना था कि जब तक सरकार उन्हें पक्का नहीं करती, तब तक वे अपनी हड़ताल वापस नहीं लेंगे.
सफाई कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल और सरकार के नुमाइंदों के बीच पहले भी बातचीत हुई थी, लेकिन बात नहीं बन पाई थी. इसके बाद चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और सफाई कर्मचारियों के राज्य प्रधान नरेश शास्त्री समेत कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल, कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी, कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल और आला अधिकारियों के बीच बैठक हुई. इस बैठक में 16 मांगों पर सहमति बनने के बाद कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल वापस ले ली.
हड़ताल खत्म होते ही सफाई में जुटे कर्मचारी
हड़ताल खत्म होने के बाद करनाल में सफाई कर्मचारी शहर की बिगड़ी व्यवस्था को सुधारने के लिए सड़कों पर उतर गए. सफाई कर्मचारियों ने कहा कि सरकार के साथ हुई बैठक में उनकी मांगों को मान लिया गया है, जिसके बाद वे आज से अपने काम पर लौट चुके हैं. शहर को पहले की तरह सुंदर बनाने के लिए रात-दिन काम किया जाएगा और जिस तरह पहले शहर की सफाई व्यवस्था को बनाया गया था, उसी तरह एक बार फिर शहर को साफ-सुथरा बनाया जाएगा.
सफाई कर्मचारियों ने कहा कि अगर सरकार पहले ही उनकी मांगें मान लेती, तो उन्हें हड़ताल पर जाने की जरूरत नहीं पड़ती और शहर के ऐसे हालात नहीं होते. अब सरकार ने उनकी मांगें मान ली हैं, इसलिए दोबारा से शहर को साफ-सुथरा बनाया जा रहा है.
वर्दी भत्ते से लेकर मेडिकल चेकअप तक पर बनी सहमति
बैठक में सफाई कर्मियों को एकमुश्त वर्दी भत्ते के स्थान पर 440 रुपये प्रतिमाह वर्दी भत्ता दिए जाने पर सहमति बनी है. समान काम-समान वेतन और एरियर की मांग के संबंध में पात्र कर्मचारियों को भुगतान किया जा चुका है. पालिका रोल के सफाई कर्मचारियों को हिदायतों के अनुसार LTC का लाभ दिया जा रहा है. सफाई कर्मचारियों और सीवरमैन, जिनमें नियमित, पालिका रोल और HKRNL कर्मचारी शामिल हैं, का स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से हर साल नगर निकाय के खर्चे पर मेडिकल चेकअप कराने के लिए हिदायतें जारी की गई हैं.
वहीं, सरकारी कर्मचारियों पर लागू मेडिकल कैशलेस नीति का लाभ नगर निकायों के नियमित कर्मचारियों, पेंशन धारकों और उनके आश्रितों को भी देने की सैद्धांतिक स्वीकृति बनी है. पालिका रोल के सफाई कर्मचारियों को 2,000 रुपये प्रतिमाह जोखिम भत्ता देने के बारे में विभाग की ओर से हिदायतें पहले ही जारी की जा चुकी हैं. नियमित कर्मचारियों को भी जोखिम भत्ता देने पर सहमति बनी है.
मौत पर 10 लाख रुपये तक दुर्घटना बीमा
बैठक में कार्य के दौरान मृत्यु की स्थिति में पालिका रोल के सफाई वर्कर्स, जिसमें सफाई कर्मचारी, सीवरमैन, सफाई दरोगा और हेड सीवरमैन शामिल हैं, के लिए मुख्यमंत्री हरियाणा कर्मचारी दुर्घटना बीमा योजना के तहत राशि 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये किए जाने की सैद्धांतिक स्वीकृति बनी है. इसके अलावा SBI बैंक में बचत खाता खुलवाने वाले पालिका रोल के सफाई कर्मचारियों और सीवरमैन को बैंक की ओर से दुर्घटना में मृत्यु और स्थायी दिव्यांगता पर 50 लाख रुपये तथा आंशिक दिव्यांगता पर 25 लाख रुपये की राशि देने पर सहमति बनी है.
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना-चिरायु में पालिका रोल के सफाई कर्मचारियों और सीवरमैन को शामिल करने की भी सैद्धांतिक स्वीकृति बनी है. इसके लिए 9,203 रुपये प्रति वर्ष प्रति कर्मचारी प्रीमियम का भुगतान संबंधित नगर निकाय द्वारा किया जाएगा.
20 मेडिकल अवकाश और पदोन्नति का भी रास्ता साफ
बैठक में एक कैलेंडर वर्ष में कुल 20 मेडिकल अवकाश देने पर सहमति बनी है. इसके साथ ही योग्य सफाई कर्मचारियों और सीवरमैन को लिपिक यानी ग्रुप C पदों पर पदोन्नति देने के लिए संबंधित सेवा नियमों में संशोधन करने की सैद्धांतिक स्वीकृति भी बनी है. पालिका रोल पर कार्यरत सीवरमैन के वेतन में 2,100 रुपये की मासिक वृद्धि करने की सैद्धांतिक स्वीकृति बनी है. आउटसोर्सिंग एजेंसियों के माध्यम से कार्यरत सफाई कर्मचारियों और सीवरमैन को निर्धारित न्यूनतम वेतन तथा पात्र कर्मचारियों को ESI और EPF का लाभ सुनिश्चित किया जाएगा.
खाली पदों पर होगी भर्ती
बैठक में सीवरमैन और सफाई कर्मचारियों के खाली पदों पर भर्ती को लेकर भी सहमति बनी है. सरकार द्वारा प्रक्रिया निर्धारित करने के बाद एक महीने में चयन के मापदंड तय किए जाएंगे और 15 दिन में विज्ञापन जारी किया जाएगा. मापदंड समिति में संघ प्रतिनिधि भी सदस्य होगा. रिक्त पदों पर भर्ती समय-समय पर जारी रहेगी. नियमित कर्मचारियों का सस्पेंशन बहाल किए जाने पर भी सहमति बनी है. इसके अलावा सेवा समाप्त किए गए पालिका रोल और HKRNL कर्मचारियों को दोबारा सेवा में लेने पर सहमति बनी है. मुकदमे वापस लेने पर नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई होगी.
हड़ताल अवधि के दिनों को अतिरिक्त कार्य कर समायोजित किया जाएगा. बैठक में यह भी सहमति बनी कि जॉब सिक्योरिटी एक्ट के तहत मृत्यु के बाद परिवार को नौकरी और ग्रेच्युटी का प्रावधान है, जो प्रदान किया जा सकता है.
कमलदीप