'पेंसिल कंपनी' के नाम पर ठगी, नकली बैंक किट बेचने वाले कुल 6 आरोपी गिरफ्तार

गुरुग्राम पुलिस ने नूंह जिले में तीन अलग-अलग साइबर ठगी मामलों में छह संदिग्ध अपराधियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने उनके पास से मोबाइल फोन, फर्जी सिम कार्ड, एटीएम कार्ड और अन्य डिजिटल सबूत बरामद किए हैं. आरोपियों में दो भाई शामिल हैं जो 'नटराज पेंसिल कंपनी' के नाम पर लोगों को वर्क फ्रॉम होम का झांसा देकर ठगते थे. वहीं तीन अन्य आरोपी नकली बैंक किट और एटीएम कार्ड बेचते थे.

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गुरुग्राम में 6 ठग गिरफ्तार (Photo: AI-generated) गुरुग्राम में 6 ठग गिरफ्तार (Photo: AI-generated)

aajtak.in

  • गुरुग्राम,
  • 17 अगस्त 2025,
  • अपडेटेड 11:03 PM IST

साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों के बीच गुरुग्राम पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नूंह जिले से छह संदिग्ध साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है. ये आरोपी तीन अलग-अलग ठगी के मामलों में लोगों से लाखों रुपये हड़प चुके हैं. पुलिस ने इनके पास से कई डिजिटल सबूत भी बरामद किए हैं.

न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक नूंह पुलिस ने बताया कि, गिरफ्तार आरोपियों में तिरवाड़ा गांव निवासी दो सगे भाई तौहीद और वाहिद शामिल हैं. दोनों भाई 'नटराज पेंसिल कंपनी' के नाम पर वर्क फ्रॉम होम की झूठी स्कीम चलाते थे और लोगों से पैसे ऐंठते थे. पुलिस ने उनके पास से दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनमें फर्जी व्हाट्सऐप, फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट बनाए गए थे. ये अकाउंट 'राजीव सिंह' और 'पूजा देवी' के नाम से संचालित हो रहे थे.

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दूसरे मामले में पुलिस ने फिरोजपुर दहाड़ गांव निवासी मोहम्मद तस्लीम को गिरफ्तार किया है. उस पर लोगों को ऑनलाइन ठगने का आरोप है. पुलिस उसके डिजिटल उपकरणों की जांच कर रही है ताकि और सबूत जुटाए जा सकें.

कुल 6 ठग चढ़े पुलिस के हत्थे

तीसरे मामले में नूंह पुलिस ने तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है. ये लोग नकली बैंक किट, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड बेचने का धंधा चला रहे थे. पुलिस ने इनके पास से यूको बैंक, यूनियन बैंक और इंडियन बैंक के फर्जी एटीएम कार्ड, वोडाफोन-आइडिया और एयरटेल के कई सिम कार्ड, रियलमी और वीवो मोबाइल फोन बरामद किए हैं.

नूंह पुलिस के प्रवक्ता कृष्ण कुमार ने बताया कि सभी मामलों में तकनीकी साक्ष्य और डिजिटल फुटप्रिंट की जांच की जा रही है. आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनके नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश की जा रही है. पुलिस का मानना है कि इनका संबंध बड़े साइबर गिरोहों से हो सकता है, जो देशभर में ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं.

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गौरतलब है कि नूंह और आसपास के इलाके पिछले कुछ समय से साइबर अपराधों के गढ़ माने जा रहे हैं. पुलिस लगातार ऐसे गिरोहों पर शिकंजा कस रही है, लेकिन ऑनलाइन फ्रॉड की घटनाओं में कमी नहीं आ रही है.

 

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