खूंखार हुए आवारा कुत्ते, 15 दिनों में 477 लोगों को काटा, एक बच्ची की हो चुकी है मौत

सूरत के लोग इन दिनों आवारा कुत्तों की वजह से खौफ में हैं. बच्चों को घर से अकेले बाहर भेजने में लोग डर रहे हैं. बीते 15 दिनों में शहर में कुत्तों के हमले में 477 लोग घायल हुए हैं. कुत्तों का शिकार बने लोगों में बच्चे भी शामिल हैं. कुछ दिनों पहले एक बच्ची की हुई थी मौत.

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सांकेतिक तस्वीर. सांकेतिक तस्वीर.

गोपी घांघर

  • सूरत,
  • 20 फरवरी 2023,
  • अपडेटेड 7:23 PM IST

सूरत में इन दिनों आवारा कुत्तों ने आतंक मचा रखा है. सूरत म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के इलाके में बीते 15 दिनों में कुत्तों के काटने (Street Dog Bite) के 477 मामले दर्ज किए गए हैं. कुत्तों के शिकार हुए लोगों नें तीन साल के बच्चे से लेकर वृद्ध तक शामिल हैं. दो पहिया वाहन और पैदल जा रहे लोगों पर भी कुत्तों ने हमला किया है.

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कुत्तों के काटे जाने के कारण एक बच्ची की मौत भी हुई है. एक तरफ सूरत म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन आवारा कुत्तों की नसबंदी किए जाने का दावा कर रही है, जिससे आवारा कुत्तों की संख्या कम होगी. मगर, आवारा कुत्तों के लोगों पर हमले कम करने के लिए उन्हें पकड़ने का काम नहीं किया गया है.

अकेले सूरत में पिछले 15 दिनों में 477 लोगों कुत्ते के काटने के बाद इलाज कराने के लिए अस्पताल पहुंचे हैं. सोमवार को भी 15 लोग कुत्ते के काटने की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचे. इन घायलों में दो बच्चे भी शामिल हैं. 

टीकाकरण के लिए प्राइवेट कंपनी को टेंडर

सूरत म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की मेयर हिमाली बोधावाला का कहना है कि कॉर्पोरेशन के जरिए कुत्ते की नसबंदी और टीकाकरण के लिए प्राइवेट कंपनी को टेंडर दिया गया है. कंपनी ने अब तक 12 हजार कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण किया है. कुल 20 हजार कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण होना है.

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हर रोज सामने आ रहे 20 से ज्यादा मामले

बताया गया है कि सूरत में हर रोज 20 से ज्यादा मामले कुत्ते के काटने के सामने आ रहे हैं. बच्चों को घर से बहार अकेले भेजने में भी लोगों का डर लग रहा है. मेयर हिमाली बोधावाला का कहना है कि कुत्ते को पकड़ने के लिए अब म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने नए पिंजरों का भी ऑर्डर दिया है. 

सबसे ज्यादा शिकार बन रहे बच्चे

कुत्तों के हमले में सबसे ज्यादा शिकार बच्चे हो रहे हैं. रविवार को दो साल की बच्ची पर 3 कुत्तों ने हमला किया और उसे हाथ, पैर और पेट पर बुरी तरह से काटा. बच्ची सूरत के अस्पताल के आईसीयू में भर्ती है. वहीं, कुत्ते के दांत शरीर में गहरे घुस जाने की वजह से उसके फेफड़े भी डैमेज हुए हैं. बीती 8 फरवरी को कुत्ते के हमले घायल बच्ची की मौत हुई थी.

मादा डॉग का आतंक सबसे ज्यादा

कुत्ते के बढ़ते आतंक के बाद अब सूरत म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की टीम ने 24x7 Dog Catching टीम को भी तैनात किया है. एनिमल हस्बैंडरी डॉक्टर का कहना है  कि मादा डॉग में कुछ हार्मोनल चेंज दर्ज किए गए हैं. इस वजह से वह लोगों को अपना शिकार बना रही हैं.

साथ ही जहां तक मेल डॉग की बात है, तो वे तब हमला करते हैं, जब भूखे होते हैं. कुत्तों के प्रजनन की प्रक्रिया में भी चेंज देखने को मिला है. इसकी वजह से कुत्ते इंसान को काट रहे हैं.   

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