गुजरात विधानसभा में पेश होगा गौरक्षा बिल, अमित शाह भी सदन पहुंचे

गुजरात में विधानसभा चुनाव करीब आने के बीच बीजेपी ने यहां भी गौरक्षा कार्ड खेलने की तैयारी कर ली है. विजय रुपानी सरकार गायों की सुरक्षा से जुड़े कानून को और सख्त बनाने वाला एक बिल आज विधानसभा में पेश करने जा रही है. इस बीच अमित शाह भी सदन में मौजूद रहेंगे.

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प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

गोपी घांघर

  • @gopimaniar,
  • 30 मार्च 2017,
  • अपडेटेड 1:06 PM IST

गुजरात में विधानसभा चुनाव करीब आने के बीच बीजेपी ने यहां भी गौरक्षा कार्ड खेलने की तैयारी कर ली है. विजय रुपानी सरकार गायों की सुरक्षा से जुड़े कानून को और सख्त बनाने वाला एक बिल आज विधानसभा में पेश करने जा रही है. इस बीच अमित शाह भी सदन में मौजूद रहेंगे.

नए गौरक्षा बिल में सख्त प्रावधान
गुजरात में - 1957 के तहत गायों और बछड़ों की हत्या अपराध है. अगर नया विधेयक कानून में तब्दील होता है तो अधिनियम में सजा के प्रावधान और भी कठोर हो जाएंगे. माना जा रहा है कि नए संशोधनों में अवैध रूप से गायों की हत्या करने वालों की सजा बढ़ाकर 7-10 साल कर दी गई है. फिलहाल ये सजा 3 से 7 साल है. इसके अलावा कानून के तहत जुर्माने को 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रुपये करने का भी प्रस्ताव है.

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नए विधेयक में पुलिस को अधिकार दिया गया है कि वो अवैध रूप से मवेशी ढोने वाले वाहनों को जब्त कर सके. इससे पहले ऐसे वाहनों को एफआईआर दर्ज होने के 6 महीने बाद छोड़ना होता था. सरकार की दलील है कि दुधारू पशुओं को बचाने के लिए ये कदम उठाया जा रहा है.

विधानसभा में अमित शाह का जोरदार स्वागत
गुजरात सरकार गौरक्षा कानून में संशोधन के साथ ही प्राइवेट स्कूल की फीस पर नियंत्रण और भूमि आवंटन संशोधन विधेयक भी पेश करेगी. ऐसे में सरकार के लिए आज का दिन महत्वपूर्ण माना जा रहा है और यहां नारायणपुरा से विधायक बीजेपी अध्यक्ष शाह भी विधानसभा की कार्रवाही में शरीक होने सदन पहुंच चुके हैं, जहां बीजेपी के मंत्रियों और विधायकों ने उनका जोरदार स्वागत किया. शाह दो साल के बाद सदन की कार्यवाही में शामिल हो रहे हैं. इससे पहले वह मार्च, 2015 में आखिरी बार विधानसभा सत्र में शामिल हुए थे.

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राज्य में जल्द चुनाव की अटकलें तेज
इसके बाद अमित शाह अपने विधानसभा क्षेत्र में एक सामुदायिक भवन के लिए भूमि पूजन कार्यक्रम में भी शरीक होंगे. इसके अलावा वह पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे. माना जाता है कि इस बैठक में विधानसभा चुनावों के लिए रणनीति पर चर्चा होगी.

गुजरात में इस साल के अंत में चुनाव होने हैं और ऐसे पार्टी के इस चाणक्य के यहां पहुंचने के बाद राज्य में वक्त से पहले विधानसभा चुनाव कराए जाने की अटकलें तेज हो गई. हालांकि अध्यक्ष अमित शाह ने संकेत दिया कि राज्य में इस साल के आखिर तक ही चुनाव होंगे न कि उससे पहले.

मोदी के विजय रथ के स्वागत का आह्वान
इससे पहले ने बुधवार को बीजेपी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा था कि नवंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजयरथ का स्वागत करने के लिए तैयार रहिए. उन्होंने कहा, देश के विभिन्न हिस्सों से यात्रा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा का विजय रथ नवंबर में गुजरात में दाखिल होने वाला है. शाह ने यहां कहा, शानदार जीत हासिल का हम संकल्प लें और मोदी के विजयरथ को गुजरात से आगे ओडिशा भेजें.

कांग्रेस नेता भरतसिंह सोलंकी और शंकरसिंह वाघेला ने हाल ही में कई मौकों पर दावा किया था कि विधानसभा चुनाव अप्रैल या मई में होंगे, वैसे यह दिसंबर, 2017 में होने हैं. वहीं नारे 'कांग्रेस आ रही है' का कटाक्ष करते हुए शाह ने कहा, ...लेकिन लोग कह रहे हैं कि कांग्रेस जा रही है.

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बता दें कि गुजरात में पाटीदार, दलित और ओबीसी आंदोलन से लगातार बैकफुट पर रही बीजेपी को यूपी में मिली जीत से एक नई ऊर्जा मिली है. पार्टी यूपी की जीत का फायदा गुजरात में उठाना चाहती है. ऐसे में अमित शाह के इस गुजरात दौरे को बीजेपी की चुनावी तैयारियों के रूप में ही देखा जा रहा हैं

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