दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन, पाकिस्तान से चल रहे 480 सोशल मीडिया अकाउंट किए ब्लॉक

20 जुलाई के चलो संसद मार्च के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हो रही भ्रामक सामग्री के बीच दिल्ली पुलिस ने पाकिस्तान से चल रहे 480 सोशल मीडिया अकाउंट्स की पहचान कर उन्हें ब्लॉक कर दिया है. पुलिस का कहना है कि ये अकाउंट अफवाहें फैलाकर खासकर छात्रों और युवाओं को गुमराह करने की कोशिश कर रहे थे.

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दिल्ली पुलिस ने पाकिस्तान से चल रहे सोशल मीडिया अकाउंट्स की पहचान की. (Photo- AFP) दिल्ली पुलिस ने पाकिस्तान से चल रहे सोशल मीडिया अकाउंट्स की पहचान की. (Photo- AFP)

हिमांशु मिश्रा

  • नई दिल्ली ,
  • 23 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 10:56 PM IST

कॉकरोच जनता पार्टी के 20 जुलाई के चलो संसद मार्च के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं. इसी बीच सोशल मीडिया पर प्रदर्शन से जुड़े कई वीडियो और दावे तेजी से वायरल हुए. दिल्ली पुलिस का कहना है कि इनमें से कुछ सामग्री पाकिस्तान से संचालित सोशल मीडिया नेटवर्क के जरिए फैलाई जा रही थी.

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दिल्ली पुलिस के अनुसार, पाकिस्तान से संचालित 480 सोशल मीडिया हैंडल की पहचान की गई है. पुलिस का कहना है कि ये अकाउंट सुनियोजित तरीके से अफवाहें और भ्रामक जानकारी फैलाने में लगे हुए थे. कार्रवाई करते हुए इन सभी सोशल मीडिया अकाउंट्स को ब्लॉक कर दिया गया है.

चलो संसद मार्च के बाद सोशल मीडिया पर बढ़ी भ्रामक पोस्ट

पुलिस का कहना है कि इन विदेशी सोशल मीडिया हैंडल का मकसद लोगों, खासकर छात्रों और युवाओं को गुमराह करना था. पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन से जुड़े मामलों में फर्जी और अपुष्ट जानकारी फैलाकर भ्रम का माहौल बनाने की कोशिश की जा रही थी.

दिल्ली पुलिस ने छात्रों और युवाओं से विशेष रूप से सतर्क रहने की अपील की है. पुलिस ने कहा है कि किसी भी विदेशी सोशल मीडिया अकाउंट से मिलने वाली जानकारी पर आंख बंद करके भरोसा न करें. किसी भी दावे को साझा करने या उस पर विश्वास करने से पहले उसकी सत्यता की जांच जरूर करें.

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पुलिस ने लोगों से केवल सत्यापित और आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है. साथ ही सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने और अफवाहों से दूर रहने की सलाह दी है.

दिल्ली पुलिस ने सत्यापित जानकारी पर भरोसा करने की अपील की

दिल्ली पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक सूचनाएं लोगों को भ्रमित कर सकती हैं. ऐसे में जरूरी है कि किसी भी जानकारी को आगे बढ़ाने से पहले उसके स्रोत और तथ्य की पुष्टि कर ली जाए.
 

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