Delhi Weather: मॉनसून के लिए दिल्ली अभी दूर...इस महीने नहीं होगी एंट्री! जानें मौसम का हाल

Delhi Monsoon Update: बंगाल की खाड़ी में अनुकूल मौसम प्रणाली न बनने की वजह से दिल्ली में मॉनसून की एंट्री में रुकावट आ रही है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, अरब सागर से आने वाली मॉनसून की हवाएं कमजोर हैं और दो हिस्सों में बंटी हैं, जिससे उत्तर भारत में बारिश कम हो रही है. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पूरे देश में इस साल मॉनसून सामान्य से कमजोर रह सकता है.

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Monsoon Delay in Delhi, आमतौर पर 26-27 जून तक दिल्ली पहुंचता है मानसून (File Photo- ITG) Monsoon Delay in Delhi, आमतौर पर 26-27 जून तक दिल्ली पहुंचता है मानसून (File Photo- ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 19 जून 2026,
  • अपडेटेड 11:05 AM IST

Monsoon delay in Delhi: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लोगों को अभी मॉनसून का लंबा इंतजार करना होगा. मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, दिल्ली में मॉनसून सामान्य तारीख 27 जून के बजाय जुलाई के पहले हफ्ते में दस्तक दे सकता है.इसकी मुख्य वजह बंगाल की खाड़ी में अनुकूल मौसम प्रणाली का न बनना है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, सामान्य तौर पर जून के आखिरी हफ्ते में मॉनसून की एंट्री हो जाती है, लेकिन इस बार देरी होने की संभावना है.

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मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, आमतौर पर 18-19 जून के आसपास बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनता है. इससे अरब सागर की नमी वाली हवाएं दक्षिण भारत की ओर बढ़ती हैं. फिर यह सिस्टम ओडिशा, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश होते हुए उत्तर-पश्चिम भारत की ओर बढ़ता है. इससे एंटी-क्लॉकवाइज सर्कुलेशन बनता है, जो मॉनसून को आगे बढ़ाने में मदद करता है. लेकिन इस बार यह जरूरी सिस्टम नहीं बना है.

स्काईमेट के मौसम विशेषज्ञ महेश पलावत ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में अभी तक अनुकूल सिस्टम नहीं बना है. 25-26 जून के आसपास बंगाल की खाड़ी में अनुकूल सिस्टम बनने की उम्मीद है. इसके बाद मॉनसून दिल्ली पहुंच सकता है, यानी जुलाई का पहला हफ्ता हो सकता है.

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भारतीय मौसम विभाग (IMD) के वैज्ञानिक कृष्ण मिश्रा ने कहा कि अरब सागर से आने वाली मॉनसून की हवाएं कमजोर होकर दो हिस्सों में बंट गई हैं. एक हिस्सा दक्षिण भारत की ओर जा रहा है तो दूसरा राजस्थान की ओर. इससे उत्तर भारत में मजबूत बारिश नहीं हो पा रही है.

बता दें कि 4 जून से 18 जून तक देश में 41 प्रतिशत कम बारिश हुई है. इस दौरान देश में 42.6 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि सामान्य 72.2 मिलीमीटर होती है.  वहीं, मौसम विभाग (IMD) ने बताया कि बड़े पैमाने पर अनुकूल मौसम स्थितियां न बनने की वजह से महाराष्ट्र के बाकी हिस्सों में मॉनसून आगे नहीं बढ़ पाया है.

मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में 21 जून तक बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है. इसके बाद आसमान में बादल छाए रहेंगे. महेश पलावत ने स्पष्ट किया कि दिल्ली में हो रही बारिश और गरज-चमक पश्चिमी विक्षोभ यानी वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और उत्तर भारत में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से हो रही है. IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, पूरे देश में इस साल मॉनसून सामान्य से कमजोर रह सकता है. जून में भी औसत से कम बारिश होने की संभावना है.

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