दिल्ली मेट्रो के इन स्टेशनों पर डोनेट कर सकते हैं पुराने कपड़े....सरकार ने शुरू की अर्पण योजना

दिल्ली सरकार ने मेट्रो स्टेशनों पर 'अर्पण योजना' शुरू की है, जहां लोग अपने पुराने कपड़े दान कर सकते हैं. इस पहल का मकसद कपड़ों को कूड़ेदान तक पहुंचने से रोकना, उन्हें जरूरतमंदों तक पहुंचाना और रीसायकल या अपसायकल करना है. पहले फेज में 10 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर केंद्र स्थापित किए गए हैं. लोग सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक कपड़े दान कर सकते हैं.

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दिल्ली सरकार ने मेट्रो स्टेशनों पर अपर्ण योजना की शुरुआत की है. (फोटो-PTI) दिल्ली सरकार ने मेट्रो स्टेशनों पर अपर्ण योजना की शुरुआत की है. (फोटो-PTI)

मनीष चौरसिया

  • नई दिल्ली,
  • 05 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 6:28 PM IST

राजधानी दिल्ली में अब पुराने कपड़े सिर्फ अलमारी का बोझ नहीं बनेंगे. दरअसल, दिल्ली सरकार ने पुराने कपड़ों को कूड़ेदान या लैंडफिल साइट तक पहुंचने से रोकने के लिए एक नई पहल शुरू की है. इसका नाम ‘अर्पण योजना’ रखा गया है, जिसके तहत दिल्ली के मेट्रो स्टेशनों पर पुराने कपड़े दान करने की सुविधा दी जा रही है.

3 अगस्त से पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार फेज-1 मेट्रो स्टेशन पर पहला ‘अर्पण केंद्र’ शुरू हो चुका है. दिल्ली सरकार ने DMRC और सहयोगी संस्थाओं के साथ मिलकर इसकी शुरुआत की है. पहले चरण में दिल्ली के 10 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर ये केंद्र बनाए जा रहे हैं.

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इनमें मयूर विहार फेज-1 के अलावा पंजाबी बाग वेस्ट, शालीमार बाग, शाहदरा, रोहिणी वेस्ट, हौज खास, लाजपत नगर, मालवीय नगर, द्वारका और मोहन एस्टेट जैसे स्टेशन शामिल हैं.

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इस तरह से डोनेट कर सकेंगे कपड़ें

इन केंद्रों पर लोग बहुत ही आसान तरीके से अपने पुराने कपड़े दे सकते हैं. केंद्र पर एक स्कैनर लगा हुआ है. इसे स्कैन करके एक छोटा सा फॉर्म भरना होता है, जिसमें अपना नाम, मोबाइल नंबर और दान किए जाने वाले कपड़ों का वजन (किलो में) दर्ज करना होता है. लोग सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक अपने साफ और पहनने योग्य पुराने कपड़े यहां जमा करा सकते हैं.

यहां जमा होने वाले कपड़ों की सबसे पहले छंटाई की जाती है. जो कपड़े अच्छी हालत में होते हैं, उन्हें जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाया जाता है. बाकी कपड़ों को रीसायकल या अपसायकल करके नए कपड़े, बैग, धागा और अन्य उपयोगी सामान तैयार किए जाते हैं. 

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मयूर विहार कियोस्क संभाल रही मीरा ने बताया कि सिर्फ दो दिनों में ही लोगों ने 100 किलो से ज्यादा कपड़े दान कर दिए हैं.

उन्होंने कहा कि यह पहल पर्यावरण को सुरक्षित रखने और जरूरतमंदों की मदद करने की दिशा में एक बड़ा कदम है. अगर आपके घर में भी ऐसे कपड़े रखे हैं जिनका आप इस्तेमाल नहीं करते, तो उन्हें फेंकने के बजाय नजदीकी अर्पण केंद्र पर पहुंचा सकते हैं.

 

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