केंद्र सरकार के इशारे पर हुई सिसोदिया के घर रेड: AAP

आप नेताओं ने कहा कि दिल्ली सरकार की छवि को खराब करने के लिए इस मामले को जानबूझकर बढ़ा-चढ़ा कर उठाया जा रहा है. इस मामले में सीबीआई जांच और छापे की कार्रवाई राजनीतिक दुर्भावना के तहत कराई जा रही है.

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सिसोदिया से पूछताछ पर AAP में हड़कंप सिसोदिया से पूछताछ पर AAP में हड़कंप

मणिदीप शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 17 जून 2017,
  • अपडेटेड 3:38 AM IST

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के घर सीबीआई अधिकारियों के जाने से बवाल मच गया. आम आदमी पार्टी ने सीधा आरोप लगाया कि यह पूछताछ नहीं रेड है और ये भारतीय जनता पार्टी की केंद्र सरकार के इशारे पर हुई है.

पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने कहा यह रेड टॉक-टू-एके कार्यक्रम के प्रचार के उस मामले को लेकर हुई है जिसे लेकर विपक्षी पार्टियां बेबुनियाद आरोप लगा रही हैं. इस कार्यक्रम के प्रचार के लिए फेसबुक, यू-ट्यूब और गूगल जैसी कम्पनियों की सेवाएं ली गई थीं और ये कम्पनियां दुनिया में अपनी तरह की इकलौती कम्पनियां हैं लिहाजा इनसे सेवाएं लेने में टेंडर प्रक्रिया का इस्तेमाल संभव ही नहीं है.

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उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी शासित दिल्ली सरकार की छवि को खराब करने के लिए इस मामले को जानबूझकर बढ़ा-चढ़ा कर उठाया जा रहा है. इस मामले में सीबीआई जांच और छापे की कार्रवाई राजनीतिक दुर्भावना के तहत कराई जा रही है.

संजय सिंह ने कहा कि ‘देश की भाजपा सरकार के पास सिर्फ एक ही काम रह गया और वो काम है दिल्ली सरकार और आम आदमी पार्टी को परेशान करना और इन्हें खत्म करने की कोशिश करना.'

उन्होंने कहा कि दिल्ली में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन काम किया है जिसके ईनाम के तौर पर भाजपा की केंद्र सरकार ने मनीष सिसोदिया के घर सीबीआई की टीम भेज दी. पहले दिल्ली सरकार ने अपने प्रचार-प्रसार विभाग को इन कम्पनियों की सेवाएं लेने के लिए कहा था.

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हालांकि विभाग के मना करने के बाद दिल्ली सरकार परफेक्ट रिलेशन नामक ऐसी कम्पनी से कुछ शर्तों के आधार पर सेवाएं लीं और यह कम्पनी पहले से सरकार के साथ काम कर रही थी. इसमें भ्रष्टाचार का कोई मामला ही नहीं बनता.

कुमार के सवाल पर 'कोई और सवाल' बोले आप नेता!
कुमार विश्वास के मसले पर आम आदमी पार्टी में बीते कई दिनों से अविश्वास के बादल छाए हुए हैं. अभी हाल ही में पार्टी के दो वरिष्ठ नेताओं दिलीप पांडे और दीपक बाजपेई ने ट्विटर के जरिए कुमार विश्वास पर हमला भी किया. ऐसे में लगातार सवाल उठ रहे हैं कि आम आदमी पार्टी में कुमार विश्वास के मसले पर क्या सब कुछ ठीक है?

इसी सवाल की पड़ताल करते हुए जब आज तक की टीम ने आम आदमी पार्टी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में संजय सिंह, आशुतोष, गोपाल राय जैसे बड़े नेताओं से पूछा तो वह लोग कोई और सवाल कह कर बात टाल गए. पत्रकारों के ज्यादा जोर देने पर वह लोग हंस दिए और कहा कि कोई और सवाल पूछा जाए.

वहीं दूसरी तरफ दिल्ली विधानसभा में जब जल मंत्री राजेंद्र गौतम से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि पार्टी में लोकतंत्र है और सभी लोग अपनी राय जाहिर कर सकते हैं, जब उनसे पूछा गया की अंदरूनी लोकतंत्र को सरेआम इस तरह ट्विटर पर क्यों दिखाया जा रहा है तो वह मुस्कुरा दिए.

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पार्टी नेताओं ने ट्विटर वॉर और अमानतुल्लाह के मसले पर बोलने से साफ इंकार कर दिया. जाहिर है आम आदमी पार्टी में कुछ नेताओं की आंख की किरकिरी कुमार विश्वास बने हुए हैं, लेकिन वहीं दूसरी तरफ यह भी जाहिर करने की कोशिश की जा रही है कि हम लड़ भी लें और पता भी ना चले.

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