गुरुग्राम-द्वारका एक्सप्रेसवे की एयरपोर्ट टनल में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक चलती कार में अचानक आग लग गई. देखते ही देखते आग ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया और टनल के अंदर घना धुआं भर गया. हालांकि, राहत की बात यह रही कि कार में सवार सभी लोग समय रहते वाहन से बाहर निकलने में सफल रहे. इस वजह से किसी भी तरह की जनहानि या घायल होने की घटना सामने नहीं आई.
घटना के बाद टनल में मौजूद आधुनिक स्मार्ट फायर सेफ्टी सिस्टम तुरंत सक्रिय हो गया. आग का पता चलते ही स्वचालित सुरक्षा प्रणाली ने बिना देरी किए काम शुरू कर दिया. टनल के भीतर लगे सुरक्षा उपकरणों और अग्निशमन व्यवस्था की मदद से करीब 12 मिनट के भीतर आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया. इस त्वरित कार्रवाई की वजह से आग दूसरे वाहनों तक नहीं फैल सकी और एक बड़ा हादसा टल गया.
कापसहेड़ा थाना पुलिस के अनुसार, पुलिस नियंत्रण कक्ष को घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची. जांच के दौरान कार चालक और मालिक ने बताया कि वाहन में अधिक गर्मी होने के कारण आग लगी. शुरुआती जांच में भी आग लगने की वजह ओवरहीटिंग मानी जा रही है. हालांकि, पुलिस और संबंधित एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं ताकि आग लगने के सटीक कारणों की पुष्टि की जा सके.
इस हादसे में कार पूरी तरह जलकर खाक हो गई. आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कुछ ही मिनटों में वाहन पूरी तरह नष्ट हो गया. इसके बावजूद कार में मौजूद सभी लोग सुरक्षित बाहर निकल गए, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई.
घटना के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों ने जली हुई कार को टनल से हटाने का काम शुरू किया. वाहन हटाए जाने के बाद टनल में यातायात को सामान्य किया गया. अधिकारियों का कहना है कि टनल में लगाए गए आधुनिक सुरक्षा उपकरणों और फायर सेफ्टी सिस्टम ने इस घटना में बड़ी भूमिका निभाई. यदि आग पर समय रहते काबू नहीं पाया जाता, तो टनल के भीतर मौजूद अन्य वाहनों और यात्रियों के लिए स्थिति गंभीर हो सकती थी.
यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि आधुनिक टनलों में लगाए गए स्वचालित सुरक्षा और अग्निशमन सिस्टम आपात स्थिति में कितने प्रभावी साबित हो सकते हैं. साथ ही वाहन चालकों के लिए यह भी जरूरी है कि वे लंबे सफर पर निकलने से पहले अपने वाहन की तकनीकी जांच जरूर करा लें, ताकि ओवरहीटिंग जैसी समस्याओं से बचा जा सके.
अरविंद ओझा