छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री बनने को लेकर कांग्रेस में शुरू हुआ घमासान

छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव से पहले ही कांग्रेस में मुख्यमंत्री की उम्मीदवारी को लेकर घमासान शुरू हो गया है. छत्तीसगढ़ कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद के दावेदारों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. अभी तक कांग्रेस के आधा दर्जन नेता मुख्यमंत्री पद की दावेदारी पेश कर चुके हैं.

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मुख्यमंत्री बनने को लेकर कांग्रेस में घमासान मुख्यमंत्री बनने को लेकर कांग्रेस में घमासान

राम कृष्ण / सुनील नामदेव

  • रायपुर,
  • 25 अप्रैल 2018,
  • अपडेटेड 9:01 PM IST

छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव से पहले ही कांग्रेस में मुख्यमंत्री की उम्मीदवारी को लेकर घमासान शुरू हो गया है. छत्तीसगढ़ कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद के दावेदारों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. अभी तक कांग्रेस के आधा दर्जन नेता मुख्यमंत्री पद की दावेदारी पेश कर चुके हैं.

पूरी सक्रियता के साथ कांग्रेसी नेता मुख्यमंत्री पद की दावेदारी कर रहे है. हालांकि बीते 15 वर्षों से सूबे में बीजेपी की सरकार है, जिसके चलते कांग्रेस की कमर टूटी हुई है, लेकिन इस बार सत्ता विरोधी लहर का अहसास होने के अंदेशे के चलते कांग्रेसियों की राजनैतिक महत्वाकांक्षा सिर चढ़कर बोल रही है.

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इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि दर्जन भर से ज्यादा नेता कुर्सी की दौड़ में एक-दूसरे को पटखनी देने में जुटे हुए हैं, जबकि में रमन सिंह ही मुख्यमंत्री का चेहरा है. वह वर्तमान में भी सूबे के मुख्यमंत्री हैं. बीजेपी साफ कर चुकी है कि चौथा विधानसभा चुनाव भी मुख्यमंत्री रमन सिंह के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा. हालांकि कांग्रेस में "सीएम इन वेटिंग" की लंबी कतार से पार्टी के भीतर गुटबाजी और अंतरकलह उफान पर है. बीजेपी इसे अपने लिए शुभ संकेत मान रही है.

कांग्रेस में ये हैं मुख्यमंत्री पद के दावेदार

अभी तक कांग्रेस में जिन नेताओं ने खुद को बतौर मुख्यमंत्री पेश करना शुरू कर दिया है, उनमे नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल, पूर्व केंद्रीय मंत्री चरण दास महंत,  कार्यकारी  प्रदेश अध्यक्ष रामदयाल उइके व डॉक्टर शिव डहरिया और पूर्व नेता प्रतिपक्ष रविंद्र चौबे अव्वल हैं. इसके आलावा आदिवासी, अनुसूचित जाति व सामान्य वर्ग के कई और नेता भी खुद को मुख्यमंत्री का दावेदार बता रहे हैं.

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कांग्रेस आलाकमान तय करेगा आगामी CM का नाम

मुख्यमंत्री बनने के सपने सजोने वाले नेताओं की बढ़ती फेहरिस्त को देखकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल को कहना पड़ रहा है कि सीएम कौन बनेगा, यह तो पार्टी आलाकमान तय करेगा. फिलहाल उनकी प्राथमिकता बीजेपी सरकार को सत्ता से बेदखल करने की है. दूसरी ओर मुख्यमंत्री के दावेदारों के रुख और व्यवहार से नेताओं के बीच आपसी घमासान और प्रतिस्पर्धा शुरू हो गई है. इसका सीधा असर कांग्रेस के बीजेपी विरोधी कार्यक्रमों पर पड़ रहा है. राज्य की बीजेपी सरकार के खिलाफ आयोजित धरना प्रदर्शनों में गुटबाजी साफतौर पर दिखाई पड़ रही है.   

CM पद  के लिए बीजेपी ने चौथी बार रमन सिंह पर लगाया दांव

छत्तीसगढ़ में इसी साल अक्टूबर-नवंबर माह में विधानसभा चुनाव होने हैं. लिहाजा जहां बीजेपी ने चौथी बार भी मुख्यमंत्री पद के लिए रमन सिंह पर दांव लगाया है, वहीं कांग्रेस ने अभी तक यह साफ नहीं किया है कि वो किसके नेतृत्व में जनता के बीच जाएगी.

कांग्रेस नेता TS सिंहदेव बोले- बनना चाहता हूं CM

नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने एक बयान जारी कर कहा कि वो मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं, लेकिन किसी को पीछे करके नहीं, बल्कि पार्टी सहमति दे तभी वे मुख्यमंत्री बनेंगे. इसके बाद सिर्फ सरगुजा ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ का वो विकास करेंगे. सिंहदेव के इस बयान के बाद कांग्रेस के भीतर घमासान छिड़ गया है.

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हर एक छत्रप खुद को मुख्यमंत्री का दावेदार घोषित करने में जुटा है. पार्टी के भीतर प्रतिस्पर्धा इतनी बढ़ गई है कि खुद को मुख्यमंत्री पद का दावेदार बताने वाले बयान पर टीएस सिंहदेव को पार्टी के अंदर और बाहर सफाई देनी पड़ रही है. पार्टी के भीतर बने नए समीकरणों से टीएस सिंहदेव को अपनी सफाई में यह तक कहना पड़ा कि पार्टी में मुख्यमंत्री बनने के योग्य 13 से अधिक चेहरे हैं.  

बीजेपी ने ली चुटकी, कहा- ख्याली पुलाव पका रही कांग्रेस

उधर, प्रदेश कांग्रेस प्रभारी पीएल पुनिया ने मुख्यमंत्री की दावेदारी करने वाले तमाम नेताओं पर अपनी निगाह गड़ा रखी है. मुख्यमंत्री को लेकर जिस तेजी से पार्टी के भीतर घमासान मचा है, उसे देखकर वो भी पशोपेश में हैं. वो अपने नेताओं को समझा रहे हैं कि कांग्रेस में कभी भी सीएम प्रोजेक्ट नहीं किया जाता है. वहीं, बीजेपी ने कांग्रेस में मचे घमासान को लेकर चुटकी ली है.

प्रदेश अध्यक्ष धरम लाल कौशिक ने कहा है कि कांग्रेस सिर्फ ख्याली पुलाव पका रही है. उन्होंने दावा किया कि चौथी बार भी बीजेपी सत्ता में आएगी. मुख्यमंत्री रमन सिंह ने भी कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि इस बार तो कांग्रेस को उसके विधायक ढूंढे नहीं मिलेंगे. उनका दावा है कि छत्तीसगढ़ अब कांग्रेस मुक्त होने जा रहा है.

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विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मत विभाजन का खतरा

राज्य में मौजूदा राजनीतिक समीकरण में बीजेपी और कांग्रेस के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा के आसार हैं, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री अजित जोगी की सक्रियता से कांग्रेस पर मत विभाजन का खतरा मंडरा रहा है. दरअसल, पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस के बीच मतों का अंतर एक फीसदी से भी कम रहा है. इसके चलते राज्य की कुल 90 विधानसभा सीटों में से बीजेपी 49 सीटों पर और कांग्रेस 39 सीटों पर कब्जा ज़माने में कामयाब रही, जबकि एक मात्र सीट बीएसपी के खाते में गई थी.

हालांकि वोट प्रतिशत के बेहद कम अंतर के खतरे को भांपते हुए इस बार बीजेपी ने सभी 90 विधानसभा सीटों पर अपनी बढ़त बनाने के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ना चाहती है. इसके तमाम अनुवांशिक संगठन बूथ स्तर पर पार्टी की मजबूती बनाए रखने के लिए डटे हुए हैं. इसकी तुलना में कांग्रेस समेत दूसरे विरोधी दलों की उतनी सक्रियता दिखाई नहीं दे रही है. फिलहाल मुख्यमंत्री पद को लेकर कांग्रेस के भीतर छिड़े घमासान और नेताओं की उत्सुकता ने पार्टी की मुसीबत बढ़ा दी है.

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