मां बनना हर महिला के लिए खास अनुभव होता है. प्रेग्नेंसी की खबर मिलने के साथ ही मन में बच्चे के जन्म को लेकर कई सवाल आने लगते हैं. इनमें सबसे आम सवाल होता है कि डिलीवरी नॉर्मल होगी या सिजेरियन.कई महिलाएं चाहती हैं कि उनकी डिलीवरी नॉर्मल तरीके से हो, लेकिन इसके लिए सिर्फ आखिरी महीनों में तैयारी करना काफी नहीं है. प्रेग्नेंसी की शुरुआत से ही खानपान, वजन मेंटेन करना और एक्सरसाइज करना जरूरी है. हालांकि, यह समझना भी जरूरी है कि नॉर्मल डिलीवरी की कोई गारंटी नहीं होती. मां और बच्चे की सुरक्षा के लिए जरूरत पड़ने पर सिजेरियन करना बेहतर विकल्प हो सकता है. लेकिन फिर भी कुछ ऐसे टिप्स हैं जिनको फॉलो करके नॉर्मल डिलीवरी की संभावना बढ़ सकती है.
दिल्ली में महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. चंचल शर्मा ने इस बारे में बताया है. वह कहती हैं कि सिजेरियन डिलीवरी एक बड़ी सर्जरी है, जिसमें पेट में चीरा लगाकर बच्चे को बाहर निकाला जाता है. इसके बाद महिला को रिकवरी में अधिक समय लग सकता है. संक्रमण,ब्लीडिंग और आसपास के अंगों को चोट लगने का भी रिस्क होता है. बिना मेडिकल जरूरत के सिजेरियन कराने से बचना चाहिए. लेकिन अगर बच्चे की स्थिति, प्लेसेंटा की समस्या या मां की सेहत के कारण डॉक्टर सिजेरियन की सलाह देते हैं, तो इसे टालना नहीं चाहिए. फिर भी कुछ तरीके ऐसे हैं जिससे नॉर्मल डिलीवरी की संभावना बढ़ सकती है.
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नॉर्मल डिलीवरी की संभावना बढ़ाने के लिए अपनाएं ये 6 तरीके
रोजाना हल्की एक्सरसाइज करें: अगर प्रेग्नेंसी में कोई रिस्क नहीं है और डॉक्टर ने मना नहीं किया है, तो रोजाना टहलना, हल्की एक्सरसाइज जरूर करें
वजन पर रखें नजर: प्रेग्नेंसी में जरूरत से ज्यादा वजन बढ़ने से डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ सकता है. इसलिए दो लोगों के लिए खाने के बजाय संतुलित और पोषक तत्वों से भरपूर भोजन करें.
शरीर में पानी की कमी न होने दें: पर्याप्त पानी पीना जरूरी है. इससे शरीर में तरल पदार्थों का संतुलन बना रहता है और डिहाइड्रेशन से बचाव होता है. पानी के अलावा नारियल पानी भी पी सकते हैं.
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किसी भी चीज का मानसिक तनाव न लें: कई महिलाओं को लेबर पेन का डर सताता है. कई दूसरे कारणों से भी उनको मानसिक तनाव हो जाता है. ऐसे में ब्रीदिंग एक्सरसाइज, मेडिटेशन और प्रीनेटल काउंसलिंग मददगार हो सकती है.
सही डॉक्टर और अस्पताल चुनें: ऐसे अस्पताल में डिलीवरी की योजना बनाएं जहां अनुभवी डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ हो और जरूरत पड़ने पर इमरजेंसी सिजेरियन की सुविधा उपलब्ध हो.
आजतक हेल्थ डेस्क