घर का खाना खाने वाले भारतीय भी क्यों हो रहे इतने मोटे, डॉक्टरों ने बताई ये गलतियां

घर का खाना खाने के बावजूद कई लोग फिट नहीं हो पाते हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, लोग ऐसी कई गलतियां करते हैं जिनकी वजह से उनका वजन कंट्रोल में नहीं रहता है और बीमारियां भी होने लगती हैं.

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घर का खाना घर का खाना

अभिषेक पांचाल

  • नई दिल्ली,
  • 19 जून 2026,
  • अपडेटेड 1:29 PM IST

अगर आप रोज घर का खाना खाते हैं, लेकिन इसके बावजूद भी फिट नहीं हैं तो कई चीजों पर ध्यान देने की जरूरत है. एक्सपर्ट्स कहते हैं कि स्वस्थ रहने के लिए घर का भोजन करना जरूरी है, लेकिन इसके साथ ही कुछ गलतियों से बचना चाहिए. अगर ऐसा नहीं करते हैं तो न तो फिट रहेंगे और न ही वजन कंट्रोल में होगा. इसलिए घर का खाना खाने के साथ ही डॉक्टरों की बताई इन बातों का भी ध्यान रखने की जरूरत है. 

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आजतक. इन से बातचीत में दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में मेडिसिन विभाग में डायरेक्टर प्रोफेसर डॉ. एल.एच घोटेकर और सफदरजंग अस्पताल में डायरेक्टर प्रोफेसर डॉ. जुगल किशोर ने इस बारे में बताया है. डॉ घोटेकर बताते हैं कि घर का खाना खाने के बावजूद लोग अनफिट रह सकते हैं. ऐसे कई केस रोज देखने को मिलते भी हैं. इसके कई कारण हैं. यह देखा जाता है कि लोग बहुत ज़्यादा कार्ब्स और फैट खाते हैं, लेकिन उनकी डाइट में प्रोटीन कम होता है. ज्यादा फैट शरीर को नुकसान करता है. 

खाने में फैट का ज्यादा इस्तेमाल कैसे करता है नुकसान

घर पर खाना बनाने के दौरान लोग खाने में तेल, मक्खन और घी का ज़्यादा इस्तेमाल करते हैं. इससे कैलोरी की मात्रा काफी बढ़ जाती है. ऐसा हेल्दी खाना भी वज़न बढ़ा सकता है .अगर आपका रोज का कुल कैलोरी इनटेक शरीर से बर्न की जाने वाली कैलोरी से ज़्यादा है तो मोटापा बढ़ता है. 

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कैलोरी बर्न करने के लिए रोज एक्सरसाइज करनी चाहिए, लेकिन आजकल डेस्क पर बैठकर काम करने वाली जीवनशैली है. अब आधुनिक सुविधाओं की वजह से लोग कम ही एक्सरसाइज कर पाते हैं. 

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क्या है कैलोरी का साइंस

डॉ घोटेकर कहते हैं कि जब आप कम उम्र के होते हैं, तो आपका मेटाबॉलिज्म रेट ज्यादा होता है. इसका मतलब है कि आपका शरीर आराम करते समय भी अधिक कैलोरी जलाता है. ऐसे लोगों का वजन बढ़ता नहीं है. जैसे बीस साल की उम्र में बहुत से लोगों का मेटाबॉलिज्म रेट लगभग 2000 कैलोरी प्रति दिन होता है, लेकिन जैसे-जैसे आप 30 की उम्र को पात करते हैं तो यह  घटकर लगभग 1700 कैलोरी प्रति दिन हो जाता है.

यह बदलाव भले ही छोटा लगे, लेकिन इसका असर बहुत होता है. हर दिन सिर्फ़ 300 कैलोरी कम बर्न होने से 30 साल की उम्र के बाद धीरे-धीरे वजन बढ़ सकता है, भले ही आप घर का खाना खाते रहें, लेकिन वजन बढ़ेगा ही, अगर वजन बढ़ेगा तो बीमारियों के होने का खतरा भी ज्यादा होगा. यही कारण है कि सभी डॉक्टर 30 की उम्र के बाद एक्सरसाइज करने की सलाह देते हैं, ताकि कैलोरी बर्न हों और शरीर में मोटापा न बढ़े.

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खाने में होती है प्रोटीन की कमी 

डॉ जुगल किशोर बताते हैं कि लोग अपने घर के खाने में अकसर सिंपल कार्बोहाइड्रेट जैसे चावल,रोटी और ब्रेड ज़्यादा खाते हैं, लेकिन उनकी डाइट में प्रोटीन व फ़ाइबर कम होता है, जिससे शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो जाती है और लगातार भूख लगती रहती है. इससे व्यक्ति बार- बार खाता है और वजन बढ़ता है. कुछ लोग हरी सब्जियां भी कम खाते हैं. इससे भी शरीर में माइक्रोन्यूट्रिएंट्स की कमी हो जाती है. इससे कई बीमारियों का रिस्क होता है.

खाना ज्यादा पकाना है नुकसानदायक

डॉ किशोर बताते हैं कि लोग खाने को ज्यादा पकाते हैं.  ज़रूरत से ज़्यादा पकाने या जला देने से उसमें मौजूद विटामिन और मिनरल खत्म हो सकते हैं. कुछ लोग खाना पकाने वाले तेल को बार-बार गर्म करने या उसमें बार-बार तलने से उसका गुण बदल जाता है और उसमें अनचाहे फैट बढ़ सकते हैं.

फिट रहना है तो इन बातों का रखें ध्यान

 फिट रहने के लिए घर का खाना खाने के साथ- साथ जरूरी है कि आप रोज एक्सरसाइज करें. मानसिक तनाव न लें और देर रात खाना खाने से बचें 
 

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