दिल्ली के रहने वाले 32 साल के विवेक का वजन 209 किलो हो गया था. मोटापे के अलावा सांस लेने में परेशानी के साथ- साथ कई हाई बीपी और प्री- डायबिटीज जैसी बीमारियां भी थी, लेकिन अब विवेक की जिंदगी पहले से काफी बेहतर हो चुकी है. आज से ठीक एक महीने पहले उसकी दिल्ली AIIMS में बैरिएट्रिक सर्जरी हुई थी, अब 30 दिनों में ही उसका वजन 209 से घटकर 148 किलो रह गया है. उसका कहना है कि अब जीवन बदल गया है.
विवेक ने बताया कि उसको यह उम्मीद नहीं थी कि एक महीने में ही उसका वजन 61 किलो तक कम हो जाएगा. अब उसको पहले की तरह सांस लेने में परेशानी भी महसूस नहीं होती है और शरीर फिट लगता है. Aajtak.in से बातचीत में विवेक ने बताया कि बीते कुछ सालों से उसका वजन बहुत तेजी से बढ़ रहा था. इसकी वजह से प्री- डायबिटीज से लेकर स्लीप एपनिया तक की बीमारी हो गई थी. मोटापे को कम करने के लिए उन्होंने कई डॉक्टरों से सलाह ली. हर डॉक्टर ने अलग- अलग तरह की दवाएं खाने को दीं. दवाओं से हल्का आराम तो मिला, लेकिन न तो वजन कम हो रहा था और न ही दूसरी बीमारियों में कोई खास आराम मिल रहा था. ऐसे में काफी परेशानी हो रही थी.
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पापा के दोस्त ने एम्स में इलाज कराने की दी सलाह
विवेक ने बताया कि उनके पिता को किसी ने सलाह दी कि एम्स दिल्ली में इलाज कराएं. वहां इस बीमारी का अच्छा और बेहतर इलाज हो सकता है. सलाह पर पिताजी मुझे एम्स लेकर आए. पहले यहां ओपीडी में डॉक्टर ने देखा फिर मुझे इलाज के लिए भर्ती कर लिया. गंभीर स्थिति को देखते हुए पहले 32 दिनों तक मुझे एम्स में निगरानी में रखा गया और अलग- अलग जांच की गई.
कई डॉक्टरों ने मिलकर मेरी सेहत का ध्यान रखा. इस दौरान मुझे वेरी लो कैलोरी डाइटपर रखा गया. साथ ही सांस की एक्सरसाइज, संक्रमण का इलाज, ब्लड प्रेशर कंट्रोल और लगातार निगरानी की गई. फिर 24 जुलाई को मेरी सर्जरी हुई. जिसके बाद जीवन अब बहुत बदल गया है. अब अच्छा महसूस होता है. बीमारियां भी धीरे- धीरे कंट्रोल हो रही हैं. कभी सोचा नहीं था कि इतनी जल्दी में ठीक होने लगूंगा. यह सब डॉक्टरों का ही चमत्कार है.
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जल्द ही पूरी तरह फिट होगा विवेक
एम्स दिल्ली के सर्जरी विभाग में मेटाबॉलिक, बैरिएट्रिक और किडनी ट्रांसप्लांट सर्जरी विशेषज्ञ प्रोफेसर डॉ. मंजूनाथ मारूति पोल ने इस बारे में बताया है. विवेक जब अस्पताल में आया था तो उसको उसको हर रात CPAP मशीन की मदद से सांस लेने पड़ती थी. ऐसा बढ़े हुए वजन और स्लीप एपनिया की बीमारी के कारण था. इसको देखते हुए विवेक की पहले ट्रेकियोस्टॉमी की गई थी. अब वह ट्यूब भी हटा दी गई है.
डॉ. मंजूनाथ मारूति पोल ने बताया कि 24 जुलाई को हुई सर्जरी के बाद विवेक का वजन एक महीने में 61 किलो तक घट गया है. अब फोकस यह है कि विवेका वजन धीरे- धीरे कम होता रहे और साथ ही उसकी दूसरी बीमारियां भी पूरी तरह काबू में आ जाए. फिलहाल उसको तय प्रोटोकॉल के हिसाब से दवाएं दी जाती हैं और नियमित रूप से फॉलोअप के लिए बुलाया जाता है.
अभिषेक पांचाल