इंडिया में बनी स्टार, खामेनेई की मौत के बाद ईरान लौटना चाहती है एक्ट्रेस, बोली- धोखा हुआ

ईरान में जन्मी और भारत में रह रही मंदाना करीमी ने हाल ही में ईरान की राजनीतिक और सामाजिक स्थिति पर अपनी बात रखी है. उन्होंने खामेनेई की मौत पर दुख जताया और बताया कि कैसे ईरान में वर्षों से अत्याचार हो रहे हैं.

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मंदाना का विवादों से गहरा नाता (Photo: Instagram @mandanakarimi) मंदाना का विवादों से गहरा नाता (Photo: Instagram @mandanakarimi)

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 06 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 11:30 AM IST

ईरान में पैदा हुए कई स्टार्स को भारतीय सिनेमा ने पहचान दी है. इन्हीं में से एक मंदाना करीमी हैं. मंदाना कई सालों से भारत में रह रही हैं. अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद मंदाना ने कहा कि वो अपने देश लौटना चाहती हैं. इस बयान के बाद उन्हें काफी ट्रोल किया गया. अब उन्होंने ईरान के मौजूद हालातों पर बात की है. एक्ट्रेस ने बताया कि 14 साल की उम्र में उन्हें जेल हो गई थी, जिसकी वजह से वो ईरान छोड़कर भाग गई थीं.

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US-इजरायल-ईरान वॉर पर बोलीं मंदाना
इंडियन एक्सप्रेस संग बातचीत में मंदाना ने कहा कि मेरा पूरा परिवार ईरान में है. उनसे बहुत कम बात होती है, कभी कुछ मिनट या सेकंड्स की कॉल्स. वो ठीक हैं, लेकिन कम्युनिकेशन बहुत कम है. देश अभी भी ब्लैकआउट में है. 

खामेनेई की मौत से खुश मंदाना
मंदाना ने रिजीम के अत्याचार याद किए. वो कहती हैं कि लोग समझें ये हमने मांगा था. 48 साल बाद हमें हेल्प मिली. हां, खामेनेई मर गया, वो अलग सेलिब्रेशन है. अब ईरान रजा शाह पहलवी को लीडर चाहता है. वो ईरान और दुनिया भर के ईरानियों का सपोर्ट रखते हैं. ये सरकार नहीं टिकेगी, खामेनेई की जगह जो भी लाएंगे, कुछ नहीं बदलेगा. 

उन्होंने आगे कहा, लोग कहते हैं उनका बेटा मोजतबा होसेनी खामेनेई आएगा. उसके पिता के ऑर्डर पर हजारों मारे गए, बेटा क्या बदलेगा? न्यूक्लियर वेपन्स पर दूसरे देशों से बातें टाइम वेस्ट करने के लिए थीं. मिसाइलें मजबूत करने, हथियार बनाने और टेरर ग्रुप्स को फंड करने के लिए. ईरान जैसे अमीर देश की सोसाइटी सबसे गरीब क्यों? उन्हें ईरानियों की परवाह नहीं. 

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क्यों छोड़ना चाहतीं हैं भारत?
हाल ही इंटरव्यू में मंदाना ने भारत छोड़ने की बात कही थी. इस पर उन्होंने कहा कि भारत में ईरानी हालातों पर कम बात हो रही है. मुझे सपोर्ट नहीं मिला. जनवरी में सड़क पर जाना चाहती थी, परमिशन नहीं मिली. 14 फरवरी को शाह ने दुनिया भर के ईरानियों को बुलाया, मैंने कुछ लोगों को इकट्ठा करने की परमिशन ली, लेकिन कोई नहीं आया. लोगों को चुप रहने को कहा. ईरानी फोन करके बोले, सेफ नहीं है. 15 फरवरी को कैंडल मार्च के लिए गई, तो किसी ने लीक कर दिया, पुलिस इंतजार कर रही थी. 

भारत ने मुझे सेफ रखा. यहां करियर, रिलेशनशिप्स, लाइफ बनी. लैंग्वेज-कल्चर समझती हूं, लेकिन धोखा फील कर रही हूं. अपनी ओपिनियन शांति से नहीं बोल पा रही. ईरान से डेड बॉडीज-मर्डर की फोटोज-वीडियोज आते हैं. कल न्यूज चैनल पर गई, चैलेंज किया तो अटैक कर काट दिया. 

मंदाना ने कहा, मैं वो ईरानी औरत हूं जिसने ये सरकार देखी है. अपनी लाइफ बर्बाद की. ईरान से भागी. भारत मिला, लकी हूं.
 

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