मिर्जापुर फिल्म के 'शूरवीर' गाने पर सख्त HC, मेकर्स से पूछा- हिंसा का सम्मान क्यों?

दिल्ली हाईकोर्ट ने फिल्म 'मिर्जापुर द मूवी' के क्लाइमैक्स सीन में इस्तेमाल हुए शूरवीर गाने पर विवाद को लेकर सुनवाई 24 सितंबर तक के लिए टाल दी है. सेंसर बोर्ड पर फैसला लेने को कहा है.

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'मिर्जापुर द मूवी' के गाने पर विवाद (Photo: ITGD) 'मिर्जापुर द मूवी' के गाने पर विवाद (Photo: ITGD)

संजय शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 17 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 2:05 PM IST

फिल्म 'मिर्जापुर द मूवी' के सॉन्ग शूरवीर पर हंगामा बरपा हुआ है. क्लाइमैक्स सीन में दिखे इस गाने का मामला दिल्ली हाईकोर्ट तक पहुंच गया है. कोर्ट ने शूरवीर सॉन्ग को फिल्म से हटाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई 24 सितंबर तक टाल दी है. हाईकोर्ट ने इस बीच केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड यानी CBFC से इस मुद्दे पर फैसला लेने को कहा है.

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शूरवीर गाने पर कोर्ट से फटकार
याचिका में आरोप लगाया गया है कि ये गाना महाराणा प्रताप को ट्रिब्यूट देने के लिए बनाया गया था. लेकिन उसे गैंगस्टर के सीन पर इस तरह इस्तेमाल किया गया है जिससे अपराधियों का महिमामंडन होता है. इससे लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचती है. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि क्या हम ऐसी स्थिति में आ गए हैं जहां हिंसा का सम्मान कर रहे हैं? पहली नजर में गाना और सीन अच्छे नहीं लग रहे हैं. दिल्ली हाईकोर्ट ने मिर्जापुर मूवी के क्लाइमेक्स में शूरवीर (महाराणा प्रताप से जुड़ा) गाने के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई है.

मूवी के प्रोड्यूसर ने कोर्ट को बताया कि उन्होंने मूवी देखी है इसमें क्लाइमैक्स का एक सीन है. जहां हीरो गुंडों से लड़ रहा है. इसका महाराणा प्रताप से कोई लेना-देना नहीं है. कोई तुलना नहीं है. कोर्ट ने कहा कि पहली नजर में ये सीन ठीक नहीं लगता है. कोर्ट को बताया गया कि मूवी प्रोड्यूसर ने CBFC को एक रिपोर्ट भेजी है जिसमें गाने की जगह बैकग्राउंड म्यूजिक लगाने सहित कुछ बदलाव का सुझाव दिया गया है. कोर्ट ने प्रोड्यूसर का बयान रिकॉर्ड पर लिया.

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जिसके मुताबिक, CBFC ने कहा था कि इस बारे में एक हफ्ते में फैसला लिया जाएगा. हाईकोर्ट ने मामले को 24 सितंबर तक के लिए टाल दिया और CBFC बोर्ड से इस बीच फैसला लेने को कहा है.

शूरवीर गाने को मूल रूप से राजस्थानी सिंगर रैपर रैपेरिया बालम ने गाया था. उन्होंने इसे शूरवीर महाराणा प्रताप को डेडिकेट किया था. मिर्जापुर में जिस तरह से इस गाने को दिखाया गया है उसकी जमकर आलोचना हो रही है. लोगों का मानना है एक योद्धा के साहस का जश्न मनाने वाले गाने को गैंगस्टर को ग्लोरिफाई करते हुए दिखाना अपमान है. बीजेपी नेता राजेंद्र राठौड़ ने भी इस गाने के विरोध में लेटर लिखा था. उन्होंने इसे आपत्तिजनक बताया है.
 

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