वरुण धवन, मृणाल ठाकुर और पूजा हेगड़े की कॉमेडी-ड्रामा फिल्म है जवानी तो इश्क होना है बस कुछ ही घंटों में जनता के सामने होगी. सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी और बॉर्डर 2 की कामयाबी के बाद वरुण का तो बॉक्स ऑफिस पर फिर से टेस्ट होगा ही, मगर इस बार उनके कंधों पर एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है. है जवानी तो इश्क होना है को वरुण के पिता डेविड धवन ने डायरेक्ट किया है और वो पहले ही अनाउंस कर चुके हैं कि ये उनके करियर की आखिरी फिल्म होगी. यानी अब वरुण को सिर्फ एक हिट ही नहीं देनी, बल्कि अपने पापा को एक परफेक्ट रिटायरमेंट गिफ्ट भी देना है.
डेविड धवन बॉलीवुड की मसाला कॉमेडी फिल्मों के सबसे बड़े आइकॉन माने जाते हैं. 90 के दशक से लेकर 2000 के दशक तक, डेविड ने गोविंदा, सलमान खान और संजय दत्त के साथ मिलकर इंडस्ट्री को एक से बढ़कर एक ब्लॉकबस्टर फिल्में दीं; जैसे— आंखें, साजन, साजन चले ससुराल, जुड़वा, हीरो नं 1, कुली नं 1, मुझसे शादी करोगी और पार्टनर.
साल 2010 के बाद जब गोविंदा का बड़े पर्दे पर पहले जैसा जलवा नहीं रहा और सलमान खान विशुद्ध एक्शन मास हीरो बनने की राह पर चल पड़े, तब दूसरे हीरोज के साथ डेविड की फिल्में बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास कमाल नहीं कर पा रही थीं. ठीक उसी दौर में उन्हें साथ मिला अपने बेटे वरुण धवन का, जो स्टूडेंट ऑफ द ईयर (2012) से इंडस्ट्री में अपने कदम मजबूती से रख चुके थे. वरुण देखते ही देखते डेविड के नए दौर के कॉमेडी हीरो बन गए और अब है जवानी तो इश्क होना है इस सुपरहिट बाप-बेटे की जोड़ी का अगला बड़ा कोलेबोरेशन है.
डेविड धवन के साथ वरुण ने अपने करियर की दूसरी ही फिल्म मैं तेरा हीरो (2014) में काम किया था और यह जोड़ी पहली ही बार में सुपरहिट साबित हुई. इसके बाद साल 2017 में डेविड ने सलमान खान के साथ अपनी आइकॉनिक ब्लॉकबस्टर रही जुड़वा (1997) का ऑफिशियल रीमेक बनाया और इस बार बतौर हीरो अपने बेटे वरुण धवन को चुना. बाप-बेटे का यह दूसरा कोलेबोरेशन जुड़वा 2 बॉक्स ऑफिस पर फिर से कल्ट हिट साबित हुआ और ये उस समय वरुण के करियर की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म भी बन गई थी.
इस जोड़ी की तीसरी फिल्म कुली नं 1 (2020) सिनेमाघरों में रिलीज के लिए बिल्कुल तैयार थी, मगर तभी देश में कोविड महामारी का दौर आ गया और फिल्म की रिलीज फंस गई. आखिरकार इसे थिएटर्स की बजाय सीधे ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज करना पड़ा, लेकिन वहां दर्शकों और समीक्षकों से इसे बहुत ज्यादा पॉजिटिव रिस्पॉन्स नहीं मिल सका. ऐसे में है जवानी तो इश्क होना है थिएटर्स के बड़े पर्दे पर इस जोड़ी की असल मायने में तीसरी फिल्म होने जा रही है. वरुण को अपने करियर के इस मोड़ पर एक बड़ी सोलो हिट की सख्त तलाश है, और बॉक्स ऑफिस के 'नंबर 1' डायरेक्टर रह चुके डेविड भी एक धमाकेदार हिट के साथ ग्रेसफुली रिटायर होना चाहेंगे.
हालांकि, आज के समय में वरुण की टाइमिंग और कॉमेडी जनता को खूब पसंद आती है, लेकिन डेविड धवन स्टाइल की विंटेज लाउड कॉमेडी फिल्मों का ढर्रा अब थोड़ा पुराना हो चुका है. है जवानी तो इश्क होना है में डेविड एक बार फिर दो खूबसूरत लड़कियों के बीच बुरी तरह उलझे हुए एक कन्फ्यूज्ड हीरो की कहानी लेकर आ रहे हैं. कुछ इसी तरह की सिचुएशन वाली कहानी वो पहले भी साजन चले ससुराल और बीवी नं 1 जैसी फिल्मों में बेहद कामयाबी के साथ आजमा चुके हैं. ऐसे में शुक्रवार, 5 जून को थिएटर्स में दस्तक दे रही है जवानी तो इश्क होना है वरुण धवन और डेविड धवन दोनों के लिए बॉक्स ऑफिस की सबसे बड़ी अग्निपरीक्षा साबित होने वाली है.
सुबोध मिश्रा