जिया खान केस में बरी हुए सूरज पंचोली, फिर भी उठ रहे सवाल, एक्टर का छलका दर्द

सूरज पंचोली ने जिया खान केस पर एक इमोशनल नोट शेयर किया. उन्होंने कहा कि तमाम हालात के बावजूद उन्होंने जिया की प्राइवेसी का ध्यान रखा और लोगों से झूठी बातें न फैलाने की अपील की.

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सूरज पंचोली और जिया खान (Photo: SCreengrab) सूरज पंचोली और जिया खान (Photo: SCreengrab)

आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 02 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 5:22 PM IST

जिया खान के सुसाइड केस में ट्रायल के दौरान सूरज पंचोली को बहुत कुछ झेलना पड़ा. बाद में स्पेशल CBI कोर्ट ने एक्टर को बरी कर दिया और उन्हें बेगुनाह पाया. सालों बाद भी कई लोग कहानी को गलत तरीके से पेश करते हैं और आधी-अधूरी बातें फैलाते हैं. केस बंद होने के सालों बाद, 2 अगस्त 2026 को एक्टर ने इंस्टाग्राम पर एक लंबा नोट लिखकर उन लोगों की आलोचना की जो अभी भी उन पर शक करते हैं.

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एक्टर ने अपने नोट की शुरुआत में लिखा, 'सभी मीडिया पेजों से कहना चाहता हूं! कृपया बताएं कि आपके हिसाब से क्या 'अनसुलझा' रह गया है, और पक्का करें कि आपके फैक्ट्स सही हों. मैं 14 साल तक चले कोर्ट ट्रायल से गुजरा हूं. केस का फैसला फैक्ट्स, सबूतों और कानून के आधार पर हुआ. मुझे बरी कर दिया गया, और कानूनी कार्यवाही में कोई 'अनसुलझा सवाल' नहीं बचा है. कोर्ट के सभी रिकॉर्ड और ट्रायल की कार्यवाही सबके लिए उपलब्ध है, जो भी कोई अपनी राय बनाने से पहले सच में फैक्ट्स को समझना चाहता है.'

सूरज पंचोली ने किया पोस्ट
ट्रायल और कोर्ट की कार्यवाही के उन सालों में जो कुछ उन्होंने झेला, उसके बारे में बताते हुए सूरज पंचोली ने लिखा, 'जब यह दुखद घटना हुई, तब मैं सिर्फ 20 साल का था. मैं उसे मुश्किल से चार महीने से जानता था, और मुझे कोई अंदाजा नहीं था कि वह अंदर ही अंदर किस दौर से गुजर रही होगी. उस उम्र में, मैं इतना छोटा था कि यह समझ नहीं सकता था कि कोई इंसान इतना कुछ मन में दबाए हो सकता है. उसके बाद जो हुआ, उसने मेरी ज़िंदगी हमेशा के लिए बदल दी.'

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'अगले 14 साल मैंने अपनी बेगुनाही साबित करने की लड़ाई में बिताए. वे साल ऐसे थे जब मुझे अपनी जिंदगी बनानी चाहिए थी. इसके बजाय, मैं एक ऐसे ट्रायल के बोझ तले जी रहा था जिसने मेरी जवानी के 20 और 30 के दशक का एक बड़ा हिस्सा ले लिया. सिर्फ मैं ही जानता हूं कि हर दिन मेरे मन और दिल पर क्या गुजरती थी. कोर्ट ही वह जगह थी जहां मैं अपनी बेगुनाही साबित कर सकता था. मैंने कानूनी प्रक्रिया पर भरोसा किया, और 14 साल बाद मुझे बरी कर दिया गया. अगर उसके बाद भी लोग मुझे जज करते हैं और मुझे दोषी मानते हैं, तो सच कहूं तो मुझे नहीं पता कि मैं और क्या कर सकता हूं.'

जिया का किया जिक्र
अपने नोट में सूरज ने बताया कि इतने सालों तक तमाम मुश्किलों के बावजूद, उन्होंने जिया की बताई बातें किसी से शेयर नहीं कीं. उन्होंने कहा, 'सिर्फ इसलिए कि मैंने इतने सालों तक चुप्पी साधे रखी, किसी को भी यह हक नहीं मिल जाता कि वे जो चाहें लिख दें. सम्मान के नाते, मैंने कभी भी उन निजी तकलीफों या संघर्षों के बारे में सार्वजनिक रूप से बात नहीं की जो जिया ने मेरे साथ शेयर किए थे. तमाम मुश्किलों के बावजूद मैंने उसकी प्राइवेसी का सम्मान किया. मैं बदले में बस यही निष्पक्षता और सम्मान चाहता हूं.'

अपनी लंबी बात को इमोशनल अंदाज में खत्म करते हुए उन्होंने लिखा, 'आप में से कई लोगों के लिए यह शायद महज एक और कहानी या हेडलाइन हो सकती है, लेकिन मेरे लिए यह मेरी पूरी जिंदगी रही है. हर लापरवाह हेडलाइन, हर गुमराह करने वाला वीडियो और हर झूठी कहानी उस अध्याय को फिर से खोल देती है जिससे उबरने में मुझे बरसों लग गए. मैं बस यही चाहता हूं कि आप इस मामले को ईमानदारी, जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और प्रोफेशनलिज्म के साथ देखें. अगर आप मेरी कहानी बताने जा रहे हैं, तो कृपया पूरी कहानी बताएं.'

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