'TVF के गांवों में अलग जाति और मुस्लिम क्यों नहीं?' डायरेक्टर ने उठाए सवाल, पंचायत सीरीज को घेरा

डायरेक्टर नीरज घेवान जिन्होंने होमबाउंड जैसी दमदार फिल्म बनाई थी, उन्होंने टीवीएफ और उसके शोज पर सवाल खड़े किए हैं. नीरज का कहना है कि इन शोज में एक भी मुसलमान या निम्न जाति का इंसान नहीं दिखाया जाता.

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पंचायत सीरीज पर डायरेक्टर ने उठाए सवाल (Photo: Instagram @neerajghaywan/IMDb ) पंचायत सीरीज पर डायरेक्टर ने उठाए सवाल (Photo: Instagram @neerajghaywan/IMDb )

आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 28 जून 2026,
  • अपडेटेड 8:51 AM IST

टीवीएफ (TVF) का लाया हुआ कोई भी कंटेंट अभी तक लोगों के दिलों में उतरा है. फिर चाहे वो कोटा फैक्ट्री हो, पंचायत, द पिचर्स, एस्पिरेंट्स या होस्टल डेज- इन सभी शोज को पब्लिक का भरपूर प्यार मिला है. मगर हाल ही में इन सभी शोज को बनाने वाले TVF पर फिल्ममेकर नीरज घेवान ने सवाल उठाए हैं. 

नीरज घेवान जिन्होंने बॉलीवुड को मसान और होमबाउंड जैसी शानदार फिल्में दी हैं, उनका कहना है कि टीवीएफ का कंटेंट बहुत अच्छा होता है. लेकिन वो अपने शोज में एक भी निम्न जाति और मुसलमान शख्स नहीं दिखाते हैं. TVF, जिनके शोज अक्सर गांव-देहात की वो कहानी लेकर आता है जिससे शहर के लोग अनजान रहते हैं, उनपर ऐसा सवाल खड़ा करना काफी हैरानी की बात है. 

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क्यों TVF के कंटेंट पर भड़के नीरज घेवान?

युवा पॉडकास्ट में नीरज ने कहा- TVF को ही देख लीजिए. वो काफी अच्छा काम कर रहे हैं और उनके कई शोज सच में बेहतरीन हैं. लेकिन मुझे सबसे ज्यादा दिक्कत इस एक बात से है. ये कंटेंट IIT से पढ़े-लिखे लोगों ने बनाया है, जिन्हें इस देश के सबसे ज्यादा पढ़े-लिखे लोगों में गिना जाता है. फिर भी, शुरुआत से लेकर आज तक उनके लगभग हर शो में सिर्फ ऊंची जाति के किरदार ही दिखाई देते हैं. ना कोई दलित या पिछड़ी जाति का किरदार होता है और ना ही कोई मुस्लिम.

'जब आप इतने पढ़े-लिखे हैं, तो आपकी भी एक जिम्मेदारी बनती है. अगर कोई पुराने दौर का फिल्ममेकर ऐसा करता है, तो एक बार समझ में आता है. लेकिन आप तो पढ़े-लिखे हैं. आपने IIT जैसी कठिन परीक्षा पास की है, चार साल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है. इसलिए आपको ये समझना चाहिए कि समाज को इस तरह सिर्फ एक ही नजरिए से दिखाना शायद सही नहीं है.'

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नीरज ने आगे पंचायत शो पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा- आप अपने मशहूर वेब शो पंचायत को गांवों की सबसे असली तस्वीर बताते हैं. लेकिन ऐसा नहीं है. आप ऐसा गांव नहीं दिखा सकते, जहां सिर्फ ऊंची जाति के लोगों के नाम हों. 

टीवीएफ के पंचायत शो के चार सीजन आ चुके हैं, जिसे अभी तक ऑडियंस ने खूब देखा है. मीम कल्चर में इसके काफी मीम्स बन चुके हैं. पंचायत का अपना एक यूनिवर्स भी बन चुका है, ग्राम चिकित्साल्य नाम की नई वेब सीरीज प्राइम वीडियो पर ही आ रही है जो गांव में स्वास्थ्य संबंधित परेशानियों को दिखाती है. अब नीरज घेवान के इन बयानों से क्या होगा, ये तो वक्त आने पर पता चलेगा. 

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