शाहरुख खान, करिश्मा कपूर और माधुरी दीक्षित की दिल तो पागल है (1997), दो दशक बाद भी बॉलीवुड फैन्स को पहले जितनी ही एंटरटेनिंग लगती है. इस आइकॉनिक फिल्म से जहां शाहरुख और माधुरी का रोमांस जनता का फेवरेट था, वहीं करिश्मा का किरदार निशा, अपने वक्त का बेहद मॉडर्न किरदार बनकर पॉपुलर हुआ था.
अब करिश्मा कपूर ने निशा के किरदार को लेकर एक दिलचस्प खुलासा किया है. करिश्मा ने बताया है कि उस दौर में कई नामी एक्ट्रेसेज यह रोल निभाने से हिचक रही थीं, क्योंकि इसमें माधुरी दीक्षित के साथ स्क्रीन शेयर करने और उनके साथ डांस का फेस-ऑफ करना था. जबकि माधुरी का डांस तो अपने आप में बॉलीवुड की एक आइकॉनिक चीज बन चुका था. करिश्मा कपूर ने इंडिया टुडे से एक खास बातचीत में याद किया कि उस समय हिंदी फिल्मों में ट्रेडिशनल हीरोइनों का दौर था और निशा कैसे उनसे बिल्कुल अलग थी.
करिश्मा ने बताया, 'जब दिल तो पागल है बन रही थी, तब कोई भी एक्ट्रेस माधुरी के सामने यह रोल नहीं करना चाहती थी. कोई उनके साथ डांस नहीं करना चाहता था और न ही डांस फेस-ऑफ में उनके सामने खड़ा होना चाहता था.'
करिश्मा का मानना है कि निशा के किरदार से उन्होंने बॉलीवुड में हीरोइनों का एक स्टीरियोटाइप तोड़ा था. उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि निशा के कैरेक्टर से सिनेमा बदल गया. वह हीरोइन थी, लेकिन ट्रेडिशनल हीरोइन नहीं. निशा वह लड़की थी, जिससे हीरो प्यार नहीं करता था. वह उसे ठुकरा रहा था और दर्शकों को उसका दर्द असल में नजर आ रहा था.'
करिश्मा ने कहा कि उन्हें निशा का रोल इसी कॉम्प्लेक्स इमोशन की वजह से पसंद आया और इसी चीज ने उसके किरदार को यादगार बना दिया.
उन्होंने कहा, 'मुझे यह बहुत चैलेंजिंग और अलग लगा. आज भी जब मैं इसके बारे में सोचती हूं तो रोंगटे खड़े हो जाते हैं. आमतौर पर फिल्मों में हीरो को हीरोइन से प्यार होना ही होता है. लेकिन यहां एक लड़की है, जो सोच रही है, 'मेरे साथ ऐसा क्यों हो रहा है? मैं तो इस लड़के से इतना प्यार करती हूं.' उसकी यह इमोशनल जर्नी बहुत-बहुत खास थी.'
तीन दशक से ज्यादा लंबे करियर के बाद भी करिश्मा कपूर का कहना है कि उन्होंने सफलता के लिए कभी कोई तय फॉर्मूला नहीं अपनाया. उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि एक्टर के तौर पर लगातार ग्रोथ होते रहना बहुत जरूरी है. लेकिन साथ ही मैंने हमेशा अपनी राह और अपनी रफ्तार पर भरोसा किया है. कभी-कभी मैंने लंबे समय तक काम नहीं किया और कभी बहुत ज्यादा बिजी रही. मुझे जिंदगी की ये लहरें पसंद हैं- इसके उतार-चढ़ाव, अच्छे और मुश्किल दौर मुझे अच्छे लगते हैं.'
फिलहाल ब्राउन में नजर आ रहीं करिश्मा ने अपने करियर के इस दौर को एक्साइटिंग बताते हुए कहा कि वह प्रोजेक्ट्स चुनते समय प्लानिंग से ज्यादा, अपने मन की सुनती हैं. उन्होंने बताया, 'मैं चीजों को लेकर जरूरत से ज्यादा नहीं सोचती और खुद को भी बहुत सीरियसली नहीं लेती.'
करिश्मा ने कहा कि उन्होंने कभी सक्सेस या लंबे करियर को लेकर गणित नहीं लगाया. 'मैं कभी ऐसी इंसान नहीं रही, जो यह सोचे कि मेरी फिल्म ब्लॉकबस्टर हो गई है, अब अगली स्ट्रेटेजी क्या होगी? मेरे पास कभी कोई स्ट्रेटेजी नहीं रही. मैंने हमेशा सामने आए मोमेंट को जीने की कोशिश की है और फिर यह सोचा है कि मैं खुद को और बेहतर कैसे बना सकती हूं और आगे क्या कर सकती हूं.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क