दिग्गज सिंगर अनुराधा पौडवाल इन दिनों लगातार ट्रोल्स के निशाने पर चल रही हैं. हाल ही में उन्हें राम मंदिर विवाद पर हुई ट्रोलिंग को लेकर सफाई देनी पड़ी गई थी. अब वो अपने एक और बयान को लेकर सोशल मीडिया पर जबरदस्त विवादों में घिर गई हैं. उन्होंने LGBTQIA+ समुदाय के अधिकारों को भारत में शादी जैसी संस्था के कमजोर होने की वजह बताया. इतना ही नहीं, उन्होंने ये भी सवाल उठाया कि ये समुदाय समाज के लिए आखिर क्या योगदान देता है.
LGBT+ समुदाय पर अनुराधा की सोच
न्यूजबुक से बातचीत में अनुराधा पौडवाल ने कहा- आज शादी की पवित्रता पहले जैसी नहीं रही. इसकी वजह LGBTQIA+ समुदाय को दिए गए अधिकार हैं. मैं जानना चाहती हूं कि ये समाज के लिए क्या योगदान दे रहे हैं? किस तरह से योगदान कर रहे हैं? एक लड़का और लड़की शादी करके परिवार बनाते हैं, वही सही तरीका है.
उन्होंने आगे कहा कि वो आए दिन ऐसी बातें सुनती हैं जो उन्हें अजीब लगती हैं. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कहीं कोई महिला बच्चा पैदा करती है, लेकिन उसका पति ही बच्चे का पिता नहीं होता. इस पर उन्होंने सवाल उठाया कि- इससे समाज का भला कैसे हो रहा है? हो सकता है मैं कुछ समझ नहीं पाई हूं, लेकिन आखिर इस समुदाय का समाज के कल्याण में क्या योगदान है?
ट्रोल्स के निशाने पर सिंगर
हालांकि, अनुराधा पौडवाल का ये बयान सोशल मीडिया यूजर्स को बिल्कुल पसंद नहीं आया और लोग उनकी जमकर आलोचना कर रहे हैं. एक यूजर ने लिखा- जब किसी समुदाय को सालों तक शिक्षा, नौकरी, घर और सार्वजनिक जीवन में बराबरी का मौका ही नहीं मिला, तो उसके योगदान को कैसे मापा जा सकता है?
वहीं, एक और इंस्टाग्राम यूजर ने टिप्पणी की- योगदान जानना है तो सुनिए. LGBTQIA+ समुदाय कानूनी तौर पर शादी करना चाहता है, उन बच्चों को गोद लेना चाहता है जिन्हें कई विषमलैंगिक (हेटेरोसेक्शुअल) लोग छोड़ देते हैं. इससे बड़ा योगदान क्या होगा? कृपया हर किसी को माइक देना बंद कीजिए. एक और ने लिखा- मैं बचपन से आपका बहुत सम्मान करता था, लेकिन आपके इस बयान ने मेरा सम्मान हिला दिया है. उम्मीद है कि आप इस विषय पर थोड़ा और समझने की कोशिश करेंगी.
फिलहाल, अनुराधा पौडवाल का ये बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इसे लेकर बहस छिड़ी हुई है. हालांकि इस पर अभी तक सिंगर की ओर से कोई सफाई नहीं आई है.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क