बॉलीवुड स्टार अनिल कपूर ने साउथ के जाने-माने डायरेक्टर के. भाग्यराज के निधन पर शोक जताते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी है. हाल ही में भाग्यराज का निधन हार्ट अटैक से हुआ था. अनिल ने भाग्यराज की फिल्म मिस्टर बेचारा (1996) में काम किया था, जो उनकी ही तमिल फिल्म का रीमेक थी. इसी तरह भाग्यराज ने अपनी एक तमिल फिल्म का हिंदी रीमेक आखिरी रास्ता (1986) नाम से बनाया था, जिसके हीरो सुपरस्टार अमिताभ बच्चन थे.
अनिल ने भाग्यराज को श्रद्धांजलि देते हुए सोशल मीडिया पर एक लंबा नोट लिखा और हिंदी फिल्मों में उनके योगदान के बारे में बताया. अनिल ने बताया कि बॉलीवुड की कुछ दमदार हिट फिल्में असल में भाग्यराज की साउथ फिल्मों के रीमेक हैं.
अनिल ने लिखा, 'के. भाग्यराज सर के निधन की खबर से बेहद दुखी और स्तब्ध हूं. इस खबर पर इसलिए भी यकीन नहीं होता क्योंकि हाल ही में खुशबू (सुंदर) की बेटी की शादी में उनसे मिलने और कुछ समय साथ बिताने का मौका मिला था. भाग्यराज सर एक क्रिएटिव टैलेंट थे, जिनका भारतीय सिनेमा में योगदान उतना बड़ा है, जितना शायद बहुत से लोग जानते भी नहीं हैं. कई ऐसी ऐतिहासिक हिंदी फिल्मों और कई कलाकारों के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों के पीछे उनकी कहानियां थीं.'
इसके बाद अनिल ने भाग्यराज की कहानियों का कमाल गिनाना शुरू किया. उन्होंने बताया, 'उनके काम पर बेस्ड वो सात दिन मेरे करियर की सबसे महत्वपूर्ण फिल्मों में से एक बनी. मोहब्बत, जिसकी कहानी, स्क्रीनप्ले और डायलॉग भाग्यराज सर ने लिखे थे, उसने सिर्फ हमें एक यादगार फिल्म ही नहीं दी, बल्कि मारुति इंटरनेशनल के बैनर तले इंद्र कुमार और अशोक ठकेरिया के प्रोड्यूसर बनने का सफर भी यहीं से शुरू हुआ था.'
अनिल ने बताया कि भाग्यराज की शानदार कहानी पर आधारित बेटा ब्लॉकबस्टर साबित हुई और अपने दौर की सबसे बड़ी फिल्मों में शामिल हुई. उन्होंने अपने भाई बोनी कपूर के साथ मिलकर इस फिल्म के राइट्स खरीद कर इंद्र कुमार और अशोक ठकेरिया के मुश्किल दौर में उन्हें सौंप दिए थे. बाद में यह फिल्म बड़ी सक्सेस लेकर आई और फिल्म से जुड़े सभी लोगों को खूब पहचान मिली.
अनिल ने आगे बताया, 'भाग्यराज सर के टैलेंट का एक और शानदार उदाहरण मुझसे शादी करोगी थी. डेविड धवन के डायरेक्शन और साजिद नाडियाडवाला के प्रोडक्शन में बनी सलमान खान, अक्षय कुमार और प्रियंका चोपड़ा स्टारर इस फिल्म की कहानी और स्क्रीनप्ले भी भाग्यराज सर ने लिखे थे, जिसे अनीस बज्मी ने हिंदी में रीमेक किया था. यह फिल्म बड़ी हिट साबित हुई और अक्षय कुमार के करियर का भी एक अहम पड़ाव बनी.'
अनिल ने लिखा कि इन सभी कामयाबियों के बीज भाग्यराज सर ने ही बोए थे. बाकियों ने बस उनकी कहानियों को हिंदी दर्शकों के लिए रीमेक किया, लेकिन ओरिजिनल क्रिएटर हमेशा वही रहे. उनके लेखन ने अनगिनत लोगों की जिंदगी और करियर को प्रभावित किया, जिनमें अनिल खुद शामिल हैं. भाग्यराज ने कई पीढ़ियों के कलाकारों, डायरेक्टर्स-प्रोड्यूसर्स के सफर को दिशा दी, लेकिन उन्हें शायद उतनी पहचान कभी नहीं मिली, जिसके वह हकदार थे.
अनिल ने अपना नोट खत्म करते हुए लिखा, 'मैं हमेशा इस बात के लिए उनका आभारी रहूंगा कि उन्होंने मेरे करियर और पूरे भारतीय सिनेमा को इतना समृद्ध बनाया. उनकी विरासत उनकी कहानियों और उनसे प्रेरित लाखों लोगों के जरिए हमेशा जीवित रहेगी.'
वर्कफ्रंट पर अनिल कपूर की बात करें, तो वह अब जूनियर एनटीआर की फिल्म ड्रैगन में एक महत्वपूर्ण रोल निभाते दिखेंगे. इस साल के अंत में वह शाहरुख खान की ग्रैंड फिल्म किंग में भी नजर आने वाले हैं.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क