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भोजपुरी

कम उम्र में शादी, डिलीवरी में टूटी 'रीढ़ की हड्डी', दिग्गज सिंगर का नहीं टूटा हौसला, किया कमबैक

आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क
  • नई दिल्ली,
  • 29 जून 2026,
  • अपडेटेड 10:06 PM IST
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मालिनी अवस्थी संगीत की दुनिया का बड़ा नाम है. ये पहचान उन्हें कड़ी मेहनत और कई दर्द झेलकर हासिल हुई है. इसके बारे में खुद सिंगर ने बात की. उन्होंने बताया कि कैसे कम उम्र में शादी हो जाने के बाद उन्होंने संगीत की दुनिया से दूरी बना ली थी. 

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मालिनी ने हॉटरफ्लाई से बातचीत में बताया कि बेहद कम उम्र में ही उनकी शादी हो गई थी. तब तक वो कई शोज कर चुकी थीं और अपनी अलग पहचान बना चुकी थीं. लेकिन पिता रिटायरमेंट से पहले उनकी शादी कराना चाहते थे, वहीं मां को भी कैंसर की बीमारी हो गई थी. 

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सिंगर शादी होने के तुरंत बाद प्रेग्नेंट भी हो गई थीं. उस दौरान वो 20 साल की ही थीं. मालिनी की प्रेग्नेंसी तो ठीक रही, उनकी नॉर्मल डिलीवरी हुई थी. लेकिन डिलीवरी के दौरान उनके साथ एक बड़ा हादसा हुआ था. 

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मालिनी ने बताया कि अनाड़ी डॉक्टर्स की गलती की वजह से उनकी टेल बोन (रीढ़ की हड्डी का निचला हिस्सा) टूट गई थी, जिसका तब किसी को अंदाजा नहीं लग पाया था. वो लंबे समय तक दर्द से जूझती रहीं.

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मालिनी बोलीं- डिलीवरी के दौरान मैं बहुत दर्द से गुजरी, क्योंकि मेरी कोएक्सिस बोन टूट गई. जब बच्चे का हेड निकाला जाता है, तब ये हुआ था, अब ये नहीं पता कि डॉक्टर अनाड़ी थी या कोई और वजह थी, लेकिन बहुत टाइम तक पता ही नहीं चल पाया था.

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'मैं अक्सर बैठने में दर्द की शिकायत करती थी. मुझसे बैठा ही नहीं जाता था. मेरी टेल बोन टूटी हुई है इसका अंदाजा ही नहीं लग पाया था. जब बच्चे को लेकर मैं अपने मायके आई तो मेरे पिता को मैंने कहा कि ये दर्द बर्दाश्त के बाहर है.'

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मालिनी ने बताया कि तब वो इतनी यंग थीं कि अंदाजा ही नहीं लगा कि ये नॉर्मल दर्द नहीं है. क्योंकि डिलीवरी हुई थी, बेबी को फीड करा रही थी, टांके लगे थे. नींद नहीं हो पा रही थी, वजन हद से ज्यादा घट गया था. जिंदगी इधर-उधर हो गई थी. 

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'फिर जब डॉक्टर तो दिखाया और एक्स-रे वगैरह हुए तो पता चला कि टेल बोन टूटी है और इसका अब कुछ नहीं हो सकता. इसका कोई तोड़ नहीं है. क्योंकि उसे बहुत वक्त भी हो चुका था.'

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मालिनी ने आगे बताया कि बावजूद इस दर्द के उन्होंने जिंदगी में रुकना नहीं सीखा. वो बेटी के जन्म के एक साल बाद एक बेटे की मां बनीं. कुछ साल उन्हें बड़ा करने में गुजारे और फिर 40 की उम्र में लोक संगीत की दुनिया में वापस कदम रखा और अपना मुकाम हासिल किया.  

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