सिंधि‍या-थरूर के बाद दिग्विजय की सलाह- कांग्रेस को बड़ी सर्जरी की जरूरत

कांग्रेस के दो सांसद और सीनियर नेताओं ने अपनी ही पार्टी की कार्यशैली पर सवाल उठाया. केरल से सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर और मध्य प्रदेश से सांसद और पार्टी के सीनियर नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पार्टी को खुद के अवलोकन करने की सलाह दी है.

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दिग्विजय सिंह दिग्विजय सिंह

केशव कुमार / कुमार विक्रांत

  • नई दिल्ली,
  • 19 मई 2016,
  • अपडेटेड 8:49 AM IST

पांच राज्यों के चुनाव नतीजों से बदहवास पड़ी कांग्रेस को उसी के नेताओं ने आड़े हाथों लेना शुरू कर दिया है. शशि थरूर और ज्योतिरादित्य सिंधि‍या के बाद दिग्विजय सिंह ने भी पार्टी में बड़े सुधार की वकालत की है.

पांच राज्यों के चुनावी नतीजों पर दिग्विजय सिंह ने कहा कि परिणाम निराशाजनक हैं लेकिन अनपेक्षित नहीं हैं. हमने काफी आत्ममंथन किया है. क्या हमें एक बड़ी सर्जरी के लिए नहीं जाना चाहिए?

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अपनों ने दी नेतृत्व बदलने की सलाह
इससे पहले अगला चुनाव युवाओं के भरोसे जीतने का दंभ भरने वाली कांग्रेस को जहां एक ओर शशि‍ थरूर ने नेतृत्व बदलने की सलाह दे डाली, वहीं राहुल गांधी के करीबी ज्योतिरादित्य सिंधि‍या ने कहा कि कांग्रेस को खुद के बारे में सोचने की जरूरत है.

कांग्रेस पर अपनों ने साधा निशाना
के दो सांसद और सीनियर नेताओं ने अपनी ही पार्टी की कार्यशैली पर सवाल उठाया. केरल से सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर और मध्य प्रदेश से सांसद और पार्टी के सीनियर नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पार्टी को खुद के अवलोकन करने की सलाह दी है.

असम और केरल कांग्रेस में व्यक्तिवाद हावी
तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने कहा कि यह हार काफी निराशाजनक है. यह वक्त करने का है. पार्टी के पुनर्निर्माण की जरूरत है. उन्होंने कहा कि केरल में पार्टी के नेता व्यक्तिगत तरक्की की सोचने लगे. वहीं असम में 15 साल से गोगोई ही सीएम बने रहे.

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लोगों में राहुल गांधी की है अलग इमेज
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने कोशिशें की, लेकिन नतीजे नहीं ला सके. पार्टी अध्यक्ष भी कम दिखीं. लोकसभा चुनाव अभी तीन साल दूर है. राहुल गांधी उपाध्यक्ष हैं और उन्होंने लोगों के मन पर अलग छाप बना रखी है.

अपनी गलती तलाशे और नीतियों पर सोचे कांग्रेस
वहीं दूसरे बड़े नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपनी ही पार्टी पर निशाना साधा. उन्होंने साफ कहा है कि पार्टी को आत्मावलोकन की जरूरत. जो चुनाव नतीजे आएं है, वो निराशाजनक हैं. उन्होंने कहा कि कि उनसे गलती कहां हुई है. साथ ही पार्टी को अपनी नीतियो पर चिंता करनी होगी, ताकि आम लोग उसके बारे में समझे और आकलन कर सके.

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