चुनावी किस्सा: जब 'हिटलर' ने मेघायल से लड़ा था चुनाव, 'जॉन एफ कैनेडी' ने कर लिया था गिरफ्तार

भारत दुनिया के बड़े लोकतांत्रिक देशों में से एक है. हर पांच साल बाद यहां लोकसभा और विधानसभा चुनाव कराए जाते हैं. भारत का चुनाव इतिहास काफी लंबा रहा है और हर चुनाव में कुछ न कुछ ऐसा जरूर होता है जो आश्चर्यजनक होता है. ऐसा ही कुछ 2008 के मेघालय चुनाव में देखने को मिला था, जब कैनेडी और हिटलर अखबार की सुर्खियां बने थे.

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मेघायल चुनाव का पुराना किस्सा चुनाव आयोग ने शेयर किया है. मेघायल चुनाव का पुराना किस्सा चुनाव आयोग ने शेयर किया है.

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 19 मार्च 2024,
  • अपडेटेड 4:19 PM IST

लोकसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान हो चुका है. सभी राजनीतिक पार्टियों ने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान भी लगभग कर दिया है. वहीं चुनाव आयोग आगामी चुनाव में किसी भी तरह की विवादित या आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर सख्त गाइडलाइन जारी कर चुका है. 
लोकसभा चुनाव 7 फेज में होगा और पहले फेज की वोटिंग 19 अप्रैल को होगी. वहीं चुनाव के नतीजे 4 जून को आएंगे. इस बीच चुनाव आयोग ने एक पुराना किस्सा शेयर किया है, जो 2008 में चर्चा का विषय बना था. 

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भारत दुनिया के बड़े लोकतांत्रिक देशों में से एक है. हर पांच साल बाद यहां लोकसभा और विधानसभा चुनाव कराए जाते हैं. भारत का चुनाव इतिहास काफी लंबा रहा है और हर चुनाव में कुछ न कुछ ऐसा जरूर होता है जो आश्चर्यजनक होता है. ऐसा ही कुछ 2008 के मेघालय चुनाव में देखने को मिला था, जब कैनेडी और हिटलर अखबार की सुर्खियां बने थे. अखबारों की हेडलाइन भी कुछ इस तरह थी, "जॉन एफ कैनेडी ने एडॉल्फ लू हिटलर को गिरफ्तार किया."

दरअसल, ये किस्सा 2008 के मेघालय विधानसभा चुनाव का है. इस चुनाव में मेघालय के लोगों ने हिटलर को चुनाव जिता दिया था. इस किस्से का जिक्र अब चुनाव आयोग द्वारा अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किया गया है. 

चुनाव आयोग ने लिखा, "जॉन एफ कैनेडी द्वारा एडॉल्फ हिटलर की गिरफ्तारी. 2008 के मेघायल राज्य चुनावों में भाग लेने वाले एडॉल्फ लू हिटलर मराक नाम के एक उम्मीदवार को उस क्षेत्र के पुलिस अधीक्षक ने आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के लिए गिरफ्तार कर लिया. पुलिस अधीक्षक का भी नाम जॉन एफ कैनेडी था. अगले दिन अखबार की हेडलाइन थी, 'एडॉल्फ लू हिटलर को जॉन एफ कैनेडी ने किया गिरफ्तार.' बाद में हिटलर चुनाव जीत गया."

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यहा गौर देने वाली बात ये है कि उस चुनाव में जिस हिटलर की चर्चा थी वो जर्मनी का तानाशाह नहीं, बल्कि मेघालय का निवासी हैं. वहीं उनको गिरफ्तार करने वाले कैनेडी अमेरिका के 35वें राष्ट्रपति नहीं बल्कि मेघालय के पुलिस अधीक्षक थे. हालांकि इन दोनों के नाम हूबहू ऐतिहासिक और बड़ी शख्सियत वाले ही हैं. इसलिए इन दोनों की चर्चाएं उस दौरान जोरो पर थी. 

2008 में चुनाव जीत गए थे हिटलर

हुआ कुछ यूं था कि तत्कालीन एनसीपी उम्मीदवार एडोल्फ लू हिटलर मराक ने 2008 में एनसीपी के टिकट पर मेघालय की रंगसकोना सीट से विधानसभा चुनाव लड़ा था.  इस चुनाव में उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार जेनिथ एम. संगमा को 1839 वोटों से हराया था.  तब हिटलर को 8193, जबकि संगमा को 6354 वोट मिले थे.  उन्होंने मेघालय सरकार में वन और पर्यावरण मंत्री के रूप में काम किया है. पिछले साल एडॉल्फ लू हिटलर मराक टीएमसी में शामिल हुए थे.

चीन में नाम की वजह से हिरासत में लिए गए थे हिटलर

उनका नाम एडॉल्फ हिटलर क्यों पड़ा? इसके बारे में उन्होंने एक बार बताया था कि उनके पिता ब्रिटिश सेना में थे और वो एडॉल्फ हिटलर के प्रशंसक थे. इसलिए उन्होंने उनका नाम हिटलर रख दिया. इस नाम से उनको अपने देश में कभी भी कोई समस्या नहीं हुई. लेकिन कभी-कभी विदेश यात्रा के दौरान मजाकिया स्थिति जरूर पैदा हो जाती है. उन्हें एक बार चीन में नाम की वजह से 1 घंटे तक हिरासत में भी रखा गया था. 

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