दिल्ली को जानता नहीं था, 2014 में यही वरदान साबित हुआ: PM मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा कि अब ये नया भारत अपने सामर्थ्य, अपने साधन, अपने संसाधनों पर भरोसा करते हुए आगे बढ़ रहा है, अपनी बुनियादी कमजोरियों को दूर करने का, अपनी चुनौतियों को कम करने का प्रयास कर रहा है.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 02 मार्च 2019,
  • अपडेटेड 8:08 AM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को इंडिया टुडे कॉन्क्लेव 2019 के दूसरे दिन कार्यक्रम में शिरकत की. प्रधानमंत्री ने सुरक्षा, अर्थव्यवस्था, किसान, रोजगार, शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे कई मुद्दों पर अपनी बात रखी. अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि 'आजतक' का टैगलाइन 'सबसे तेज' है, तो हमारी सरकार भी सबसे तेज काम करने के लिए जानी जाती है. प्रधानमंत्री ने कहा कि 'मुझे याद है, 2014 से पहले स्टूडियो में भी चर्चा होती थी कि मोदी दुनिया में क्या चल रहा है, उसकी तो मोदी को समझ ही नहीं है, ऐसे में हमारी विदेश नीति का क्या होगा? लेकिन बीते दिनों के घटनाक्रम में आपको दिखाई दे गया होगा कि भारत की विदेश नीति का प्रभाव आज क्या है.' उन्होंने यह भी कहा कि वे दिल्ली को जानते नहीं थे लेकिन 2014 में यही बात उनके लिए वरदान साबित हुआ.

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प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का नया भारत निडर है, निर्भीक है और निर्णायक है. आज सरकार सवा सौ करोड़ भारतीयों के पुरुषार्थ, विश्वास के साथ आगे बढ़ रही है. भारतीयों की इस एकजुटता ने ही देश के भीतर और बाहर कुछ देशविरोधी लोगों में एक डर पैदा किया है. मैं यही कहूंगा कि ये डर अच्छा है. जब दुश्मन में भारत के पराक्रम का डर हो, तो ये डर अच्छा है. जब आतंक के आकाओं में सैनिकों के शौर्य का डर हो, तो ये डर अच्छा है. जब भगोड़ों में भी कानून और अपनी संपत्ति ज़ब्त होने का डर हो, तो ये डर अच्छा है.'

प्रधानमंत्री ने कहा कि 'जब मामा के बोलने से बड़े-बड़े परिवार बौखला जाएं, तो ये डर अच्छा है. जब भ्रष्ट नेताओं को भी जेल जाने का डर सताए, तो ये डर अच्छा है. जब भ्रष्टाचारियों में भी कानून का डर हो, तो ये डर अच्छा है. अब ये नया भारत अपने सामर्थ्य, अपने साधन, अपने संसाधनों पर भरोसा करते हुए आगे बढ़ रहा है, अपनी बुनियादी कमजोरियों को दूर करने का, अपनी चुनौतियों को कम करने का प्रयास कर रहा है.'

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उन्होंने आगे कहा, राफेल की कमी आज देश ने महसूस की है. आज हिंदुस्तान एक स्वर में कह रहा है कि अगर हमारे पास राफेल होता, तो क्या होता? राफेल पर पहले स्वार्थनीति के कारण और अब राजनीति के कारण देश का बहुत नुकसान हुआ है. प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि मोदी विरोध करना हो तो जरूर करिए, हमारी योजनाओं में कमियां निकालिए, आपका हमेशा स्वागत है, लेकिन देश के सुरक्षा हितों का, देश के हित का विरोध मत करिए. आप ये ध्यान रखिए कि मोदी विरोध की इसी जिद में मसूद अजहर और हाफिज सईद जैसे आतंकियों को, आतंक के सरपरस्तों को सहारा न मिल जाए.

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