पंचला विधानसभा क्षेत्र पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले में स्थित है. यह हावड़ा लोकसभा सीट के अंतर्गत आता है. इस विधानसभा क्षेत्र में पंचला कम्युनिटी डेवलपमेंट ब्लॉक और जगतबल्लभपुर ब्लॉक के चार ग्राम पंचायत शामिल हैं. यह सामान्य वर्ग की सीट है और यहां हमेशा बहुकोणीय मुकाबले देखने को मिले हैं. हालांकि मुख्य लड़ाई पहले कांग्रेस और फॉरवर्ड ब्लॉक के बीच
होती थी, लेकिन हाल के वर्षों में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भाजपा प्रमुख प्रतिद्वंद्वी बन गए हैं.
यह सीट वर्ष 1962 में अस्तित्व में आई. अब तक यहां 15 बार चुनाव हो चुके हैं. पहले चुनाव में फॉरवर्ड ब्लॉक के अपूर्व लाल मजूमदार विजयी रहे थे. लंबे समय तक फॉरवर्ड ब्लॉक का यहां मजबूत प्रभाव रहा. सैलेन मंडल और संतोष कुमार दास जैसे नेताओं ने कई बार जीत दर्ज की.
फॉरवर्ड ब्लॉक ने कुल 7 बार यह सीट जीती है. कांग्रेस ने 4 बार जीत दर्ज की. तो वहीं तृणमूल कांग्रेस ने 2011 से लगातार तीन बार जीत हासिल की है. कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (CPI) को यहां केवल 1971 में जीत मिली थी.
गुलशन मुल्लिक यहां के चर्चित नेता हैं. उन्होंने 1996 में कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की थी. बाद में वे तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए और 2011, 2016 और 2021 में लगातार विजयी रहे. 2021 के विधानसभा चुनाव में गुलशन मुल्लिक ने भाजपा उम्मीदवार मोहित लाल घांटी को 32,751 वोटों से हराया.
2024 के लोकसभा चुनाव में भी तृणमूल कांग्रेस ने पंचला खंड में 56,658 वोटों की बढ़त बनाई. टीएमसी को यहां 57.85% वोट शेयर मिला, जबकि भाजपा को 31.21% वोट प्राप्त हुए.
2016 विधानसभा चुनाव में 2,35,296 पंजीकृत मतदाता थे. 2019 लोकसभा चुनाव में 2,50,535 मतदाता, 2021 विधानसभा चुनाव में 2,66,183 मतदाता थे. धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से देखें तो मुस्लिम मतदाता यहां की आबादी का लगभग 38.9% हिस्सा हैं, जबकि 18.51% मतदाता अनुसूचित जाति (SC) से आते हैं. इस क्षेत्र का 66.43% हिस्सा शहरी है, जबकि 33.57% ग्रामीण इलाकों में आता है.
यहां मतदान प्रतिशत हमेशा ऊंचा रहा है- 2016 में 81.15%, 2019 में 77.41%, 2021 में 79.89% रहा था.
पंचला का इलाका समतल और उपजाऊ है. यहां कृषि मुख्य व्यवसाय है. धान, सब्जियां और जूट प्रमुख फसलें हैं. औद्योगिक गतिविधि सीमित है और छोटे स्तर के उद्योग ही मौजूद हैं. बड़े उद्योगों की कमी के कारण स्थानीय अर्थव्यवस्था साधारण बनी हुई है. हालांकि हावड़ा और कोलकाता की नजदीकी होने के कारण रोजगार के कुछ अवसर मिल जाते हैं.
पंचला, कोलकाता से लगभग 25 किलोमीटर दूर है और हावड़ा शहर सिर्फ 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. यह क्षेत्र सड़क और रेल मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है. पास के प्रमुख शहरों में डोमजूर (10 किमी), उलूबेरिया (20 किमी) और बगनान (30 किमी) शामिल हैं.
इस समय तृणमूल कांग्रेस यहां मजबूत स्थिति में है, जबकि भाजपा लगातार पैठ बनाने की कोशिश कर रही है. फॉरवर्ड ब्लॉक अब लगभग गायब हो गया है और कांग्रेस भी हाशिए पर है. 2026 का चुनावी नतीजा इस बात पर निर्भर करेगा कि पार्टियां कितनी अच्छी तरह मतदाताओं को mobilize कर पाती हैं और उनकी स्थानीय समस्याओं को कैसे संबोधित करती हैं. रोजगार, बुनियादी ढांचा और औद्योगिक विकास आने वाले चुनाव का मुख्य मुद्दा होगा.
(अजय झा)