रासबिहारी, एक सामान्य श्रेणी का विधानसभा क्षेत्र, कोलकाता के हृदय में स्थित है और कोलकाता दक्षिण लोकसभा सीट का हिस्सा है. यह क्षेत्र कोलकाता नगर निगम के नौ वार्डों से मिलकर बना है. रासबिहारी में बालीगंज, लेक मार्केट, देशप्रिया पार्क, साउदर्न एवेन्यू, हिंदुस्तान पार्क और गोरियाट के कुछ हिस्से जैसे प्रसिद्ध इलाके शामिल हैं. ये क्षेत्र अपने शहरी
आकर्षण, व्यस्त बाजारों और सांस्कृतिक स्थलों के लिए जाने जाते हैं.
1957 में स्थापित रासबिहारी विधानसभा क्षेत्र अब तक 17 बार चुनाव जा चुका है, जिसमें 1998 में एक उपचुनाव भी शामिल है. कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस ने इस क्षेत्र से छह-छह बार जीत दर्ज की है, जबकि स्वतंत्र प्रत्याशी बेजॉय कुमार बनर्जी ने 1962, 1967 और 1969 में लगातार तीन बार विजय प्राप्त की थी. प्रजा समाजवादी पार्टी (PSP) और CPI(M) ने 1957 और 1977 में एक-एक बार यह सीट जीती थी. पहले दशक में कांग्रेस का दबदबा था, लेकिन ममता बनर्जी के तृणमूल कांग्रेस गठित करने के बाद से इसका समीकरण बदल गया. तृणमूल कांग्रेस ने 1998 के उपचुनाव में इस सीट को जीता और तब से लगातार अपने कब्जे में रखा हुआ है.
सीनियर मंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस के संस्थापक सदस्य सोवांदेब चट्टोपाध्याय ने 1998 से 2016 तक लगातार पांच बार इस सीट पर कब्जा किया. 2021 में वे भवानिपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़े, जबकि तृणमूल कांग्रेस ने रासबिहारी सीट से देबाशिष कुमार को मैदान में उतारा. कुमार ने बीजेपी के ले. जनरल (डॉ.) सुभ्रत साहा को 21,414 वोटों से पराजित किया, जो कि 2016 में चट्टोपाध्याय के 14,553 वोटों के अंतर से भी बेहतर था.
हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी ने रासबिहारी विधानसभा क्षेत्र में अपनी बढ़ती पकड़ का संकेत दिया. यहां तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी के बीच सिर्फ 1,691 वोटों का अंतर रहा. यह नजदीकी मुकाबला आगामी 2026 विधानसभा चुनाव के मद्देनजर तृणमूल कांग्रेस के लिए चुनौती बन गया है.
रासबिहारी में 2021 के विधानसभा चुनावों में कुल 206,013 पंजीकृत मतदाता थे, जो 2019 के लोकसभा चुनाव में 199,083 थे. यह पूरी तरह से शहरी क्षेत्र होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में वोटिंग प्रतिशत कम रहा है. 2021 में मतदान प्रतिशत 60.41% था, जो हाल के वर्षों में सबसे कम में से एक रहा.
यह क्षेत्र कोलकाता की शहरी आधारभूत संरचना से अच्छे तरीके से जुड़ा हुआ है. रासबिहारी एवेन्यू, साउदर्न एवेन्यू और गोरियाट रोड जैसी प्रमुख सड़कें इसे शहर के अन्य हिस्सों से जोड़ती हैं. सार्वजनिक परिवहन की सुविधा यहां व्यापक रूप से उपलब्ध है, जिसमें बस, ऑटो-रिक्शा और टैक्सी नेटवर्क शामिल हैं. कोलकाता मेट्रो की ब्लू लाइन भी इस क्षेत्र से होकर गुजरती है, जिसमें कालिघाट और रवींद्र सरोवर स्टेशन प्रमुख हैं. इसके अलावा, साउथ सिटी मॉल, कई शैक्षणिक संस्थान, अस्पताल और सांस्कृतिक केंद्र इस क्षेत्र को और अधिक आकर्षक बनाते हैं.
जहां तृणमूल कांग्रेस 2026 विधानसभा चुनाव में आत्मविश्वास के साथ उतर सकती है, वहीं बीजेपी की बढ़ती वोट शेयर और 2024 के लोकसभा चुनाव में निकटतम मुकाबले ने इस सीट को सशक्त प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार कर दिया है. हर वोट की अहमियत है, और यह चुनाव राजनीतिक दृष्टि से बेहद रोचक साबित होने वाला है.
(अजय झा)