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सवायजपुर विधानसभा चुनाव 2027 (Sawayazpur Assembly Election 2027)

सवायजपुर उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले का एक उपखंड स्तर का कस्बा है और सवायजपुर तहसील का मुख्यालय है. उपजाऊ गंगा के मैदानों में स्थित यह क्षेत्र आसपास के ग्रामीण इलाकों के लिए प्रमुख प्रशासनिक और वाणिज्यिक केंद्र के रूप में कार्य करता है और तहसील के बड़ी संख्या में गांवों की जरूरतों को पूरा करता है.

2008 के परिसीमन आदेश के तहत गठित

सवायजपुर एक सामान्य, अनारक्षित विधानसभा क्षेत्र है और हरदोई लोकसभा सीट के पांच विधानसभा क्षेत्रों में से एक है. यह सवायजपुर तहसील के पूरे क्षेत्र को कवर करता है, जिससे इस विधानसभा क्षेत्र का स्वरूप मुख्य रूप से ग्रामीण है. इसकी 96 प्रतिशत से अधिक आबादी गांवों में रहती है, जबकि केवल एक छोटी शहरी आबादी सवायजपुर और अन्य क्षेत्रों में केंद्रित है.

नया विधानसभा क्षेत्र होने के कारण सवायजपुर में 2012 से अब तक तीन विधानसभा चुनाव हो चुके हैं. यहां एक ऐसा राजनीतिक पैटर्न देखने को मिला है जिसमें भाजपा ने शुरुआत कमजोर स्थिति से की, लेकिन बाद में विधानसभा क्षेत्र में अपनी स्पष्ट पकड़ बना ली, जबकि उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह द्वारा बनाई गई जन क्रांति पार्टी ने पहले चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

राजनी तिवारी, जो अब भाजपा की नेता हैं और 2022 से योगी आदित्यनाथ सरकार में राज्य मंत्री के रूप में कार्यरत हैं, ने बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवार के रूप में 2012 का पहला चुनाव जीता था. उन्होंने जन क्रांति पार्टी के पद्मराग सिंह यादव को 4,519 मतों से हराया था, जबकि भाजपा उम्मीदवार कुंवर माधवेंद्र प्रताप सिंह मामूली अंतर से तीसरे स्थान पर रहे थे. जन क्रांति पार्टी की मौजूदगी और उस समय कल्याण सिंह तथा भाजपा के बीच मतभेदों के कारण भाजपा समर्थक मतों का विभाजन हुआ और इससे बसपा उम्मीदवार को सीट जीतने में मदद मिली.

जन क्रांति पार्टी के भाजपा में विलय के बाद राजनीतिक समीकरण में बड़ा बदलाव आया. राजनी तिवारी भाजपा में शामिल हो गईं और दूसरी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा, जबकि कुंवर माधवेंद्र प्रताप सिंह ने 2017 में भाजपा के लिए यह सीट जीती. उन्होंने समाजवादी पार्टी में शामिल हो चुके पद्मराग सिंह यादव को 26,970 मतों से हराया. भाजपा ने 2022 में भी यह सीट बरकरार रखी, हालांकि जीत का अंतर थोड़ा कम हुआ. कुंवर माधवेंद्र प्रताप सिंह को 114,263 वोट मिले, जबकि पद्मराग सिंह यादव को 88,576 वोट मिले, जिससे भाजपा की जीत का अंतर 25,687 वोट रहा, जो 10.35 प्रतिशत अंक के बराबर था.

लोकसभा चुनावों के दौरान भी इसी तरह का रुझान देखने को मिला. 2009 में सवायजपुर विधानसभा क्षेत्र में समाजवादी पार्टी ने बसपा पर 16,240 मतों की बढ़त बनाई थी, जबकि भाजपा काफी पीछे तीसरे स्थान पर रही थी. 2014 में तस्वीर पूरी तरह बदल गई, जब भाजपा ने समाजवादी पार्टी पर 38,752 मतों की मजबूत बढ़त हासिल की. 2019 में समाजवादी पार्टी पर उसकी बढ़त बढ़कर 46,834 वोट हो गई. 2024 में यह अंतर काफी कम हुआ, लेकिन भाजपा फिर भी आगे रही. भाजपा के हरदोई लोकसभा उम्मीदवार जय प्रकाश रावत को 112,440 वोट मिले, जबकि समाजवादी पार्टी की उम्मीदवार उषा वर्मा को 93,303 वोट मिले, जिससे इस विधानसभा क्षेत्र में भाजपा को 19,137 वोटों की बढ़त मिली.

सवायजपुर में पिछले वर्षों के दौरान मतदाताओं की संख्या में काफी वृद्धि हुई है. पंजीकृत मतदाताओं की संख्या 2012 में 341,209 से बढ़कर 2017 में 384,720, 2019 में 393,680, 2022 में 403,795 और 2024 में 418,879 हो गई. चुनावों में मतदान प्रतिशत मध्यम रहा है और अलग-अलग चुनावों में इसमें उतार-चढ़ाव देखने को मिला है. 2012 में मतदान प्रतिशत 61.72 रहा था, जो 2017 में थोड़ा घटकर 60.27 प्रतिशत हो गया. 2019 के लोकसभा चुनाव में यह और घटकर 58.06 प्रतिशत रह गया, जबकि 2022 के विधानसभा चुनाव में बढ़कर 61.56 प्रतिशत हो गया. 2024 के लोकसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत फिर घटकर 55.74 प्रतिशत रह गया.

सवायजपुर एक हिंदू बहुल विधानसभा क्षेत्र है, जिसकी सामाजिक संरचना अपेक्षाकृत विविध है. अनुसूचित जाति की आबादी लगभग 16 प्रतिशत है, जबकि मुस्लिम मतदाता करीब 6.60 प्रतिशत हैं. बड़े समुदायों में ब्राह्मण, यादव और क्षत्रिय शामिल हैं, इनके बाद कुशवाहा और लोधी समुदाय आते हैं. अनुसूचित जाति के समुदायों में रैदास की उल्लेखनीय मौजूदगी है, जबकि पाल, धोबी और पासी समुदाय भी यहां पाए जाते हैं. यह विधानसभा क्षेत्र पूरी तरह से ग्रामीण स्वरूप वाला है, जहां 96.62 प्रतिशत आबादी गांवों में रहती है और केवल 3.38 प्रतिशत आबादी शहरी क्षेत्रों में रहती है.

यहां का भूभाग मुख्य रूप से समतल और कृषि प्रधान है, जो मध्य गंगा के मैदानों की सामान्य भौगोलिक विशेषताओं के अनुरूप है. ग्रामीण अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से खेती और इससे जुड़ी गतिविधियों पर निर्भर है, तथा तहसील में गेहूं, धान और अन्य फसलों की खेती की जाती है. बड़ी संख्या में गांवों के कारण सवायजपुर के स्थानीय बाजार, सड़क परिवहन, कृषि सेवाएं और सरकारी सुविधाएं आसपास की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं. इस क्षेत्र का हरदोई और शाहजहांपुर के व्यापक औद्योगिक तथा वाणिज्यिक केंद्रों से भी संपर्क है. गंगा एक्सप्रेसवे के पास सवायजपुर तहसील में प्रस्तावित एकीकृत विनिर्माण और लॉजिस्टिक्स केंद्र क्षेत्र की बढ़ती सड़क कनेक्टिविटी और कृषि तथा औद्योगिक सामान की आवाजाही की संभावनाओं को दर्शाता है. प्रस्तावित स्थल को हरदोई रेलवे स्टेशन की निकटता से भी लाभ मिलने की उम्मीद है.

सवायजपुर कस्बे से संबंधित विशिष्ट ऐतिहासिक रिकॉर्ड सीमित हैं. व्यापक हरदोई क्षेत्र में राजपूत बस्तियों, सल्तनत और मुगल शासन के बाद अवध के नवाबों तथा ब्रिटिश शासन के विभिन्न चरण देखे गए हैं. सवायजपुर मुख्य रूप से उस बड़े ग्रामीण क्षेत्र के प्रशासनिक केंद्र के रूप में विकसित हुआ, जो इसकी तहसील के अंतर्गत आया.

सवायजपुर मुख्य रूप से सड़क परिवहन पर निर्भर है और आसपास के कस्बों तथा बड़े शहरी केंद्रों से सड़क मार्ग के जरिए जुड़ा है. यह हरदोई से करीब 34 किलोमीटर, फर्रुखाबाद से 36 किलोमीटर, सांडी से 31 किलोमीटर और शाहजहांपुर से 61 किलोमीटर दूर है. लखनऊ सड़क मार्ग से करीब 144 किलोमीटर दूर है. निकटतम प्रमुख रेलवे सुविधा हरदोई रेलवे स्टेशन पर है, जो सवायजपुर कस्बे से करीब 34 किलोमीटर दूर है और लखनऊ, शाहजहांपुर, बरेली तथा उत्तर भारत के अन्य हिस्सों से रेल संपर्क प्रदान करता है. गंगा एक्सप्रेसवे ने भी तहसील के लिए एक प्रमुख तेज रफ्तार सड़क मार्ग को नजदीक ला दिया है.

आंकड़े भाजपा के पक्ष में स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं, क्योंकि 2014 के बाद हुए पांच प्रमुख चुनावों में पार्टी ने सवायजपुर में जीत हासिल की या बढ़त बनाई. समाजवादी पार्टी के नेतृत्व वाले विपक्ष पर उसकी बढ़त का एक कारण यह है कि विधानसभा क्षेत्र में उसे बड़े स्तर पर चुनौती नहीं मिली है. समाजवादी पार्टी के प्रदर्शन में सुधार के बावजूद भाजपा ने पर्याप्त बढ़त बनाए रखी, और इन पांच चुनावों में उसकी सबसे कम बढ़त भी 2024 में 8.20 प्रतिशत अंक रही. विपक्ष को इसलिए सवायजपुर के मतदाताओं के सामने ऐसा मजबूत कारण पेश करना होगा, जिससे वे उस पार्टी से अलग होने का फैसला करें जिसने दोनों विधानसभा चुनाव जीते हैं और 2014 के बाद तीनों लोकसभा चुनावों में इस क्षेत्र में बढ़त हासिल की है. 2027 का चुनाव यह तय करेगा कि भाजपा की पकड़ यहां स्थायी हो चुकी है या विपक्ष क्षेत्र के बड़े ग्रामीण मतदाता आधार और विविध सामाजिक संरचना को अपने पक्ष में इस्तेमाल करके मजबूत चुनौती पेश कर सकता है. फिलहाल सवायजपुर उन सीटों में शामिल है जहां भाजपा चुनाव में स्पष्ट बढ़त के साथ प्रवेश करती है. अंतिम फैसला इस बात पर निर्भर करेगा कि 2027 में बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच यह बढ़त कायम रहती है या नहीं.

(अजय झा)

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सवायजपुर विधानसभा चुनाव के पिछले नतीजे

2022
2017
WINNER

Madhavendra Pratap Singh

BJP
वोट1,14,263
विजेता पार्टी का वोट %46 %
जीत अंतर %10.3 %

सवायजपुर विधानसभा चुनाव के अन्य उम्मीदवार

  • नाम
    पार्टी
    वोट
  • Padamrag Singh Yadav

    SP

    88,576
  • Dr. Rahul Tiwari

    BSP

    21,221
  • Rajvardhan Singh

    INC

    11,396
  • Vedram

    JANADIP

    5,418
  • Suraj Prakash

    IND

    1,655
  • Nota

    NOTA

    1,488
  • Lal Bahadur Singh

    IND

    1,043
  • Ramveer

    IND

    629
  • Gyanesh Kumar

    ASPKR

    513
  • Ramesh

    BSRD

    495
  • Umesh Chandra Pathak

    IND

    384
  • Raj Prakash Singh

    IND

    365
  • Ritoo

    BSCP

    263
  • Manoj Kumar

    IND

    263
  • Anupam Pratap Singh

    IND

    250
WINNER

Kunvar Madhvendra Pratap

BJP
वोट92,601
विजेता पार्टी का वोट %39.9 %
जीत अंतर %11.6 %

सवायजपुर विधानसभा चुनाव के अन्य उम्मीदवार

  • नाम
    पार्टी
    वोट
  • Padamrag Singh Yadav

    SP

    65,631
  • Dr. Anupam Dubey Advocate

    BSP

    59,791
  • Yadunandan Lal

    JAM

    3,569
  • Nota

    NOTA

    1,831
  • Neeraj Kumar

    IND

    1,620
  • Mohammad Alay Raza

    RLD

    1,503
  • Sunit Kumar Singh

    MD

    1,150
  • Sudhir Kumar

    IND

    980
  • Jag Jivan

    IND

    754
  • Anil Kumar

    BMUP

    627
  • Ajay Pratap Singh

    IND

    411
  • Raj Prakash Singh

    RASHVIP

    400
  • Ramesh Chandra

    BKRD

    341
  • Udit Pratap Singh

    RTJP

    329
  • Manoj Kumar

    RAJAP

    304
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सवायजपुर विधानसभा चुनाव सीट 2027 से जुड़े सवाल जवाब (FAQs)

सवायजपुर विधानसभा क्षेत्र के वर्तमान (2022) विधायक कौन हैं?

2022 में सवायजपुर में विजयी उम्मीदवार का वोट प्रतिशत कितना था?

2022 के सवायजपुर विधानसभा चुनाव सीट पर Madhavendra Pratap Singh को कितने वोट मिले थे?

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 कब आयोजित होंगे?

पिछला उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव किस पार्टी ने जीता था?

सवायजपुर विधानसभा चुनाव परिणाम 2027 कब घोषित होंगे?

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