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संडीला विधानसभा चुनाव 2027 (Sandila Assembly Election 2027)

संडीला उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में स्थित एक तहसील स्तर का शहर है, जिसकी ऐतिहासिक जड़ें काफी पुरानी हैं. यह संडीला तहसील का मुख्यालय है और यहां कई बड़ी औद्योगिक इकाइयों की मौजूदगी ने इसे राज्य के एक महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्र के रूप में पहचान दी है. हरदोई और लखनऊ के बीच इसकी स्थिति तथा सड़क और रेल संपर्क ने संडीला को क्षेत्र के कई अन्य कस्बों

की तुलना में आर्थिक लाभ दिया है. संडीला औद्योगिक क्षेत्र ने कई बड़ी कंपनियों को आकर्षित किया है, जिससे शहर का औद्योगिक महत्व और मजबूत हुआ है.

1951 के परिसीमन आदेश के तहत स्थापित संडीला एक सामान्य और अनारक्षित विधानसभा क्षेत्र है तथा यह मिश्रिख लोकसभा सीट के पांच विधानसभा क्षेत्रों में से एक है. वर्ष 2008 के परिसीमन में इसकी सीमाओं में बड़े बदलाव किए गए, जब उत्तर प्रदेश के विधानसभा क्षेत्रों को उनके वर्तमान स्वरूप में पुनर्गठित किया गया.

संडीला का चुनावी इतिहास वर्ष 1952 में हुए उत्तर प्रदेश के पहले विधानसभा चुनावों से शुरू होता है. उस समय इसे संडीला-कम-बिलग्राम साउथ ईस्ट के नाम से जाना जाता था और यह दो सदस्यीय विधानसभा क्षेत्र था. वर्ष 1957 में भी यह दो सदस्यीय और अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीट रही, जबकि वर्ष 1962 से यह एक सदस्यीय विधानसभा क्षेत्र बन गया. दशकों के दौरान इसकी सीमाओं और संरचना में कई बार बदलाव हुए, जिनमें सबसे बड़ा बदलाव वर्ष 2008 के परिसीमन के दौरान हुआ.

वर्ष 1962 के बाद हुए 16 विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने संडीला सीट पर छह बार जीत दर्ज की है, जिसमें उसकी पूर्ववर्ती भारतीय जनसंघ की दो जीत भी शामिल हैं. कांग्रेस पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने इस सीट पर तीन-तीन बार जीत हासिल की है. निर्दलीय उम्मीदवारों ने दो बार यह सीट जीती है, जबकि जनता दल और समाजवादी पार्टी ने भी एक-एक बार जीत दर्ज की है. चुनावी इतिहास उत्तर प्रदेश की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों को दर्शाता है, जिसमें यह सीट कांग्रेस, जनसंघ और बाद में भाजपा, बसपा, समाजवादी पार्टी तथा निर्दलीय उम्मीदवारों के बीच बदलती रही है.

वर्ष 2012 में समाजवादी पार्टी के कुंवर महाबीर सिंह विजयी हुए. इससे पहले वह भाजपा के टिकट पर यह सीट जीत चुके थे. उन्होंने मौजूदा बसपा विधायक अब्दुल मन्नान को 19,134 वोटों के अंतर से हराया. अब्दुल मन्नान ने 1996 से 2007 के बीच बसपा के टिकट पर लगातार तीन चुनाव जीतकर हैट्रिक बनाई थी, लेकिन वर्ष 2012 में उनकी जीत का सिलसिला समाप्त हो गया.

यह कल्पना करना मुश्किल था कि वर्ष 2012 में एक प्रतिशत से भी कम वोट हासिल करने वाली और आठवें स्थान पर रहने वाली पार्टी केवल पांच साल बाद यह सीट जीत सकती है. लेकिन भाजपा ने ऐसा कर दिखाया. वर्ष 2017 में भाजपा उम्मीदवार राज कुमार अग्रवाल ने समाजवादी पार्टी छोड़कर आए अब्दुल मन्नान को 20,403 वोटों के अंतर से हराया. भाजपा का वोट शेयर वर्ष 2012 के महज 0.79 प्रतिशत से बढ़कर 2017 में 45.49 प्रतिशत हो गया, जो एक चुनाव में हुआ बड़ा राजनीतिक बदलाव था.

वर्ष 2022 में भाजपा ने अलका सिंह अर्कवंशी को अपना उम्मीदवार बनाकर यह सीट बरकरार रखी. अब्दुल मन्नान ने समाजवादी पार्टी छोड़कर बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा. लगातार तीन चुनाव जीतने के बाद उनकी हार का सिलसिला भी तीन चुनावों तक पहुंच गया. अलका सिंह ने 101,730 वोट हासिल किए, जबकि मन्नान को 64,627 वोट मिले. इस तरह भाजपा ने 37,103 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की, जो पिछली जीत की तुलना में अधिक बड़ा अंतर था.

क्षेत्र की कई अन्य विधानसभा सीटों की तरह संडीला में भी 2009 के लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा का प्रदर्शन कमजोर रहा था. उस चुनाव में भाजपा चौथे स्थान पर रही थी, जबकि बसपा ने समाजवादी पार्टी को 7,175 वोटों से पीछे छोड़ते हुए बढ़त बनाई थी. वर्ष 2014 में भाजपा आगे निकल गई और इसके बाद उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा. वर्ष 2014 में भाजपा ने बसपा पर 7,346 वोटों की बढ़त हासिल की, जबकि 2019 में बसपा पर उसकी बढ़त बढ़कर 32,225 वोट हो गई.

वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने बसपा की जगह भाजपा की मुख्य प्रतिद्वंद्वी पार्टी का स्थान लिया, लेकिन वह अंतर को कम नहीं कर सकी. भाजपा उम्मीदवार अशोक कुमार रावत को संडीला विधानसभा क्षेत्र में 99,721 वोट मिले, जबकि समाजवादी पार्टी की उम्मीदवार संगीता राजवंशी को 74,117 वोट मिले. इस तरह संडीला क्षेत्र में भाजपा ने 25,604 वोटों की बढ़त हासिल की.

संडीला में पिछले कुछ वर्षों के दौरान मतदाताओं की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है. वर्ष 2012 में यहां पंजीकृत मतदाताओं की संख्या 3,08,852 थी, जो वर्ष 2017 में बढ़कर 3,34,078 और वर्ष 2019 में 3,38,357 हो गई. वर्ष 2022 में यह संख्या बढ़कर 3,41,279 और वर्ष 2024 में 3,52,674 हो गई. हालांकि मतदान प्रतिशत में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है और यह आमतौर पर कम रहा है. विधानसभा चुनावों में मतदान प्रतिशत लोकसभा चुनावों की तुलना में थोड़ा अधिक रहा है. वर्ष 2012 में मतदान प्रतिशत 63.14 रहा, जो वर्ष 2017 में घटकर 59.46 प्रतिशत हो गया. वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में यह और घटकर 55.56 प्रतिशत रह गया, जबकि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में बढ़कर 59.94 प्रतिशत हो गया. वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत फिर घटकर 54.89 प्रतिशत रह गया.

संडीला एक हिंदू बहुल विधानसभा क्षेत्र है. यहां अनुसूचित जाति के मतदाताओं की हिस्सेदारी लगभग 26.68 प्रतिशत है, जबकि मुस्लिम मतदाता करीब 18.50 प्रतिशत हैं. अनुसूचित जाति की आबादी में पासी और जाटव सहित अन्य समुदाय शामिल हैं. अन्य मतदाताओं में कुर्मी, लोधी और अन्य पिछड़े वर्गों के लोग शामिल हैं. इसके अलावा ब्राह्मण, ठाकुर और अन्य सवर्ण हिंदू समुदाय भी यहां मौजूद हैं. यह विधानसभा क्षेत्र मुख्य रूप से ग्रामीण है, जहां 88.03 प्रतिशत मतदाता ग्रामीण क्षेत्रों में रहते हैं, जबकि केवल 11.97 प्रतिशत मतदाता संडीला शहर के आसपास के शहरी इलाकों में रहते हैं. औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार और शहर के आसपास बस्तियों के विकास के साथ इस जनसांख्यिकीय संतुलन में कुछ बदलाव आने की संभावना है.

संडीला का इतिहास कई सदियों पुराना बताया जाता है, हालांकि इसके नाम की उत्पत्ति को लेकर अलग-अलग विवरण मिलते हैं. एक प्रचलित स्थानीय मान्यता के अनुसार इसका संबंध ऋषि शांडिल्य से है, जिन्होंने इस क्षेत्र में तपस्या की थी. हरदोई जिला प्रशासन के अनुसार भी यह मान्यता है कि संडीला को ऋषि शांडिल्य ने बसाया था. हालांकि एक पुराने ऐतिहासिक विवरण में इसका अलग उल्लेख मिलता है. इसके अनुसार इस शहर का मूल नाम सीतल पुरवा था और बाद में 14वीं शताब्दी के अंतिम दौर में यह सैयद मखदूम अलाउद्दीन के नियंत्रण में आया. इस परंपरा के अनुसार संडीला नाम उनके द्वारा कहे गए शब्द "सनद अल्लाह" से जुड़ा है, जब उन्होंने प्राप्त शाही फरमान को त्याग दिया था. इसके बाद यह क्षेत्र एक महत्वपूर्ण बस्ती के रूप में विकसित हुआ और मध्यकालीन तथा बाद के शासकों के दौर में संडीला क्षेत्र की प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा रहा.

शहर का आर्थिक महत्व भी समय के साथ बदला है. संडीला की अर्थव्यवस्था पारंपरिक रूप से कृषि, व्यापार और छोटे उद्योगों पर आधारित रही है. यहां के प्रसिद्ध लड्डू भी शहर और इसके रेलवे स्टेशन से जुड़े रहे हैं. 20वीं शताब्दी में औद्योगीकरण को गति मिली और चीनी, कपड़ा, धातु तथा वनस्पति तेल से जुड़ी इकाइयों ने इसकी आर्थिक गतिविधियों में योगदान दिया. उत्तर प्रदेश राज्य वस्त्र निगम की इकाई संडीला स्पिनिंग मिल्स को वर्ष 2001 में बंद कर दिया गया था, लेकिन इसके बाद औद्योगिक क्षेत्र में नए निवेश आए. आईटीसी, हल्दीराम्स, बर्जर पेंट्स, ब्रिटिश पेंट्स और वरुण बेवरेजेज सहित कई बड़ी कंपनियों ने यहां विनिर्माण इकाइयां स्थापित की हैं या उनकी योजनाएं सामने आई हैं. उत्तर प्रदेश सरकार ने संडीला को 150 एकड़ के मेगा लेदर क्लस्टर प्रोजेक्ट के लिए भी चिन्हित किया है.

संडीला सड़क और रेल दोनों माध्यमों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है. यह लखनऊ से लगभग 54 किलोमीटर, हरदोई से 58 किलोमीटर, सीतापुर से 64 किलोमीटर, उन्नाव से 67 किलोमीटर और कानपुर से करीब 80 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. अयोध्या यहां से लगभग 180 किलोमीटर दूर है. संडीला रेलवे स्टेशन लखनऊ-हरदोई रेल मार्ग पर स्थित है और राज्य की राजधानी के साथ-साथ रोहिलखंड क्षेत्र की ओर भी सीधा रेल संपर्क उपलब्ध कराता है. लखनऊ और हरदोई के बीच स्थित होने तथा सड़क और रेल संपर्क के कारण संडीला के औद्योगिक क्षेत्र को विकास में मदद मिली है और सामान तथा श्रमिकों की आवाजाही आसान हुई है.

वर्ष 2009 और 2012 में कमजोर प्रदर्शन के बावजूद वर्ष 2014 के बाद संडीला का राजनीतिक रुझान भाजपा के पक्ष में अधिक दिखाई दिया है और लगातार पांच चुनावों में भाजपा यहां शीर्ष स्थान पर रही है. समाजवादी पार्टी के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन के लिए चुनौती इसलिए भी कठिन है क्योंकि वह अभी भाजपा की बराबरी से काफी दूर है. इन चुनावों में भाजपा की बढ़त और जीत का अंतर लगातार आरामदायक रहा है. वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को संडीला में हराने के लिए समाजवादी पार्टी को काफी मजबूत राजनीतिक रणनीति की जरूरत होगी.

(अजय झा)

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संडीला विधानसभा चुनाव के पिछले नतीजे

2022
2017
WINNER

Alka Singh

BJP
वोट1,01,730
विजेता पार्टी का वोट %49.8 %
जीत अंतर %18.2 %

संडीला विधानसभा चुनाव के अन्य उम्मीदवार

  • नाम
    पार्टी
    वोट
  • Abdul Mannan

    BSP

    64,627
  • Sunil Arkvanshi

    SBSP

    24,655
  • Abhinay Gupta

    BSCP

    3,672
  • Mo. Haneef

    INC

    3,464
  • Nota

    NOTA

    1,856
  • Mo. Rafik

    AIMIM

    1,452
  • Lalit Kumar

    IND

    1,384
  • Naresh Singh

    IND

    632
  • Raghuveer

    AAAP

    500
  • Munnalal Shukla

    SP(I)

    473
WINNER

Raj Kumar Agrawal Urf Rajia

BJP
वोट90,362
विजेता पार्टी का वोट %45.5 %
जीत अंतर %10.3 %

संडीला विधानसभा चुनाव के अन्य उम्मीदवार

  • नाम
    पार्टी
    वोट
  • Abdul Mannan

    SP

    69,959
  • Pawan Kumar Singh

    BSP

    29,223
  • Nota

    NOTA

    1,532
  • Yogendra Singh

    CPI

    1,387
  • Dinesh

    RAJAP

    1,051
  • Shareef

    IND

    950
  • Ganga Ram

    RLD

    812
  • Vimal Kumar Pandey

    IND

    732
  • Ram Ratan Lal Verma

    IND

    609
  • Shubham

    IND

    528
  • Jagannath

    IND

    514
  • Pankaj Pandey

    BKRD

    356
  • Ramesh

    BSRD

    337
  • Mujammil

    IND

    297
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संडीला विधानसभा चुनाव सीट 2027 से जुड़े सवाल जवाब (FAQs)

संडीला विधानसभा क्षेत्र के वर्तमान (2022) विधायक कौन हैं?

2022 में संडीला में विजयी उम्मीदवार का वोट प्रतिशत कितना था?

2022 के संडीला विधानसभा चुनाव सीट पर Alka Singh को कितने वोट मिले थे?

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 कब आयोजित होंगे?

पिछला उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव किस पार्टी ने जीता था?

संडीला विधानसभा चुनाव परिणाम 2027 कब घोषित होंगे?

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