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मानिकपुर विधानसभा चुनाव 2027 (Manikpur Assembly Election 2027)

मानिकपुर उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में चित्रकूट जिले का एक नगर पंचायत और मानिकपुर तहसील का मुख्यालय है. विंध्य पर्वतमाला के पास स्थित और प्रयागराज-जबलपुर रेल मार्ग पर एक महत्वपूर्ण रेलवे जंक्शन होने के कारण यह कस्बा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए प्रशासनिक, वाणिज्यिक और परिवहन केंद्र के रूप में कार्य करता है.

1962 के

चुनावों से पहले स्थापित मानिकपुर एक सामान्य विधानसभा क्षेत्र है और बांदा लोकसभा सीट के पांच विधानसभा खंडों में से एक है. अपने अधिकांश चुनावी इतिहास में मानिकपुर अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीट रहा है. 1962 से 2007 तक यह सीट आरक्षित रही. 2008 के परिसीमन के बाद इसे सामान्य विधानसभा क्षेत्र बना दिया गया और इसकी सीमाओं का पुनर्गठन किया गया. वर्तमान में इसमें मऊ नगर पंचायत सहित पूरी मऊ तहसील, भौरी और मानिकपुर के कानूनगो सर्किल तथा कर्वी तहसील की मानिकपुर सरहट नगर पंचायत शामिल हैं. इन दोनों कस्बों के कारण इस विधानसभा क्षेत्र में शहरी आबादी का एक छोटा हिस्सा है, जबकि इसका अधिकांश भाग ग्रामीण है.

मानिकपुर में अब तक 17 विधानसभा चुनाव हो चुके हैं, जिनमें 2019 का उपचुनाव भी शामिल है. भाजपा ने यह सीट छह बार जीती है, जिसमें उसकी पूर्ववर्ती भारतीय जनसंघ की दो जीत भी शामिल हैं. कांग्रेस ने इस सीट पर पांच बार कब्जा किया है, जिसमें उसकी आखिरी जीत 1989 में हुई थी. बहुजन समाज पार्टी ने 1996 से 2012 के बीच लगातार चार चुनावों में जीत हासिल की. जनता पार्टी और भाजपा की क्षेत्रीय सहयोगी अपना दल (सोनेलाल) ने भी एक-एक बार यह सीट जीती है.

मानिकपुर के सामान्य सीट बनने के बाद भी बसपा की जीत का सिलसिला जारी रहा. 2012 में उसके उम्मीदवार चंद्रभान सिंह पटेल ने समाजवादी पार्टी के श्यामाचरण गुप्ता को 3,697 वोटों से हराया. 2012 के चुनाव में तीसरे स्थान पर रही भाजपा ने 2017 में इस सीट पर जीत हासिल की. भाजपा के उम्मीदवार आर.के. सिंह पटेल, जो पहले बसपा और समाजवादी पार्टी दोनों से जुड़े रहे थे, ने कांग्रेस की संपत पाल को 44,464 वोटों से हराया. 2019 में पटेल के लोकसभा के लिए निर्वाचित होने के कारण उसी वर्ष उपचुनाव कराना पड़ा. भाजपा ने यह सीट बरकरार रखी और उसके उम्मीदवार आनंद शुक्ला ने समाजवादी पार्टी के निर्भय सिंह पटेल को 12,840 वोटों से हराया.

2022 में भाजपा ने मानिकपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव नहीं लड़ा और यह सीट अपने क्षेत्रीय सहयोगी अपना दल (एस) के लिए छोड़ दी. भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने कड़े मुकाबले में इस सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखा. अपना दल (एस) के अविनाश चंद्र द्विवेदी को 73,132 वोट मिले, जबकि समाजवादी पार्टी के वीर सिंह पटेल को 72,084 वोट मिले. अपना दल (एस) ने 1,048 वोटों के मामूली अंतर से जीत हासिल की.

समाजवादी पार्टी अब तक मानिकपुर विधानसभा सीट नहीं जीत पाई है, लेकिन लोकसभा चुनावों में इस क्षेत्र में उसका प्रदर्शन अच्छा रहा है. 2009 में पार्टी ने बसपा पर 7,030 वोटों की बढ़त बनाई थी. 2014 में भाजपा 2009 के तीसरे स्थान से आगे बढ़कर दोनों दलों से आगे निकल गई और बसपा पर 14,566 वोटों की बढ़त हासिल की. 2019 में उसकी बढ़त और बढ़ गई, जब उसने समाजवादी पार्टी पर 29,525 वोटों की बढ़त बनाई. 2024 में मुकाबले की तस्वीर पूरी तरह बदल गई. बांदा लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी की उम्मीदवार कृष्णा देवी शिवशंकर पटेल को 62,480 वोट मिले, जबकि बसपा के मयंक द्विवेदी को 62,397 वोट मिले. इस तरह इस विधानसभा क्षेत्र में समाजवादी पार्टी को केवल 83 वोटों की बढ़त मिली. भाजपा के आर.के. सिंह पटेल को 62,135 वोट मिले. समाजवादी पार्टी और तीसरे स्थान पर रही भाजपा के बीच केवल 345 वोटों का अंतर था.

मानिकपुर में पंजीकृत मतदाताओं की संख्या 2012 में 276,314 से बढ़कर 2017 में 325,694 और 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान 338,534 हो गई. 2022 में यह संख्या 339,376 थी, जबकि 2024 में बढ़कर 352,336 हो गई. विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद 10 अप्रैल 2026 को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची में 321,576 मतदाता दर्ज थे. यह संख्या 2024 के आंकड़े से 30,760 कम है, यानी इसमें 8.73 प्रतिशत की कमी आई है.

यहां मतदान प्रतिशत आम तौर पर सीमित रहा है और अलग-अलग चुनावों में इसमें उतार-चढ़ाव देखने को मिला है. 2012 में मतदान प्रतिशत 60.18 था, जो 2017 में घटकर 59.76 प्रतिशत रह गया. 2019 के लोकसभा चुनाव में इसमें और गिरावट आई तथा मतदान प्रतिशत 56.63 रहा. इसके बाद 2022 के विधानसभा चुनाव में यह बढ़कर 61.38 प्रतिशत हो गया. 2024 के लोकसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत घटकर 57.09 रह गया.

मानिकपुर हिंदू बहुल विधानसभा क्षेत्र है, जहां मुस्लिम आबादी लगभग 3 प्रतिशत होने का अनुमान है. अनुसूचित जाति की आबादी अनुमानित 30.67 प्रतिशत है, जबकि अनुसूचित जनजाति की हिस्सेदारी केवल 0.08 प्रतिशत है. अन्य प्रमुख समुदायों में ब्राह्मण, कुर्मी-पटेल, कोल जनजाति, यादव, लोधी और पाल शामिल हैं. इनके अलावा अन्य पिछड़ी जातियों के समूह भी यहां रहते हैं. अनुमान के अनुसार, ग्रामीण आबादी कुल आबादी का 93.76 प्रतिशत है, जबकि मानिकपुर और मऊ कस्बों को मिलाकर शहरी आबादी की हिस्सेदारी शेष 6.24 प्रतिशत है.

मानिकपुर का इतिहास व्यापक चित्रकूट क्षेत्र से जुड़ा हुआ है. वाल्मीकि रामायण में चित्रकूट का उल्लेख उस स्थान के रूप में मिलता है, जहां भगवान राम, सीता और लक्ष्मण ने अपने वनवास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बिताया था. प्रारंभिक मध्यकाल के दौरान इस क्षेत्र पर प्रतिहार, राष्ट्रकूट और चंदेल शासकों का प्रभाव रहा. मुगल काल तक इस क्षेत्र के कुछ हिस्से अकबर के अधीन भटघोरा सरकार का हिस्सा बन गए थे. 17वीं और 18वीं शताब्दी में यह क्षेत्र रीवा के बघेल शासकों और बाद में बुंदेलों के प्रभाव में आया. 1731 में छत्रसाल की मृत्यु के बाद इसके कुछ हिस्से पन्ना राज्य के अधीन चले गए.

ईस्ट इंडिया कंपनी ने 1803 में इस क्षेत्र पर अधिकार कर लिया. इसके बाद बुंदेलखंड के पुनर्गठन के दौरान यह ब्रिटिश प्रशासन के अधीन आ गया. मानिकपुर में रेलवे जंक्शन के विकास ने इसे एक महत्वपूर्ण परिवहन केंद्र बनाने में मदद की. इससे यह क्षेत्र प्रयागराज, जबलपुर और मध्य भारत के अन्य हिस्सों से जुड़ गया. मध्य प्रदेश की सीमा के पास स्थित यह कस्बा आज भी एक महत्वपूर्ण रेलवे जंक्शन है.

मानिकपुर सड़क मार्ग से चित्रकूट धाम-कर्वी से जुड़ा है, जो लगभग 35 किलोमीटर दूर है. बांदा की दूरी करीब 85 किलोमीटर है. प्रयागराज लगभग 125 किलोमीटर दूर है, जबकि कानपुर करीब 180 किलोमीटर और लखनऊ लगभग 250 किलोमीटर दूर है. मध्य प्रदेश की सीमा पार सतना लगभग 75 किलोमीटर दूर है, जबकि रीवा और पन्ना की दूरी क्रमशः करीब 110 और 130 किलोमीटर है.

विधानसभा और लोकसभा चुनावों में मतदाताओं के अलग-अलग आधार पर मतदान करने का सबसे अच्छा उदाहरण मानिकपुर विधानसभा क्षेत्र है. समाजवादी पार्टी अब तक यह विधानसभा सीट नहीं जीत पाई है, लेकिन संसदीय चुनावों में उसका प्रदर्शन कहीं बेहतर रहा है. 2009 के बाद हुए चार लोकसभा चुनावों में से दो में वह इस क्षेत्र में आगे रही है. 2009 के बाद यहां हुए आठ प्रमुख चुनावों में भाजपा ने दो बार विधानसभा सीट जीती और इतनी ही बार लोकसभा चुनावों में बढ़त हासिल की. वहीं बसपा और अपना दल (एस) ने एक-एक विधानसभा चुनाव जीता. मिले-जुले चुनावी रिकॉर्ड के बावजूद भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के पक्ष में माहौल बना हुआ है. उसने 2019 के उपचुनाव सहित लगातार तीन विधानसभा चुनावों में जीत हासिल की है. हालांकि, 2022 में समाजवादी पार्टी पर उसकी बढ़त केवल 0.5 प्रतिशत अंक थी, जबकि 2024 का लोकसभा मुकाबला बेहद करीबी रहा और तीनों प्रमुख उम्मीदवारों के बीच लगभग कोई अंतर नहीं था.

समाजवादी पार्टी अब तक विधानसभा सीट नहीं जीत पाई है, लेकिन इससे 2027 में उसकी चुनौती कम नहीं हो जाती. 2024 के नतीजे बताते हैं कि बसपा भी एक महत्वपूर्ण कारक बनी हुई है, भले ही हाल के विधानसभा चुनावों में वह यह सीट हार गई हो. विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद मतदाता सूची में 2024 के मुकाबले 30,760 मतदाताओं यानी 8.73 प्रतिशत की कमी आई है. इस बड़ी कमी का चुनावी मुकाबले पर क्या प्रभाव पड़ेगा, यह देखना बाकी है. इस तरह मानिकपुर में एक करीबी और दिलचस्प त्रिकोणीय मुकाबले की संभावना है, जहां भाजपा के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन, समाजवादी पार्टी और बसपा अपनी-अपनी चुनावी ताकत को विधानसभा चुनाव में जीत में बदलने की कोशिश करेंगे.

(अजय झा)

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मानिकपुर विधानसभा चुनाव के पिछले नतीजे

2022
2017
WINNER

Avinash Chandra Dwivedi

ADAL
वोट73,132
विजेता पार्टी का वोट %35.2 %
जीत अंतर %0.5 %

मानिकपुर विधानसभा चुनाव के अन्य उम्मीदवार

  • नाम
    पार्टी
    वोट
  • Veer Singh Patel

    SP

    72,084
  • Balveer Pal

    BSP

    45,367
  • Ranjana Barati Lal Pandey

    INC

    4,110
  • Nota

    NOTA

    3,325
  • Shivpoojan

    JANADIP

    2,849
  • Avinash Chandra Tripathi

    AAAP

    2,054
  • Ramsurat

    ASP

    1,625
  • Pushpendra Kumar Tripathi

    BKVD

    1,351
  • Ali Husain

    IND

    1,216
  • Rajpratap

    IND

    817
WINNER

R.k. Singh Patel

BJP
वोट84,988
विजेता पार्टी का वोट %43.7 %
जीत अंतर %22.9 %

मानिकपुर विधानसभा चुनाव के अन्य उम्मीदवार

  • नाम
    पार्टी
    वोट
  • Sampat Pal

    INC

    40,524
  • Chandrabhan Singh Patel

    BSP

    32,498
  • Daddu Prasad

    BMUP

    9,697
  • Sukhlal Nishad

    NINSHAD

    5,329
  • Dinesh Prasad

    RLD

    4,611
  • Nota

    NOTA

    3,752
  • Akhilesh Kumar

    RAJSPTY

    2,203
  • Ramdayal

    IND

    2,102
  • Shekh Khudabakhs

    IND

    1,959
  • Satyadev

    IND

    1,848
  • Hajari Lal

    JAM

    1,618
  • Abhishek Dwivedi

    SWAP

    1,249
  • Saryu Prasad Keshrvani

    SHS

    1,239
  • Indrapal

    IND

    940
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मानिकपुर विधानसभा चुनाव सीट 2027 से जुड़े सवाल जवाब (FAQs)

मानिकपुर विधानसभा क्षेत्र के वर्तमान (2022) विधायक कौन हैं?

2022 में मानिकपुर में विजयी उम्मीदवार का वोट प्रतिशत कितना था?

2022 के मानिकपुर विधानसभा चुनाव सीट पर Avinash Chandra Dwivedi को कितने वोट मिले थे?

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 कब आयोजित होंगे?

पिछला उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव किस पार्टी ने जीता था?

मानिकपुर विधानसभा चुनाव परिणाम 2027 कब घोषित होंगे?

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