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महोली विधानसभा चुनाव 2027 (Maholi Assembly Election 2027)

महोली उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में तहसील स्तर का एक नगर और नगर पंचायत है तथा महोली तहसील का मुख्यालय है. कठना नदी के बाएं किनारे पर स्थित इस नगर की जड़ें मध्यकालीन युग से जुड़ी हैं. यह आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के लिए प्रशासनिक और स्थानीय बाजार केंद्र के रूप में काम करता है.

2008 के परिसीमन आदेश के तहत गठित महोली एक सामान्य,

अनारक्षित विधानसभा क्षेत्र है और धौरहरा लोकसभा सीट के पांच विधानसभा क्षेत्रों में से एक है. इसकी सीमाओं में पूरा महोली नगर पंचायत क्षेत्र, महोली, पिसावां और चंद्रा के कानूनगो सर्किल तथा अलीया कानूनगो सर्किल के कुछ हिस्से शामिल हैं. यह विधानसभा क्षेत्र मुख्य रूप से ग्रामीण है.

नए विधानसभा क्षेत्र के रूप में महोली में 2012 से अब तक तीन विधानसभा चुनाव हुए हैं. इस क्षेत्र में कई करीबी मुकाबले देखने को मिले हैं, खासकर उत्तर प्रदेश की राजनीति के दो प्रमुख प्रतिद्वंद्वियों भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच.

समाजवादी पार्टी ने 2012 का पहला चुनाव आसानी से जीता था. उसके उम्मीदवार अनूप कुमार गुप्ता ने बहुजन समाज पार्टी के महेश चंद्र मिश्रा को 22,715 मतों से हराया था. भाजपा को केवल 2.79 प्रतिशत वोट मिले थे और वह पांचवें स्थान पर रही थी. इसके बाद भाजपा ने 2017 के चुनाव में तेजी से बढ़त बनाते हुए यह सीट जीत ली. उसके उम्मीदवार शशांक त्रिवेदी ने मौजूदा समाजवादी पार्टी विधायक अनूप कुमार गुप्ता को 3,717 मतों से हराया और 2022 में अपनी जीत का अंतर और बढ़ाया. दोनों के बीच एक बार फिर हुए मुकाबले में त्रिवेदी को 112,040 वोट मिले, जबकि गुप्ता को 99,868 वोट मिले. इस तरह भाजपा ने 12,172 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की.

विधानसभा चुनावों में भाजपा की धीमी शुरुआत की तरह ही 2009 के लोकसभा चुनाव में भी पार्टी चौथे स्थान पर रही थी. उस चुनाव में कांग्रेस ने बसपा पर 39,787 वोटों की बढ़त बनाई थी. 2014 में भाजपा ने जोरदार वापसी की और उसके बाद से लगातार शीर्ष पर बनी हुई है. 2014 में भाजपा ने बसपा पर 17,940 वोटों की बढ़त बनाई, जो 2019 में बढ़कर 39,546 वोट हो गई. 2024 में समाजवादी पार्टी ने बसपा की जगह भाजपा की प्रमुख प्रतिद्वंद्वी का स्थान हासिल किया और सत्तारूढ़ दल के लिए चुनौती बढ़ा दी. भाजपा की रेखा वर्मा को 97,131 वोट मिले, जबकि समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार आनंद भदौरिया को 96,436 वोट मिले. इस तरह भाजपा को केवल 695 वोटों की मामूली बढ़त मिली.

महोली में मतदाताओं की संख्या लगातार बढ़ी है. पंजीकृत मतदाताओं की संख्या 2012 में 323,667 से बढ़कर 2017 में 351,909, 2019 में 361,859, 2022 में 379,100 और 2024 में 385,394 हो गई. मतदान प्रतिशत में केवल मामूली उतार-चढ़ाव देखने को मिला है. 2012 में मतदान 67.26 प्रतिशत रहा और 2017 में बढ़कर 68.69 प्रतिशत हो गया. 2019 के लोकसभा चुनाव में यह घटकर 64.14 प्रतिशत रहा, जबकि 2022 के विधानसभा चुनाव में बढ़कर 66.12 प्रतिशत हो गया. 2024 के लोकसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत फिर घटकर 61.51 प्रतिशत रह गया.

महोली एक हिंदू बहुल विधानसभा क्षेत्र है, जहां मुस्लिम आबादी अपेक्षाकृत कम है. अनुमान के अनुसार मतदाताओं में मुस्लिम समुदाय की हिस्सेदारी 9.50 प्रतिशत है, जबकि अनुसूचित जाति के मतदाताओं की हिस्सेदारी 32.17 प्रतिशत है. उच्च जाति के मतदाताओं में ब्राह्मणों की महत्वपूर्ण मौजूदगी है, जबकि कुर्मी, यादव, मौर्य, लोध, राजपूत और अन्य ओबीसी तथा उच्च जाति के समुदाय भी यहां मौजूद हैं. अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़े समुदायों में धनुक, धोबी और रैदास समुदायों की भी उल्लेखनीय मौजूदगी है. यह सीट लगभग पूरी तरह ग्रामीण है, जहां 96 प्रतिशत आबादी ग्रामीण और केवल 4 प्रतिशत आबादी शहरी है.

महोली कठना नदी के बाएं किनारे पर स्थित है. शुरुआती विवरणों के अनुसार इस क्षेत्र को कभी महोलिगढ़ के नाम से जाना जाता था और मध्यकाल में यह पासी सरदार राजा हंसा के शासन का केंद्र था. एक अन्य स्थानीय परंपरा के अनुसार वर्तमान नाम महिपाल नामक एक कुर्मी से जुड़ा है, जिसके बारे में माना जाता है कि उसने करीब पांच शताब्दी पहले पुराने बस्ती के अवशेषों पर इस नगर का पुनर्निर्माण कराया था.

बाद की सदियों में यह क्षेत्र अहबान राजपूतों के अधीन आया और इसके बाद मुगल प्रशासन का हिस्सा बना. नवाबी काल में हाकिम मेहंदी अली खान ने बाजार की स्थापना, सराय के निर्माण और कठना नदी पर पुल बनवाकर इस स्थान के विकास में योगदान दिया. नवाब शुजा-उद-दौला के समय का एक पुराना सरकारी किला आज भी यहां अवशेष के रूप में देखा जा सकता है. 2013 में महोली को मिश्रिख से अलग कर एक स्वतंत्र तहसील बनाया गया और यह आज भी एक छोटे ग्रामीण बाजार तथा प्रशासनिक केंद्र के रूप में कार्य करता है.

महोली और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर निर्भर है. सीतापुर जिले के उपजाऊ मैदानों में गेहूं, धान, दालें, तिलहन, गन्ना और अन्य फसलों की खेती की जाती है. खेती महोली नगर में स्थानीय बाजारों, परिवहन संचालकों, छोटे कारोबारों और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के नेटवर्क को सहारा देती है. नगर पंचायत आसपास के गांवों के लिए प्रशासनिक, शैक्षणिक और व्यापारिक केंद्र के रूप में भी काम करती है.

महोली के आसपास का भूभाग मुख्य रूप से समतल है और यहां उपजाऊ जलोढ़ मैदान पाए जाते हैं, जो कृषि के लिए उपयुक्त हैं. कठना नदी नगर के किनारे से होकर बहती है, जबकि सिंचाई और भूजल विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण हिस्सों में खेती को सहारा देते हैं. वर्षा और पानी की उपलब्धता में मौसमी बदलाव ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि गतिविधियों को प्रभावित करते हैं.

महोली सड़क मार्ग से सीतापुर, शाहजहांपुर, लखनऊ और क्षेत्र के अन्य नगरों से जुड़ा हुआ है. यहां महोली नाम का अपना रेलवे स्टेशन भी है, जो इसे सीतापुर और उत्तर प्रदेश के अन्य हिस्सों से रेल नेटवर्क के जरिए जोड़ता है. सीतापुर जंक्शन रेल मार्ग से लगभग 26 किलोमीटर दूर है और लंबी दूरी की रेल यात्रा के लिए प्रमुख रेलवे केंद्र के रूप में काम करता है.

सीतापुर सड़क मार्ग से महोली से करीब 24 किलोमीटर दूर है, जबकि शाहजहांपुर लगभग 70 से 80 किलोमीटर की दूरी पर है. हरदोई करीब 70 से 75 किलोमीटर और लखीमपुर खीरी लगभग 70 किलोमीटर दूर है. लखनऊ से महोली की सड़क दूरी करीब 110 किलोमीटर है. नई दिल्ली लगभग 390 किलोमीटर दूर है.

महोली में करीबी मुकाबलों और कम अंतर से जीत का रिकॉर्ड भले ही रहा हो, लेकिन भाजपा इसे लेकर निश्चिंत नहीं हो सकती. हाल के समय में उसे समाजवादी पार्टी से गंभीर चुनौती मिल रही है और 2024 के लोकसभा चुनाव में मिली बेहद मामूली बढ़त उसके लिए एक चेतावनी मानी जा सकती है. 2027 के विधानसभा चुनाव में सीट बरकरार रखने के लिए भाजपा को अपनी रणनीति मजबूत करनी होगी, साथ ही उसे उम्मीद होगी कि महोली के मतदाता विधानसभा और लोकसभा चुनावों में अलग-अलग मुद्दों और परिस्थितियों को ध्यान में रखकर मतदान करेंगे. समाजवादी पार्टी 2024 में बढ़त हासिल करने से चूकने के बावजूद अपने प्रदर्शन से उत्साहित होगी और विधानसभा चुनाव में इसे आगे बढ़ाने की कोशिश करेगी. ऐसे में महोली का अगला विधानसभा चुनाव करीबी और दिलचस्प मुकाबले वाला हो सकता है.

(अजय झा)

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महोली विधानसभा चुनाव के पिछले नतीजे

2022
2017
WINNER

Shashank Trivedi

BJP
वोट1,12,040
विजेता पार्टी का वोट %44.7 %
जीत अंतर %4.8 %

महोली विधानसभा चुनाव के अन्य उम्मीदवार

  • नाम
    पार्टी
    वोट
  • Anoop Kumar Gupta

    SP

    99,868
  • Dr Rajendra Prasad Verma

    BSP

    25,507
  • Ajay Verma

    BJKD

    2,222
  • Ashish Mishra

    INC

    2,212
  • Nota

    NOTA

    1,480
  • Pradeep

    IND

    1,415
  • Ramkumar Mishra

    pps

    1,092
  • Deepti Verma

    AAAP

    985
  • Radheshyam

    IND

    896
  • Shyam Lal

    IND

    714
  • Ram Kumar

    IND

    585
  • Tej Narayan Vishvakarma

    BMUP

    459
  • Rajesh Kumar Rathaur

    BSRD

    410
  • Neeraj

    UPRP

    313
  • Nafees Khan

    LTJP

    306
WINNER

Shashank Trivedi

BJP
वोट80,938
विजेता पार्टी का वोट %33.5 %
जीत अंतर %1.6 %

महोली विधानसभा चुनाव के अन्य उम्मीदवार

  • नाम
    पार्टी
    वोट
  • Anoop Kumar Gupta

    SP

    77,221
  • Mahesh Chandra Mishra

    BSP

    60,917
  • Mahendra Singh Verma

    LD

    11,214
  • Nota

    NOTA

    1,665
  • Vineet Kumar

    RLD

    1,554
  • Amit Singh

    BSRD

    1,482
  • Raja Ram

    IND

    1,304
  • Subedar

    IND

    1,019
  • S. P. Singh

    IND

    943
  • Ashish Kumar

    IND

    694
  • Dr. Vijay Shree

    RPI(A)

    621
  • Sarojani Devi

    CPI(ML)(L)

    575
  • Ramautar Nishad

    JHSPT

    549
  • Mahanand Bajpai

    IND

    548
  • Khushi Ram Choudhari

    UPRP

    455
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महोली विधानसभा चुनाव सीट 2027 से जुड़े सवाल जवाब (FAQs)

महोली विधानसभा क्षेत्र के वर्तमान (2022) विधायक कौन हैं?

2022 में महोली में विजयी उम्मीदवार का वोट प्रतिशत कितना था?

2022 के महोली विधानसभा चुनाव सीट पर Shashank Trivedi को कितने वोट मिले थे?

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 कब आयोजित होंगे?

पिछला उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव किस पार्टी ने जीता था?

महोली विधानसभा चुनाव परिणाम 2027 कब घोषित होंगे?

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