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कांठ विधानसभा चुनाव 2027 (Kanth Assembly Election 2027)

कांठ, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में रामगंगा नदी के किनारे बसा एक सब-डिविजन स्तर का शहर है, जिसका अपना नगर पालिका परिषद है. यह एक तेजी से बढ़ता हुआ शहर है जो पूरे भारत में सप्लाई की जाने वाली पट्टियों (बैंडेज) के निर्माण के लिए जाना जाता है.

कांठ एक सामान्य, अनारक्षित विधानसभा क्षेत्र है और मुरादाबाद लोकसभा सीट के पांच

हिस्सों में से एक है. यह निर्वाचन क्षेत्र 1957 के चुनावों से पहले बनाया गया था. 2008 के परिसीमन के बाद, अब इसमें पूरा कांठ सब-डिविजन और ठाकुरद्वारा व मुरादाबाद सब-डिविजन के कुछ हिस्से शामिल हैं.

कांठ में अब तक 17 विधानसभा चुनाव हो चुके हैं. यहां किसी एक राजनीतिक पार्टी का दबदबा नहीं रहा है. बीजेपी और कांग्रेस ने तीन-तीन बार यह सीट जीती है. भारतीय क्रांति दल, जनता पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने दो-दो बार जीत हासिल की है, जबकि जनता दल, कांग्रेस (यू), पीस पार्टी ऑफ इंडिया, एक निर्दलीय उम्मीदवार और समाजवादी पार्टी ने एक-एक बार जीत दर्ज की है. पिछले तीन विधानसभा चुनाव तीन अलग-अलग पार्टियों ने जीते हैं, जो इस निर्वाचन क्षेत्र की अस्थिरता को दिखाता है.

2012 में पीस पार्टी ऑफ इंडिया के अनीसुर्रहमान ने बीएसपी के रिजवान अहमद खान को 37,092 वोटों से हराकर यह सीट जीती थी. बाद में वे समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए. 2017 में, मुस्लिम वोटों के बंटवारे से बीजेपी के राजेश कुमार सिंह को अनीसुर्रहमान के खिलाफ 2,348 वोटों के मामूली अंतर से सीट जीतने में मदद मिली. 2022 में, समाजवादी पार्टी ने यह सीट जीती, जिसमें कमाल अख्तर ने मौजूदा बीजेपी विधायक राजेश कुमार सिंह को 43,178 वोटों से हराया.

कांठ के मतदाताओं का मिजाज इस क्षेत्र के लोकसभा चुनाव के रुझानों में भी दिखता है. 2009 में, कांग्रेस बीजेपी से 14,297 वोटों से आगे थी. 2014 में बीजेपी ने समाजवादी पार्टी पर 9,486 वोटों की बढ़त बनाई. 2019 में समाजवादी पार्टी ने BJP पर 45,719 वोटों की बढ़त बनाई थी और 2024 में भी यह बढ़त बनाए रखी, हालांकि अंतर कम होकर 28,239 वोट रह गया. इस चुनाव में रुचि वीरा को 1,27,838 वोट मिले, जबकि कुंवर सर्वेश कुमार सिंह को 99,599 वोट मिले.

कांठ में वोटरों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है. 2012 के विधानसभा चुनाव में यहां 302,267 रजिस्टर्ड वोटर थे और वोटिंग प्रतिशत 66.41% था. यह संख्या 2017 में बढ़कर 355,629 (वोटिंग 71.17%), 2019 में 365,984 (वोटिंग 69.88%), 2022 में 390,562 (वोटिंग 70.11%) और 2024 में 391,579 (वोटिंग 66.67%) हो गई. लोकसभा चुनावों की तुलना में विधानसभा चुनावों में वोटिंग प्रतिशत आमतौर पर ज्यादा रहता है.

2011 की जनगणना के अनुमानों के अनुसार, अनुसूचित जाति के वोटर कुल वोटरों का लगभग 15.85% हैं. कांठ में मुस्लिम आबादी भी काफी है, जो एक मजबूत और प्रभावशाली वोट बैंक बनाती है. यह निर्वाचन क्षेत्र मुख्य रूप से ग्रामीण है, यहां 83.14% वोटर गांवों में रहते हैं, जबकि शहरी इलाकों में रहने वाले वोटरों की संख्या 16.86% है.

कांठ की स्थापना 1625 में कुंवर साहब ने की थी, जिन्होंने नदी के किनारे एक किला बनवाया था. यह एक जमींदारी एस्टेट था जिसमें दो मुख्य रियासतें पश्चिमी और पूर्वी शामिल थीं. ब्रिटिश शासन के दौरान, यह यूनाइटेड प्रोविंस के बरेली डिवीजन का हिस्सा बन गया. स्थानीय शासकों ने कॉलेज और सरकारी अस्पताल बनवाकर तथा सार्वजनिक संस्थानों के लिए जमीन देकर शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में अहम योगदान दिया. यह कस्बा एक छोटी सी बस्ती से बढ़कर अब एक हलचल भरे कमर्शियल सेंटर में बदल गया है.

यहां की स्थानीय अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से खेती (खासकर गन्ना) और छोटे पैमाने के उद्योगों, विशेषकर बैंडेज और उससे जुड़े मेडिकल सामान के निर्माण पर टिकी है. हाल के वर्षों में, रेडीमेड कपड़ों के उत्पादन ने भी तेजी पकड़ी है और यह शहर की अर्थव्यवस्था में एक अहम योगदानकर्ता बनकर उभरा है. व्यापार और कृषि-प्रसंस्करण इकाइयां भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही हैं. किसानों के मुद्दे, औद्योगिक विकास, बिजली की आपूर्ति और रोजगार मतदाताओं के लिए मुख्य चिंताएं हैं.

भौगोलिक रूप से, कांठ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के उपजाऊ मैदानों में रामगंगा नदी के किनारे बसा है. यहां की जमीन ज्यादातर समतल है और नहरों से सिंचाई के जरिए यहां बड़े पैमाने पर खेती होती है.

यहां के बुनियादी ढांचे में नेशनल और स्टेट हाईवे के जरिए अच्छी सड़क कनेक्टिविटी शामिल है. कांठ में एक रेलवे स्टेशन है जो बड़े रूटों से जुड़ा हुआ है.

कांठ जिला मुख्यालय मुरादाबाद से लगभग 35-40 किमी दूर है. उत्तराखंड में हरिद्वार लगभग 110-120 किमी, मेरठ लगभग 90-100 किमी, बिजनौर लगभग 70-80 किमी, सहारनपुर लगभग 130-140 किमी और दिल्ली लगभग 160-170 किमी दूर है. राज्य की राजधानी लखनऊ लगभग 400 किमी दूर है.

कांठ में मुस्लिम मतदाताओं की बड़ी संख्या को देखते हुए, समाजवादी पार्टी को स्वाभाविक बढ़त हासिल है. हालांकि, मुस्लिम वोटों में कोई भी बंटवारा अक्सर बीजेपी के लिए रास्ता खोल देता है. मुख्य मुकाबला इन्हीं दो पार्टियों के बीच होने की संभावना है. बीजेपी चाहेगी कि मुस्लिम वोटों को बांटने के लिए बीएसपी और एआईएमआईएम का प्रदर्शन मजबूत हो, साथ ही वह हिंदू मतदाताओं को एकजुट करने की भी कोशिश करेगी. मतदाताओं की जनसांख्यिकी यह तय करती है कि कांठ में जबरदस्त मुकाबला देखने को मिल सकता है, जिसमें सांप्रदायिक भावनाएं भी शामिल हो सकती हैं. कौन सी पार्टी अपने मुख्य मतदाताओं को बेहतर ढंग से एकजुट कर पाती है, यही अंततः 2027 के विधानसभा चुनावों के नतीजे तय करेगा.

(अजय झा)

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कांठ विधानसभा चुनाव के पिछले नतीजे

2022
2017
WINNER

Kamal Akhtar

SP
वोट1,34,692
विजेता पार्टी का वोट %49.2 %
जीत अंतर %15.8 %

कांठ विधानसभा चुनाव के अन्य उम्मीदवार

  • नाम
    पार्टी
    वोट
  • Rajesh Kumar Singh Urf Chunnu

    BJP

    91,514
  • Afaq Ali Khan

    BSP

    36,341
  • Raisuddin

    AIMIM

    2,886
  • Kailash Kumar

    LTSP

    2,208
  • Mohd Israr

    INC

    1,470
  • Nota

    NOTA

    1,031
  • Omkar Singh

    IND

    856
  • Mujfafar Khan

    IND

    743
  • Dushyant Singh

    IND

    455
  • Rajesh Kumar

    RSPS

    438
  • Trilok Chandra

    AAAP

    285
  • Humaira Akhtar

    IND

    283
  • Mohd Aslam Urf Pasha

    IND

    277
  • Nar Singh Saini

    JANADIP

    204
  • Nadir Ali Mansoori

    PECP

    156
WINNER

Rajesh Kumar Singh (chunnu)

BJP
वोट76,307
विजेता पार्टी का वोट %30.1 %
जीत अंतर %0.9 %

कांठ विधानसभा चुनाव के अन्य उम्मीदवार

  • नाम
    पार्टी
    वोट
  • Aneesurrehman

    SP

    73,959
  • Mohd. Nasir

    BSP

    43,820
  • Fizaullah Chaudhry

    AIMIM

    22,908
  • Muhammed Usman Ali

    PECP

    13,931
  • Dinesh Kumar Saini

    IND

    10,924
  • Afak Ali Khan

    RLD

    3,458
  • Kashif

    IND

    1,744
  • Nota

    NOTA

    1,199
  • Ramrakshpal

    SHS

    1,086
  • Mohammad Amil

    NALP

    950
  • Rafiullah Khan

    IND

    866
  • Madan Lal Singh

    NCP

    861
  • Mohd Israr

    IND

    744
  • Satish Kumar

    RACP

    351
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कांठ विधानसभा चुनाव सीट 2027 से जुड़े सवाल जवाब (FAQs)

कांठ विधानसभा क्षेत्र के वर्तमान (2022) विधायक कौन हैं?

2022 में कांठ में विजयी उम्मीदवार का वोट प्रतिशत कितना था?

2022 के कांठ विधानसभा चुनाव सीट पर Kamal Akhtar को कितने वोट मिले थे?

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 कब आयोजित होंगे?

पिछला उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव किस पार्टी ने जीता था?

कांठ विधानसभा चुनाव परिणाम 2027 कब घोषित होंगे?

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