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जगदीशपुर विधानसभा चुनाव 2027 (Jagdishpur Assembly Election 2027)

जगदीशपुर उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले का एक कस्बा और जगदीशपुर सामुदायिक विकास खंड का मुख्यालय है. यह पहले मुसाफिरखाना तहसील में एक परगना था. लखनऊ-जौनपुर और रायबरेली-फैजाबाद राजमार्गों के चौराहे पर स्थित होने के कारण जिले में इसकी भौगोलिक स्थिति महत्वपूर्ण है. वर्तमान में यह आसपास के बड़ी संख्या में गांवों के लिए प्रमुख शहरी केंद्र के रूप में काम

करता है.

1962 के चुनावों से पहले गठित जगदीशपुर विधानसभा क्षेत्र अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है और अमेठी लोकसभा सीट के पांच विधानसभा क्षेत्रों में से एक है. 2008 के परिसीमन के बाद इसमें मुसाफिरखाना तहसील के बाजार शुकुल, जगदीशपुर और हलियापुर कानूनगो सर्किल के साथ गौरीगंज तहसील के जामो कानूनगो सर्किल के नौ राजस्व गांव शामिल हैं. इन गांवों में घाटमपुर, जनापुर, सेम्हुई, चितहुला, शूरातगढ़, हरगांव, दक्षिणवारा, अचलपुर और आदिलपुर शामिल हैं. विधानसभा क्षेत्र का स्वरूप मुख्य रूप से ग्रामीण है और इसमें शहरी क्षेत्र का हिस्सा बहुत कम है.

जगदीशपुर में 1962 में पहली बार चुनाव होने के बाद अब तक 16 विधानसभा चुनाव हो चुके हैं. यह क्षेत्र पहले कांग्रेस का मजबूत गढ़ माना जाता था और भारतीय जनसंघ तथा बाद में उसकी उत्तराधिकारी भारतीय जनता पार्टी से उसे चुनौती मिलती रही. कांग्रेस ने इस सीट पर नौ बार जीत दर्ज की है, जबकि भाजपा ने पांच बार जीत हासिल की है, जिसमें 1967 और 1969 के चुनाव भी शामिल हैं, जब भारतीय जनसंघ के उम्मीदवार विजयी हुए थे. समाजवादी पार्टी ने यहां एक बार जीत दर्ज की है, जबकि 1977 में जनता पार्टी ने यह सीट जीती थी. राम सेवक इस सीट के सबसे सफल नेताओं में रहे हैं और उन्होंने नौ बार जीत दर्ज की. उन्होंने 1967 और 1969 में भारतीय जनसंघ के टिकट पर जीत हासिल की और बाद में कांग्रेस के लिए लगातार कई बार चुनाव जीता.

2012 में कांग्रेस के राधेश्याम ने समाजवादी पार्टी के विजय कुमार को 5,397 मतों से हराकर सीट जीती थी. 2017 में भाजपा ने 2012 के चुनाव में चौथे स्थान पर रहने के बाद वापसी करते हुए सीट पर जीत दर्ज की. भाजपा के सुरेश कुमार पासी ने कांग्रेस के मौजूदा विधायक राधेश्याम को 16,600 मतों से हराया. 2022 में सुरेश कुमार पासी ने अपनी सीट बरकरार रखी. उन्होंने समाजवादी पार्टी से कांग्रेस में आए विजय कुमार को 22,824 मतों के बढ़े हुए अंतर से हराया. सुरेश कुमार पासी को 89,315 मत मिले, जबकि विजय कुमार को 66,491 मत मिले. इसके साथ 2017 की जीत के बाद जगदीशपुर में भाजपा की स्थिति और मजबूत हुई.

लोकसभा चुनावों के दौरान भी जगदीशपुर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस और भाजपा के बीच मुकाबला दिखाई देता है. पिछले चार लोकसभा चुनावों में से तीन में कांग्रेस ने इस क्षेत्र में बढ़त हासिल की है, हालांकि भाजपा ने उसे कड़ी चुनौती दी है. 2009 में कांग्रेस ने बहुजन समाज पार्टी के मुकाबले 82,038 मतों की बढ़त बनाई थी. 2014 में यह अंतर घटकर भाजपा के मुकाबले 14,241 मत रह गया. 2019 में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा और भाजपा ने इस क्षेत्र में 17,914 मतों की बढ़त बना ली. इसी लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी, जो लगातार तीन बार अमेठी लोकसभा सीट जीत चुके थे, भाजपा की स्मृति ईरानी से हार गए. 2024 में कांग्रेस ने फिर इस क्षेत्र में बढ़त हासिल की. कांग्रेस के अमेठी लोकसभा उम्मीदवार किशोरी लाल को 101,496 मत मिले, जबकि स्मृति ईरानी को 86,073 मत मिले. इस तरह कांग्रेस को इस विधानसभा क्षेत्र में 15,423 मतों की बढ़त मिली.

जगदीशपुर में पिछले वर्षों के दौरान मतदाताओं की संख्या में लगातार वृद्धि हुई. 2012 में पंजीकृत मतदाताओं की संख्या 321,645 थी, जो 2017 में बढ़कर 361,697 हो गई. 2019 के लोकसभा चुनाव में यह संख्या 366,430 थी. 2022 के विधानसभा चुनाव में यह 378,898 और 2024 में 381,740 हो गई. 2026 में विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची में 330,028 मतदाता थे. यह संख्या 2024 में दर्ज 381,740 मतदाताओं से 51,712 कम थी, यानी 13.55 प्रतिशत की कमी दर्ज हुई. विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद मतदाता सूची के आकार में उल्लेखनीय कमी आई, जिससे 2027 का विधानसभा चुनाव इस क्षेत्र में काफी छोटे मतदाता आधार पर होने वाला पहला विधानसभा चुनाव होगा.

मतदान प्रतिशत में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है, हालांकि यह अपेक्षाकृत कम स्तर पर रहा है. 2012 में मतदान प्रतिशत 53.78 था और 2017 में 53.37 प्रतिशत रहा. 2019 के लोकसभा चुनाव में यह मामूली रूप से बढ़कर 53.97 प्रतिशत हुआ. 2022 के विधानसभा चुनाव में यह घटकर 53.87 प्रतिशत रहा. 2024 के लोकसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत फिर घटकर 53.44 प्रतिशत हो गया.

जगदीशपुर हिंदू बहुल विधानसभा क्षेत्र है, जहां मुस्लिम और अनुसूचित जाति की आबादी भी उल्लेखनीय है. अनुसूचित जाति की आबादी लगभग 26.84 प्रतिशत है, जबकि मुस्लिम आबादी का अनुमान लगभग 29.20 प्रतिशत लगाया गया है. प्रमुख समुदायों में पासी, कोरी और अन्य अनुसूचित जाति समुदाय शामिल हैं. अन्य पिछड़ा वर्ग में यादव, कुर्मी, मौर्य, लोधी और निषाद समुदायों की मौजूदगी है. ब्राह्मण और ठाकुर भी प्रमुख समुदायों में शामिल हैं. पुराने अनुमानों में अनुसूचित जाति और मुस्लिम आबादी के बाद अन्य पिछड़ा वर्ग, ब्राह्मण और क्षत्रिय बड़े सामाजिक समूहों में शामिल रहे हैं. विधानसभा क्षेत्र मुख्य रूप से ग्रामीण है. इसकी लगभग 95.27 प्रतिशत आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है, जबकि शेष 4.73 प्रतिशत आबादी शहरी क्षेत्रों में रहती है.

जगदीशपुर का इतिहास पुराना है. स्थानीय विवरणों के अनुसार इसका नाम जगदीस नाम के एक ब्राह्मण जमींदार के नाम पर पड़ा, जो उस समय यहां रहते थे जब यह क्षेत्र भर समुदाय के अधीन था. बाद में यह क्षेत्र भाले सुल्तानों के प्रभाव में आया. 1715 में निहाल खान ने पास के चक जंगल गांव में एक किला बनवाया और उसका नाम निहालगढ़ रखा. किले के आसपास बस्ती विकसित हुई और धीरे-धीरे यह जगदीशपुर से अधिक प्रमुख हो गई. 1750 में तहसीलदार मिर्जा लतीफ बेग ने निहालगढ़ की घेराबंदी कर उसे अपने कब्जे में ले लिया और इसे अपना निवास बनाया. बाद में किशनी और साथिन नाम के दो पुराने परगनों को मिलाकर एक बड़ा प्रशासनिक क्षेत्र बनाया गया, जिसका केंद्र जगदीशपुर बना. 20वीं सदी की शुरुआत तक जगदीशपुर-निहालगढ़ में एक पुलिस थाना, एक मिडिल वर्नाक्युलर स्कूल और एक पंजीकरण कार्यालय मौजूद था. निहालगढ़ का पुराना किला अब मौजूद नहीं है, लेकिन निहालगढ़ नाम आज भी क्षेत्र में प्रचलित है. यहां तक कि रेलवे स्टेशन का नाम भी निहालगढ़ है.

जगदीशपुर अमेठी क्षेत्र के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में से एक है. जगदीशपुर औद्योगिक क्षेत्र का विकास विशेष रूप से 1980 के दशक से भारी और मध्यम उद्योगों के केंद्र के रूप में हुआ. भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड का फैब्रिकेशन, स्टैंपिंग और इंसुलेटर प्लांट यहां स्थित है. इसके अलावा औद्योगिक क्षेत्र में इंडो गल्फ फर्टिलाइजर्स और स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड से जुड़े प्रमुख प्रतिष्ठान भी हैं. इन औद्योगिक इकाइयों की मौजूदगी से औद्योगिक रोजगार के साथ परिवहन, फैब्रिकेशन, व्यापार और सेवाओं से जुड़ी सहायक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिला है. औद्योगिक क्षेत्र को छोटे उद्यमों और आपूर्तिकर्ताओं के नेटवर्क का भी समर्थन प्राप्त है. क्षेत्र में संजय गांधी राजकीय पॉलिटेक्निक जैसे शैक्षणिक संस्थान भी हैं, जहां इंजीनियरिंग और तकनीकी पाठ्यक्रम संचालित किए जाते हैं और जो औद्योगिक प्रतिष्ठानों के पास स्थित है.

औद्योगिक क्षेत्र के बाहर कृषि अब भी महत्वपूर्ण है. मुख्य रूप से ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र की अर्थव्यवस्था खेती, पशुपालन और स्थानीय व्यापार पर आधारित है. गेहूं, धान और दलहन यहां की प्रमुख फसलों में शामिल हैं. औद्योगिक क्षेत्र रोजगार का एक महत्वपूर्ण वैकल्पिक स्रोत उपलब्ध कराता है, जबकि कस्बा आसपास के गांवों के लिए बाजार और सेवा केंद्र के रूप में काम करता है.

जगदीशपुर सड़क और रेल मार्ग से मध्य और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई महत्वपूर्ण कस्बों और शहरों से जुड़ा है. निहालगढ़ रेलवे स्टेशन लखनऊ-सुल्तानपुर-वाराणसी रेल मार्ग पर क्षेत्र को सेवा देता है. कस्बा लखनऊ-वाराणसी राजमार्ग पर स्थित है और सड़क मार्ग से रायबरेली, सुल्तानपुर, अमेठी, गौरीगंज और फैजाबाद से जुड़ा है. जिला मुख्यालय गौरीगंज यहां से करीब 30 किलोमीटर दूर है, जबकि सुल्तानपुर लगभग 50 किलोमीटर की दूरी पर है. रायबरेली करीब 65 किलोमीटर और लखनऊ लगभग 85 किलोमीटर दूर है. अयोध्या करीब 110 किलोमीटर, प्रयागराज लगभग 130 किलोमीटर और वाराणसी करीब 170 किलोमीटर दूर है. यह भौगोलिक स्थिति जगदीशपुर को लखनऊ क्षेत्र और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बड़े बाजार तक पहुंच प्रदान करती है.

जगदीशपुर के चुनावी आंकड़ों में कांग्रेस और भाजपा के बीच मुकाबला दिखाई देता है. 2009 के बाद यहां हुए पिछले सात प्रमुख चुनावों में कांग्रेस ने चार बार बढ़त हासिल की है, जबकि भाजपा ने तीन बार बढ़त बनाई है. भाजपा के तीनों शीर्ष प्रदर्शन 2017 से 2022 के बीच रहे. इसमें 2019 के लोकसभा चुनाव में विधानसभा क्षेत्र में मिली बढ़त भी शामिल है. 2024 में कांग्रेस ने फिर इस क्षेत्र में बढ़त हासिल की. 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के पास पिछले दो विधानसभा चुनावों में जीत का रिकॉर्ड है, जबकि कांग्रेस 2024 के लोकसभा चुनाव में मिली बढ़त को विधानसभा चुनाव में समर्थन में बदलने का प्रयास करेगी. समाजवादी पार्टी की स्थिति इस बात पर भी निर्भर करेगी कि विजय कुमार के कांग्रेस में जाने के बाद वह विधानसभा क्षेत्र में अपने संगठन को कितना मजबूत कर पाती है.

विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद मतदाता सूची में आई कमी चुनाव को प्रभावित करने वाला एक अन्य कारक है. भाजपा ने पिछले दो विधानसभा चुनाव जीते हैं और कांग्रेस ने 2024 में लोकसभा विधानसभा क्षेत्र में अपनी बढ़त वापस हासिल की है. हाल के वर्षों में इस क्षेत्र में कांग्रेस और भाजपा के बीच करीबी मुकाबला भी देखने को मिला है. ऐसे में जगदीशपुर 2027 के विधानसभा चुनाव में एक महत्वपूर्ण विधानसभा क्षेत्र बना रहेगा.

(अजय झा)

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जगदीशपुर विधानसभा चुनाव के पिछले नतीजे

2022
2017
WINNER

Suresh Kumar

BJP
वोट89,315
विजेता पार्टी का वोट %43.9 %
जीत अंतर %11.2 %

जगदीशपुर विधानसभा चुनाव के अन्य उम्मीदवार

  • नाम
    पार्टी
    वोट
  • Vijay Kumar

    INC

    66,491
  • Vimlesh Kumari

    SP

    27,971
  • Jitendar Kumar

    BSP

    10,198
  • Nota

    NOTA

    2,060
  • Tilak Raj

    AAAP

    1,864
  • Mahendra Rawat

    IND

    1,393
  • Putti Lal

    IND

    1,296
  • Harishchandra

    IND

    984
  • Shushil Kumar

    IND

    690
  • Siyaram

    VSIP

    370
  • Dinesh Kumar

    JD(U)

    346
  • Babulal

    IPBP

    290
WINNER

Suresh Kumar

BJP
वोट84,219
विजेता पार्टी का वोट %43.6 %
जीत अंतर %8.6 %

जगदीशपुर विधानसभा चुनाव के अन्य उम्मीदवार

  • नाम
    पार्टी
    वोट
  • Radhey Shyam

    INC

    67,619
  • Jagdutt

    BSP

    31,338
  • Nota

    NOTA

    3,104
  • Tilakraj

    MBCOI

    1,865
  • Shobh Nath

    IND

    1,239
  • Rameshwar

    IND

    1,199
  • Rakendra Kumar

    IND

    864
  • Ranjana Devi

    KTKD

    813
  • Munna Lal Alias Ram Jag

    IND

    712
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जगदीशपुर विधानसभा चुनाव सीट 2027 से जुड़े सवाल जवाब (FAQs)

जगदीशपुर विधानसभा क्षेत्र के वर्तमान (2022) विधायक कौन हैं?

2022 में जगदीशपुर में विजयी उम्मीदवार का वोट प्रतिशत कितना था?

2022 के जगदीशपुर विधानसभा चुनाव सीट पर Suresh Kumar को कितने वोट मिले थे?

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 कब आयोजित होंगे?

पिछला उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव किस पार्टी ने जीता था?

जगदीशपुर विधानसभा चुनाव परिणाम 2027 कब घोषित होंगे?

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