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घाटमपुर विधानसभा चुनाव 2027 (Ghatampur Assembly Election 2027)

घाटमपुर उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर जिले का एक तहसील मुख्यालय और नगर पालिका क्षेत्र है, जो कानपुर शहर से करीब 40 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित है. यह जिले के दक्षिणी हिस्से के लिए एक महत्वपूर्ण ग्रामीण और अर्ध-शहरी केंद्र के रूप में काम करता है, जहां कृषि क्षेत्र, स्थानीय बाजार, शैक्षणिक संस्थान और प्रशासनिक कार्यालय एक बड़े ग्रामीण क्षेत्र की

जरूरतों को पूरा करते हैं.

घाटमपुर के नाम पर एक विधानसभा क्षेत्र भी है, जिसका गठन 1957 के चुनाव से पहले किया गया था. शुरुआत में यह एक सामान्य, अनारक्षित सीट थी और 2008 के परिसीमन के बाद इसे अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित कर दिया गया. अब यह अकबरपुर लोकसभा क्षेत्र के पांच विधानसभा क्षेत्रों में से एक है, जिसका गठन इसी परिसीमन प्रक्रिया के बाद हुआ था और इसके साथ ही पुरानी घाटमपुर लोकसभा सीट समाप्त कर दी गई थी. घाटमपुर विधानसभा क्षेत्र में रेवना, पतारा, घाटमपुर और बरिपाल के कानूनगो सर्किल के अलावा घाटमपुर नगरपालिका क्षेत्र शामिल है. इसकी संरचना इसे एक छोटे शहरी हिस्से के साथ मुख्य रूप से ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र बनाती है.

घाटमपुर ने अपने गठन के बाद से 16 विधानसभा चुनावों में हिस्सा लिया है, जिसमें 2000 में हुआ उपचुनाव भी शामिल है. 1957 के चुनाव में यह शुरुआत में दो सदस्यीय विधानसभा क्षेत्र था, जिसे 1961 के परिसीमन के बाद देशभर में समाप्त कर दिया गया. इसके बाद 1962 के चुनाव के लिए घाटमपुर को घाटमपुर पूर्व और घाटमपुर पश्चिम में बांट दिया गया, जबकि 1967 से यह फिर एकल सामान्य विधानसभा क्षेत्र बन गया. 2008 के परिसीमन के बाद यह अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीट बन गई.

1967 के बाद से कांग्रेस ने यह सीट पांच बार जीती है, जबकि भारतीय जनता पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी ने इसे दो-दो बार जीता है. जनता दल ने भी यह सीट दो बार जीती है, जबकि सोशलिस्ट पार्टी, जनता पार्टी और अपना दल (सोनेलाल) ने एक-एक बार इस सीट पर जीत हासिल की है.

2012 में समाजवादी पार्टी के इंद्रजीत कोरी ने घाटमपुर सीट जीती, जिसके बाद यह अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित विधानसभा क्षेत्र बन गया था. उन्होंने बहुजन समाज पार्टी की सरोज कुरील को 700 वोटों से हराया. उस चुनाव में चौथे स्थान पर रही और अपनी जमानत जब्त कराने वाली भाजपा ने 2017 में अपने प्रदर्शन में बड़ा सुधार किया, जब कमल रानी वरुण ने कुरील को 45,178 वोटों के अंतर से हराया. वरुण योगी आदित्यनाथ सरकार में कैबिनेट मंत्री थीं और 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान उनका निधन हो गया, जिसके बाद उपचुनाव हुआ. भाजपा ने सीट बरकरार रखी और उपेंद्र नाथ पासवान ने कांग्रेस उम्मीदवार कृपा शंकर सांखवार को 23,820 वोटों से हराया. भाजपा ने 2022 के विधानसभा चुनाव में चुनाव नहीं लड़ा, क्योंकि उसकी गठबंधन सहयोगी अपना दल (सोनेलाल) को यह सीट दी गई थी. उसकी उम्मीदवार सरोज कुरील, जो बसपा से पाला बदलकर आई थीं, ने 81,727 वोट हासिल किए, जबकि उनके समाजवादी पार्टी के प्रतिद्वंद्वी भगवती प्रसाद सागर को 67,253 वोट मिले. इससे अपना दल (सोनेलाल) ने 14,474 वोटों के अंतर से जीत हासिल की, जिसमें भाजपा का सक्रिय समर्थन रहा.

लोकसभा चुनावों के दौरान मतदान के रुझान भी घाटमपुर विधानसभा क्षेत्र में इसी तरह के बदलाव को दिखाते हैं. अकबरपुर लोकसभा क्षेत्र के तहत अब तक हुए चार संसदीय चुनावों में तीन अलग-अलग दल इस विधानसभा क्षेत्र में सबसे आगे रहे हैं. 2009 में कांग्रेस ने बसपा पर 9,667 वोटों की बढ़त बनाई थी. 2014 में भाजपा ने स्थिति पलटते हुए बसपा पर 39,745 वोटों की बढ़त हासिल की और 2019 में भी अपना शीर्ष स्थान बरकरार रखा, जब उसने बसपा पर 30,458 वोटों की बढ़त बनाई. हालांकि, 2024 में भाजपा को झटका लगा, जब समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार राजा राम पाल ने 93,897 वोट हासिल किए, जबकि भाजपा उम्मीदवार देवेंद्र सिंह को 74,951 वोट मिले. इस तरह घाटमपुर विधानसभा क्षेत्र में समाजवादी पार्टी को 18,946 वोटों की बढ़त मिली. बसपा भी 21,278 वोटों के साथ प्रभावी रही, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि मुकाबला केवल दो दलों के बीच नहीं था.

घाटमपुर में पंजीकृत मतदाताओं की संख्या 2012 में 3,04,897 से बढ़कर 2017 में 3,08,927 और 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान 3,16,623 हो गई. 2022 में यह संख्या 3,25,722 थी और 2024 में 3,31,270 हो गई. 10 अप्रैल 2026 को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची में 2,99,167 मतदाता दर्ज थे, जो 2024 के आंकड़े से 32,103 कम हैं. यह 9.69 प्रतिशत की कमी है.

घाटमपुर में मतदाता मतदान आमतौर पर अपेक्षाकृत अधिक रहा है, हालांकि अलग-अलग चुनावों में इसमें उतार-चढ़ाव देखने को मिला है. 2012 में मतदान 58.24 प्रतिशत था और 2017 में बढ़कर 61.90 प्रतिशत हो गया. 2019 के लोकसभा चुनाव में यह 60.68 प्रतिशत रहा. 2022 के विधानसभा चुनाव में मतदान मामूली रूप से बढ़कर 60.89 प्रतिशत हुआ, जबकि 2024 के लोकसभा चुनाव में घटकर 58.98 प्रतिशत रह गया.

घाटमपुर हिंदू बहुल विधानसभा क्षेत्र है और यहां मुस्लिम आबादी अपेक्षाकृत कम है. अनुमान के अनुसार मुस्लिम आबादी यहां की कुल आबादी का करीब 7.20 प्रतिशत है, जबकि अनुसूचित जाति की आबादी करीब 27.79 प्रतिशत है. इससे आरक्षित विधानसभा क्षेत्र में दलित सबसे बड़ा सामाजिक समूह बनते हैं. सामाजिक संरचना में ब्राह्मण, ठाकुर, कुर्मी, पाल, निषाद और कुशवाहा समुदायों की अच्छी संख्या है, इसके अलावा अन्य ओबीसी समूह भी हैं. पासी, जाटव, कोरी और अन्य दलित समुदाय भी मतदाताओं के महत्वपूर्ण हिस्से हैं. पुराने विधानसभा क्षेत्र स्तर के अनुमानों के अनुसार दलित आबादी करीब 1,10,000, ब्राह्मण करीब 45,000, मुस्लिम करीब 30,000, ठाकुर और निषाद करीब 22,000-22,000 तथा कुर्मी और पाल करीब 20,000-20,000 हैं. घाटमपुर मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्र है, जहां अनुमान के अनुसार 91.12 प्रतिशत आबादी ग्रामीण और 8.88 प्रतिशत आबादी शहरी क्षेत्रों में रहती है.

घाटमपुर का इतिहास कई सदियों पुराना है. यह कस्बा पारंपरिक रूप से एक स्थानीय बैस सरदार घटम देव से जुड़ा हुआ माना जाता है और माना जाता है कि इसका नाम उन्हीं के नाम पर पड़ा. इंपीरियल गजेटियर में दर्ज है कि यह कस्बा बैस वंश का गढ़ था, जिसने कई सदियों पहले अहीरों को यहां से हटाया था. 19वीं सदी तक घाटमपुर तहसील का मुख्यालय बन चुका था और प्रशासनिक तथा बाजार केंद्र के रूप में इसकी भूमिका विकसित हो चुकी थी, जिसे यह आज भी निभाता है. पुराने कस्बे का विकास आसपास के गांवों के लिए सेवा केंद्र के रूप में हुआ, जहां ब्रिटिश काल के दौरान तहसील, पुलिस स्टेशन, स्कूल, डिस्पेंसरी और बाजार प्रमुख संस्थानों में शामिल थे.

हालांकि, विधानसभा क्षेत्र का सबसे महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थल घाटमपुर से करीब 15 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित भीतरगांव में है. भीतरगांव का ईंट मंदिर आम तौर पर गुप्त काल का माना जाता है और कानपुर नगर जिला प्रशासन इसे भारत में बचे हुए सबसे बेहतरीन ईंट मंदिरों में से एक मानता है. इसके टेराकोटा पैनल और विशिष्ट ईंट निर्माण इसे कानपुर क्षेत्र के सबसे महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थलों में शामिल करते हैं.

कृषि आज भी स्थानीय अर्थव्यवस्था का आधार है, जिसमें गेहूं, धान, दलहन और अन्य फसलें ग्रामीण आबादी को सहारा देती हैं. घाटमपुर कस्बा आसपास के गांवों के किसानों के लिए बाजार और सेवा केंद्र के रूप में काम करता है, जहां अनाज व्यापार, खुदरा कारोबार, परिवहन, छोटे व्यवसाय और कृषि सेवाएं स्थानीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. घाटमपुर थर्मल पावर प्रोजेक्ट के साथ क्षेत्र में एक नया औद्योगिक और ऊर्जा आयाम भी जुड़ा है. इसे एनएलसी इंडिया और उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम के संयुक्त उपक्रम नेवेली उत्तर प्रदेश पावर लिमिटेड द्वारा विकसित किया गया है. इस परियोजना में 660 मेगावाट की तीन सुपरक्रिटिकल इकाइयां हैं, जिससे इसकी नियोजित क्षमता 1,980 मेगावाट है. पहली 660 मेगावाट इकाई ने दिसंबर 2024 में और दूसरी ने दिसंबर 2025 में वाणिज्यिक संचालन शुरू किया, जिससे यह परियोजना विधानसभा क्षेत्र की आर्थिक और बुनियादी ढांचे की प्रोफाइल में एक महत्वपूर्ण योगदान बन गई है.

घाटमपुर सड़क और रेल दोनों मार्गों से जुड़ा हुआ है. यह कस्बा हमीरपुर रोड पर स्थित है, जो कानपुर के साथ-साथ बुंदेलखंड क्षेत्र की ओर सीधा सड़क संपर्क प्रदान करता है. घाटमपुर रेलवे स्टेशन कानपुर-मानिकपुर रेल मार्ग पर स्थित है और कानपुर, चित्रकूट तथा अन्य स्थानों के लिए सेवाएं उपलब्ध कराता है. कानपुर सेंट्रल निकटतम प्रमुख रेलवे स्टेशन है और सड़क मार्ग से इसकी दूरी करीब 40-45 किलोमीटर है. कानपुर एयरपोर्ट चकेरी करीब 40 किलोमीटर दूर है. भीतरगांव घाटमपुर से करीब 15 किलोमीटर, जबकि हमीरपुर करीब 55-60 किलोमीटर दूर है. घाटमपुर से सड़क मार्ग की अनुमानित दूरी लखनऊ तक 120-130 किलोमीटर, अयोध्या तक करीब 300-320 किलोमीटर, प्रयागराज तक 180-190 किलोमीटर, वाराणसी तक करीब 300 किलोमीटर और आगरा तक करीब 350 किलोमीटर है.

घाटमपुर के चुनावी आंकड़े बताते हैं कि 2009 के बाद पिछले आठ प्रमुख चुनावों में भाजपा और उसकी सहयोगी अपना दल (सोनेलाल) ने पांच चुनावों में जीत या बढ़त हासिल की है, जबकि समाजवादी पार्टी ने दो और कांग्रेस ने एक बार बढ़त बनाई है. 2024 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी का शीर्ष प्रदर्शन भाजपा के लगातार मजबूत प्रदर्शन के दावे को चुनौती देता है. हालांकि, लोकसभा चुनाव में मतदान का रुझान विधानसभा चुनाव के परिणाम को हमेशा तय नहीं करता. भाजपा और अपना दल (सोनेलाल) ने 2020 के उपचुनाव सहित पिछले तीन विधानसभा चुनावों में आरामदायक अंतर से जीत हासिल की है.

2027 में भाजपा के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का जो भी घटक घाटमपुर से चुनाव लड़े, सत्तारूढ़ गठबंधन शुरुआत में बढ़त की स्थिति में रहेगा. भाजपा की संगठनात्मक ताकत, अपना दल (सोनेलाल) के साथ उसका गठबंधन और बड़ी अनुसूचित जाति की आबादी एनडीए को मजबूत आधार देती है. हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी का प्रदर्शन दिखाता है कि मुकाबले को पहले से तय नहीं माना जा सकता. एक मजबूत उम्मीदवार, बेहतर सामाजिक गठजोड़ और एकजुट विपक्ष मुकाबले को अधिक प्रतिस्पर्धी बना सकता है. एसआईआर के कारण मतदाता संख्या में आई कमी एक और कारक है, हालांकि इसके राजनीतिक या सामाजिक प्रभाव का अभी आकलन नहीं किया जा सकता. एनडीए के पास बढ़त है, लेकिन घाटमपुर विपक्ष की पहुंच से बाहर नहीं है.

(अजय झा)

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घाटमपुर विधानसभा चुनाव के पिछले नतीजे

2022
2017
WINNER

Saroj Kureel

ADAL
वोट81,727
विजेता पार्टी का वोट %41.6 %
जीत अंतर %7.4 %

घाटमपुर विधानसभा चुनाव के अन्य उम्मीदवार

  • नाम
    पार्टी
    वोट
  • Bhagwati Prasad Sagar

    SP

    67,253
  • Prashant Ahirwar

    BSP

    32,472
  • Raj Narayan Kureel

    INC

    3,798
  • Mamta Kushwaha

    JANADIP

    2,844
  • Ram Jeevan Kori

    ASPKR

    2,009
  • Nota

    NOTA

    1,653
  • Er. Sanjay Pal

    AAAP

    1,428
  • Vipin Kumar Bhartiya

    ARADD

    1,198
  • Munni Lal

    BSCP

    739
  • Ashok Paswan Advocate

    SABJANP

    688
  • Amit Kumar

    IND

    657
WINNER

Kamal Rani

BJP
वोट92,776
विजेता पार्टी का वोट %48.5 %
जीत अंतर %23.6 %

घाटमपुर विधानसभा चुनाव के अन्य उम्मीदवार

  • नाम
    पार्टी
    वोट
  • Saroj Kureel

    BSP

    47,598
  • Nandram Sonker

    INC

    40,465
  • Rajendra

    NINSHAD

    2,813
  • Nota

    NOTA

    2,160
  • Ramjeevan

    BSCP

    2,016
  • Baburam

    JAM

    1,609
  • Shrawan Kumar

    IND

    910
  • Vijay Gautam

    OP

    872
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घाटमपुर विधानसभा चुनाव सीट 2027 से जुड़े सवाल जवाब (FAQs)

घाटमपुर विधानसभा क्षेत्र के वर्तमान (2022) विधायक कौन हैं?

2022 में घाटमपुर में विजयी उम्मीदवार का वोट प्रतिशत कितना था?

2022 के घाटमपुर विधानसभा चुनाव सीट पर Saroj Kureel को कितने वोट मिले थे?

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 कब आयोजित होंगे?

पिछला उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव किस पार्टी ने जीता था?

घाटमपुर विधानसभा चुनाव परिणाम 2027 कब घोषित होंगे?

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