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बिठूर विधानसभा चुनाव 2027 (Bithoor Assembly Election 2027)

बिठूर उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर जिले में स्थित एक नगर पंचायत कस्बा है, जो गंगा नदी के दक्षिणी तट पर बसा है. यह कानपुर शहर से करीब 25 किलोमीटर उत्तर में स्थित है और अपने धार्मिक महत्व तथा 1857 के विद्रोह से जुड़े ऐतिहासिक संबंध के लिए जाना जाता है. यह आसपास के ग्रामीण इलाकों के लिए स्थानीय केंद्र के रूप में भी काम करता है.

बिठूर

विधानसभा क्षेत्र एक सामान्य, यानी अनारक्षित सीट है और अकबरपुर लोकसभा क्षेत्र के पांच विधानसभा क्षेत्रों में से एक है. 2008 के परिसीमन आदेश के तहत इसका गठन हुआ था. इससे पहले यह विधानसभा क्षेत्र अपने मौजूदा स्वरूप में मौजूद नहीं था और पहली बार 2012 के विधानसभा चुनाव में यहां चुनाव हुआ. इस विधानसभा क्षेत्र में घाटमपुर तहसील का कानूनगो सर्किल भीतरगांव, कानपुर सदर तहसील के कानूनगो सर्किल पाली, बिधनू, सचेंडी और बिठूर तथा बिठूर नगर पंचायत क्षेत्र शामिल हैं. इसमें गंगा किनारे बसे एक छोटे कस्बे के साथ कानपुर शहर के पास का बड़ा ग्रामीण इलाका शामिल है.

नया विधानसभा क्षेत्र होने के कारण बिठूर में अब तक तीन विधानसभा चुनाव हुए हैं. यहां चुनावी नतीजों में वही बदलाव देखने को मिला है जो कई अन्य विधानसभा क्षेत्रों में दिखाई देता है. 2012 में समाजवादी पार्टी ने जीत दर्ज की, जबकि इसके बाद के चुनावों में भाजपा ने उसे पीछे छोड़ दिया.

बिठूर विधानसभा क्षेत्र में लोकसभा चुनावों के दौरान भी अलग-अलग समय पर अलग राजनीतिक दलों को बढ़त मिलती रही है. विधानसभा क्षेत्र के गठन के बाद हुए चार लोकसभा चुनावों में तीन अलग-अलग दल यहां आगे रहे. 2009 में कांग्रेस ने बसपा पर 6,495 वोटों की बढ़त बनाई थी, जबकि भाजपा चौथे स्थान पर रही. 2014 में भाजपा ने बढ़त बनाई और बसपा से 40,400 वोट आगे रही. इस चुनाव में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस क्रमश तीसरे और चौथे स्थान पर रहे. 2019 में भाजपा की बढ़त और बढ़कर बसपा पर 43,270 वोट हो गई. उस चुनाव में बसपा ने समाजवादी पार्टी के साथ कनिष्ठ सहयोगी के रूप में चुनाव लड़ा था. 2024 में स्थिति बदली, जब समाजवादी पार्टी ने अकबरपुर लोकसभा सीट पर फिर से चुनाव लड़ा. उसके उम्मीदवार राजाराम पाल को बिठूर विधानसभा क्षेत्र में 113,626 वोट मिले, जबकि भाजपा के उम्मीदवार देवेंद्र सिंह को 103,229 वोट मिले. इस तरह समाजवादी पार्टी को 10,397 वोटों की बढ़त मिली.

2026 के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR से पहले बिठूर में पंजीकृत मतदाताओं की संख्या लगातार बढ़ी थी. 2012 में यह संख्या 329,388 थी, जो 2017 में बढ़कर 354,102 और 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान 365,888 हो गई. 2022 में मतदाताओं की संख्या और बढ़कर 369,755 तथा 2024 में 375,147 हो गई. 10 अप्रैल 2026 को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची में 344,036 मतदाता दर्ज थे. यह 2024 के आंकड़े से 31,111 कम है, यानी 8.29 प्रतिशत की कमी हुई.

मतदान प्रतिशत आम तौर पर ऊंचा रहा है और समीक्षा में शामिल सभी चुनावों में यह 60 प्रतिशत से अधिक रहा. 2012 में मतदान प्रतिशत 62.23 रहा और 2017 में बढ़कर 65.11 प्रतिशत हो गया. 2019 के लोकसभा चुनाव में यह 60.95 प्रतिशत रहा. 2022 के विधानसभा चुनाव में मतदान बढ़कर 65.63 प्रतिशत हो गया, जबकि 2024 के लोकसभा चुनाव में यह घटकर 63.63 प्रतिशत रहा.

बिठूर एक हिंदू बहुल विधानसभा क्षेत्र है, जिसकी सामाजिक संरचना मिश्रित है. 2011 में विधानसभा क्षेत्र की आबादी में अनुसूचित जाति की हिस्सेदारी 26.44 प्रतिशत थी, जबकि बिठूर कस्बे की आबादी में मुस्लिम समुदाय की हिस्सेदारी 10.19 प्रतिशत थी. पूरे विधानसभा क्षेत्र में ब्राह्मण, यादव, कुर्मी, लोध, पाल और अन्य ओबीसी समुदायों की अच्छी संख्या है. इसके साथ ही अनुसूचित जाति के विभिन्न समूह भी यहां मौजूद हैं. बिठूर में मराठी समुदाय की भी महत्वपूर्ण मौजूदगी है. तीन पीढ़ियों से अधिक समय पहले यहां बसे मराठी परिवारों के वंशज अपने आगमन का संबंध पेशवा बाजीराव द्वितीय के दत्तक पुत्र नाना साहेब के समय से जोड़ते हैं.

2011 में विधानसभा क्षेत्र की करीब 97.80 प्रतिशत आबादी गांवों में रहती थी, जबकि बाकी 2.20 प्रतिशत आबादी बिठूर कस्बे में रहती थी. इससे विधानसभा क्षेत्र का ग्रामीण स्वरूप स्पष्ट होता है. ग्रामीण अर्थव्यवस्था में खेती और पशुपालन महत्वपूर्ण हैं. वहीं बिठूर के धार्मिक स्थल, नदी किनारा और ऐतिहासिक स्थान स्थानीय पर्यटन तथा उससे जुड़ी व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देते हैं. कानपुर से नजदीकी होने के कारण यह विधानसभा क्षेत्र शहर के रोजगार, शिक्षा और व्यापारिक नेटवर्क से भी जुड़ा हुआ है.

बिठूर का इतिहास प्राचीन काल से जुड़ा है, जब इसे ब्रह्मावर्त के नाम से जाना जाता था. हिंदू मान्यता में इसका संबंध भगवान ब्रह्मा से जोड़ा जाता है. माना जाता है कि उन्होंने यहां अश्वमेध यज्ञ किया था. ब्रह्मावर्त घाट आज भी तीर्थस्थल के रूप में महत्वपूर्ण है. रामायण परंपरा में भी बिठूर का उल्लेख मिलता है. मान्यता है कि यह ऋषि वाल्मीकि के आश्रम का स्थान था, जहां वनवास के दौरान सीता रही थीं और उन्होंने अपने पुत्रों लव और कुश को जन्म दिया था. वाल्मीकि आश्रम और इससे जुड़ा सीता कुंड आज भी लोगों को आकर्षित करते हैं.

आधुनिक इतिहास में बिठूर का महत्व मराठों के दौर में बढ़ा. ब्रिटिशों द्वारा निर्वासित किए जाने के बाद पेशवा बाजीराव द्वितीय को बिठूर में रहने के लिए भेजा गया था और उन्होंने इसे अपना निवास बनाया. उनके दत्तक पुत्र नाना साहेब ने इस आधार को आगे बढ़ाया और कानपुर क्षेत्र में 1857 के विद्रोह का एक प्रमुख केंद्र बनाया. इस दौरान तात्या टोपे और अजीमुल्लाह खान जैसे सहयोगियों ने भी उनकी मदद की. जुलाई 1857 में जनरल हैवलॉक के नेतृत्व में ब्रिटिश सेना ने बिठूर पर कब्जा कर लिया और कस्बे का बड़ा हिस्सा नष्ट कर दिया. नाना साहेब से जुड़े अवशेष और कस्बे के स्मारक स्थल उस दौर की याद दिलाते हैं. आज बिठूर गंगा किनारे एक तीर्थस्थल के साथ-साथ कानपुर के बड़े शहरी क्षेत्र के एक उपग्रह कस्बे के रूप में भी काम करता है.

बिठूर सड़क मार्ग से कानपुर से जुड़ा हुआ है और शहर का केंद्र करीब 25 किलोमीटर दूर है. सबसे नजदीकी प्रमुख रेलवे सुविधा कानपुर के रेल नेटवर्क के माध्यम से मिलती है, जबकि सड़क संपर्क बिठूर और कानपुर के बीच रोजाना होने वाली आवाजाही का प्रमुख साधन है. कल्याणपुर और कानपुर के अन्य उत्तरी इलाके इसके नजदीकी शहरी संपर्क क्षेत्र हैं. लखनऊ सड़क मार्ग से करीब 90 किलोमीटर, उन्नाव करीब 45 किलोमीटर, कन्नौज करीब 100 किलोमीटर और फर्रुखाबाद करीब 125 किलोमीटर दूर है. प्रयागराज करीब 200 किलोमीटर, अयोध्या करीब 220 किलोमीटर और वाराणसी करीब 300 किलोमीटर दूर है. कानपुर से नजदीकी बिठूर के परिवहन संपर्क, सेवाओं तक पहुंच और आर्थिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण बनी हुई है.

2009 के बाद बिठूर में हुए पिछले सात प्रमुख चुनावों में भाजपा का प्रदर्शन सबसे अधिक सफल रहा है. पार्टी ने विधानसभा चुनावों में दो बार जीत दर्ज की और दो लोकसभा चुनावों में बढ़त बनाई. इसके मुकाबले समाजवादी पार्टी ने एक विधानसभा चुनाव में जीत और एक लोकसभा चुनाव में बढ़त हासिल की, जबकि कांग्रेस ने 2009 में बढ़त बनाई थी. 2024 में भाजपा की बढ़त का सिलसिला रुका और समाजवादी पार्टी ने 4.35 प्रतिशत अंक की बढ़त हासिल की. विधानसभा चुनावों के नतीजों के साथ देखा जाए तो बिठूर में भाजपा की बढ़त में कमी दिखाई देती है. 2017 में भाजपा समाजवादी पार्टी से 25.59 प्रतिशत अंक आगे थी और 2022 में यह बढ़त 8.73 प्रतिशत अंक रह गई. इसके बाद 2024 में समाजवादी पार्टी आगे निकल गई. यह स्थिति भाजपा के लिए महत्वपूर्ण है और समाजवादी पार्टी को यह मानने का आधार देती है कि मजबूत उम्मीदवार तथा व्यापक राजनीतिक और सामाजिक गठबंधन उसे सीट वापस हासिल करने में मदद कर सकते हैं. वहीं भाजपा यह तर्क दे सकती है कि विधानसभा और लोकसभा चुनावों को प्रभावित करने वाले कारण अलग-अलग होते हैं और लोकसभा चुनाव के रुझान अपने आप विधानसभा चुनाव के नतीजों में नहीं बदलते. SIR ने एक और बदलाव जोड़ा है, हालांकि इसका चुनावी प्रभाव अभी तय नहीं किया जा सकता. बिठूर में दोनों प्रमुख दलों के लिए तैयारी का महत्व बना हुआ है, क्योंकि विधानसभा और लोकसभा चुनावों के अलग-अलग रुझान यहां की चुनावी स्थिति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.

(अजय झा)

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बिठूर विधानसभा चुनाव के पिछले नतीजे

2022
2017
WINNER

Abhijeet Singh Sanga

BJP
वोट1,07,330
विजेता पार्टी का वोट %44.5 %
जीत अंतर %8.8 %

बिठूर विधानसभा चुनाव के अन्य उम्मीदवार

  • नाम
    पार्टी
    वोट
  • Munindra Shukla

    SP

    86,257
  • Ramesh Singh Yadav

    BSP

    36,955
  • Ashok Kumar Nishad

    INC

    4,447
  • Kiran

    JANADIP

    2,150
  • Nota

    NOTA

    1,759
  • Chandra Pal

    RSPS

    995
  • Puneet Kumar

    BSCP

    812
  • Som Nath Pal

    AAAP

    694
WINNER

Abhijeet Singh Sanga

BJP
वोट1,13,289
विजेता पार्टी का वोट %49.1 %
जीत अंतर %25.5 %

बिठूर विधानसभा चुनाव के अन्य उम्मीदवार

  • नाम
    पार्टी
    वोट
  • Munindra Shukla

    SP

    54,302
  • Ram Prakash Kushwaha

    BSP

    53,586
  • Nota

    NOTA

    1,900
  • Puneet Kumar

    BSCP

    1,337
  • Karan Singh

    RLD

    1,270
  • Vishal

    IND

    1,180
  • Ravindra Kumar

    IND

    683
  • Neeraj Kumar

    IND

    609
  • Shailendra

    IND

    607
  • Pushpa

    JHJBP

    520
  • Pawan Kumar Singh

    IND

    374
  • Surendra Rajpoot

    SHS

    366
  • Shailendri Kushwaha

    JAM

    312
  • Shashi Devi

    VPI

    209
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बिठूर विधानसभा चुनाव सीट 2027 से जुड़े सवाल जवाब (FAQs)

बिठूर विधानसभा क्षेत्र के वर्तमान (2022) विधायक कौन हैं?

2022 में बिठूर में विजयी उम्मीदवार का वोट प्रतिशत कितना था?

2022 के बिठूर विधानसभा चुनाव सीट पर Abhijeet Singh Sanga को कितने वोट मिले थे?

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 कब आयोजित होंगे?

पिछला उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव किस पार्टी ने जीता था?

बिठूर विधानसभा चुनाव परिणाम 2027 कब घोषित होंगे?

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