उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. उससे पहले प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है. सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख ओपी राजभर ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है. राजभर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए सपा पर 2012 में सत्ता में आते ही दलितों और पिछड़ों के उत्पीड़न का आरोप लगाया.
उन्होंने भदोही के मकदूमपुर गांव की एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि सपा समर्थकों ने दलित बस्ती को निशाना बनाया था.राजभर ने अपने पोस्ट में अखिलेश यादव को सीधे संबोधित करते हुए लिखा कि मार्च 2012 में सत्ता मिलते ही सपा कार्यकर्ताओं ने पूरे प्रदेश में हिंसा का माहौल बना दिया था.
उनके मुताबिक भदोही जिले की नगर कोतवाली के मकदूमपुर गांव में दलित बस्ती के लोगों ने रहम की गुहार लगाई, लेकिन सपा कार्यकर्ताओं ने कई घरों में आग लगा दी. राजभर का आरोप है कि यह सब इसलिए किया गया क्योंकि उस बस्ती के लोगों ने समाजवादी पार्टी को वोट नहीं दिया था.
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राजभर ने यह भी दावा किया कि इस दौरान दलित समाज की महिलाओं के साथ बदसलूकी हुई और आज भी गांव की महिलाएं उस दौर को याद कर सहम जाती हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय पूरा प्रशासनिक तंत्र सत्ताधारी दल के दबाव में काम कर रहा था, जिसके चलते पीड़ितों की शिकायत तो ली गई मगर एफआईआर दर्ज नहीं हो सकी. राजभर के अनुसार जब मामला मीडिया में उछला तो दिल्ली से तत्कालीन नेता पीएल पुनिया को भदोही आना पड़ा था.
अपने पोस्ट में राजभर ने सपा के समाजवाद के दावे पर भी सवाल उठाए और कहा कि पार्टी का असली चेहरा शोषण करने वाला है. उन्होंने आगे कहा कि अगर उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार बनी तो हालात पश्चिम बंगाल जैसे हो सकते हैं. राजभर ने अपनी पोस्ट का समापन धार्मिक नारों के साथ किया.
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