Bihar elections result: बिहार की वो सीटें... जहां महागठबंधन के बीच है फ्रेंडली फाइट, देखें नतीजे

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में महागठबंधन के अंदर कई सीटों पर सहयोगी दलों के बीच सीधी टक्कर देखने को मिली. कांग्रेस, आरजेडी, वाम दल और वीआईपी के बीच हुए इस अंदरूनी मुकाबले ने गठबंधन की एकजुटता को कमजोर दिखाया.

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सीट समीकरण बदल सकते हैं नतीजे (Photo: PTI) सीट समीकरण बदल सकते हैं नतीजे (Photo: PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 14 नवंबर 2025,
  • अपडेटेड 7:37 AM IST

Bihar vidhansabha result 2025 LIVE Updates: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का परिणाम अब से कुछ घंटों में आ जाएगा और साफ़ हो जाएगा कि एनडीए या महागठबंधन किसकी सरकार बननी है. इस बार चुनाव में रिकॉर्ड मतदान हुए. इस चुनाव में महागठबंधन के भीतर ऐसी कई सीटें सामने आईं जहां सहयोगी दल एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ते दिखाई दिए. कांग्रेस, आजरेडी, वीआईपी और वामपंथी दलों के बीच कई इलाकों में फ्रेंडली फाइट जैसी स्थिति बन गई, जिसने गठबंधन की एकजुटता पर बड़ा असर डाला.

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करीब 11 सीटों पर महागठबंधन के अंदरूनी मतभेदों की वजह से वोट बिखरते नजर आए. वारसलिगंज (नवादा), बछवाड़ा (बेगूसराय), रोसड़ा (समस्तीपुर), राजा पाखड़ (वैशाली) और बिहार शरीफ (नालंदा) जैसी सीटों पर कांग्रेस, आरजेडी और वाम दल एक-दूसरे को चुनौती देते दिखे. इस वजह से कई क्षेत्रों में महागठबंधन के हजारों वोट बंट गए, जिससे विपक्ष को मजबूत चुनौती देने का मौका कमजोर पड़ा.

इस फ्रेंडली फाइट का असर सिर्फ चुनावी समीकरण तक सीमित नहीं रहा. इससे जनता के बीच भी भ्रम और अनिश्चितता पैदा हुई. मतदाता समझ नहीं पा रहे थे कि सहयोगी दल आखिर एक-दूसरे के खिलाफ क्यों लड़ रहे हैं. महागठबंधन ने चुनाव के अंतिम चरण में इस स्थिति को सुधारने की कोशिश की, लेकिन कई सीटों पर आपसी टकराव पहले ही असर डाल चुका था.

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इस चुनाव ने यह भी दिखाया कि गठबंधन के भीतर मतभेद जब समाधान के बजाय संघर्ष का रूप ले लेते हैं, तो उनका असर सीधे चुनावी नतीजों पर पड़ता है. गठबंधन भले ही साझा मंच पर चुनाव लड़े हो, लेकिन अंदरूनी रेखाएं और कमजोरियों ने यह साफ कर दिया कि विपक्ष की एकजुटता इतनी मजबूत नहीं थी कि वह एनडीए को हर क्षेत्र में कड़ी चुनौती दे सके.

कांग्रेस, CPI और RJD के उम्मीदवार आमने-सामने

बिहारशरीफ सीट पर कांग्रेस के उमैर खान, CPI के दिनेश कुमार (जो जन सुराज पार्टी से जुड़े माने जाते हैं) और RJD समर्थित उम्मीदवार सभी मैदान में थे. तालमेल न होने के चलते तीनों एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़े.

राजापाकर सीट पर कांग्रेस की प्रतिमा कुमारी दास, CPI के मोहित पासवान और RJD समर्थित उम्मीदवार के बीच कड़ी टक्कर रही. यहां भी महागठबंधन के अंदर कोई समझौता नहीं हो सका.

बछवाड़ा सीट पर कांग्रेस के शिवप्रकाश गरीबदास और CPI के अवधेश कुमार राय दोनों अलग-अलग चुनाव लड़ते दिखाई दिए.

वैशाली सीट पर कांग्रेस और RJD ने अलग-अलग उम्मीदवार उतारे, जिससे यहां वोटों के बंटने की संभावना और बढ़ गई थी. 

खगड़िया की बेलदौर सीट पर कांग्रेस के मिथिलेश कुमार निषाद और विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के उम्मीदवार के बीच सीधी टक्कर देखी गई. 

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