पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने प्रचंड जीत हासिल की है और सूबे में पहली बार कमल खिला है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल ये है कि जीत के बाद बीजेपी बंगाल की कमान किसके हाथों में देगी और अगला मुख्यमंत्री कौन बनेगा.
दरअसल बीजेपी आमतौर पर राज्य चुनावों में मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित नहीं करती है. पार्टी के लिए बंगाल में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही सबसे बड़ी ताकत थे. उन्होंने चुनाव प्रचार के लिए 20 से ज्यादा रैलियां कीं.
पिछले एक महीने में पीएम मोदी पूरी तरह से बंगाली रंग में रंगे नजर आए. उन्होंने बंगाल का मशहूर स्नैक 'झालमुरी' खाया, बंगाली भाषा में ऑडियो संदेश भी जारी किए. ऐसे में बंगाल की जनता ने भी 'ब्रांड मोदी' पर पूरा भरोसा जताया और बीजेपी को जमकर वोट दिया.
बीजेपी बंगाल में अपनी मौजूदगी मजबूती से स्थापित करने के लिए एक ताकतवर मुख्यमंत्री चुनना चाहती है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चुनाव प्रचार के दौरान बार-बार कहा था कि अगर बीजेपी सत्ता में आती है, तो कोई 'बंगाली' ही मुख्यमंत्री बनेगा. केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने भी दावा किया था कि बंगाल का अगला मुख्यमंत्री 'मांसाहारी' होगा.
क्या महिला मुख्यमंत्री पर दांव खेलेगी बीजेपी?
बीजेपी ने चुनाव प्रचार के दौरान महिलाओं की सुरक्षा को सबसे आगे रखा था. ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि पार्टी किसी महिला को मुख्यमंत्री बना सकती है. फिलहाल दिल्ली के अलावा किसी भी राज्य में बीजेपी की महिला मुख्यमंत्री नहीं है.
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बीजेपी अपनी महिला-समर्थक छवि को और मजबूत करने के लिए बंगाल में महिला सीएम पर दांव खेल सकती है. मुख्यमंत्री की रेस में अग्निमित्रा पॉल और रूपा गांगुली का नाम सामने आ रहा है. रूपा गांगुली वहीं अदाकारा हैं, जिन्होंने बी.आर. चोपड़ा की 'महाभारत' में द्रौपदी का किरदार निभाकर घर-घर छा गई थीं.
शुभेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री पद के टॉप दावेदारों में से एक हैं. एक समय में ममता बनर्जी के करीबी रहे शुभेंदु अधिकारी के पास जमीनी पकड़ और मजबूत सांगठनिक नेटवर्क है. 2021 में उन्होंने नंदीग्राम में ममता बनर्जी को हराकर 'जायंट किलर' का तमगा हासिल किया था. हालांकि, नारदा स्टिंग मामले में उनका नाम शामिल रहा, जो मुख्यमंत्री बनने की राह में उनके लिए रुकावट बन सकता है.
दिलीप घोष
2021 में बीजेपी को मुख्य विपक्षी दल बनाने का श्रेय पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष को ही दिया जाता है. भले ही वे अब अध्यक्ष नहीं हैं, लेकिन बंगाल की राजनीति में उनका प्रभाव आज भी कायम है. ऐसे में बंगाल सीएम की रेस में वो एक मजबूत विकल्प हो सकते हैं.
समीक भट्टाचार्य
बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष समीक भट्टाचार्य को पार्टी में सबको साथ लेकर चलने वाले नेता के रूप में देखा जाता है. उन्होंने पर्दे के पीछे रहकर बीजेपी के विस्तार में बड़ी भूमिका निभाई है. ऐसे में बीजेपी उन्हें भी बंगाल की कमान सौंप सकती है.
अग्निमित्रा पॉल
पेशे से फैशन डिजाइनर अग्निमित्रा पॉल बीजेपी की एक बेबाक नेताओं में से एक हैं. उन्होंने इस चुनाव में अपनी आसनसोल दक्षिण सीट बरकरार रखी है. अगर बीजेपी राज्य में महिला सीएम चुनती है तो अग्निमित्रा उनकी पसंद हो सकती हैं.
रूपा गांगुली
पूर्व राज्यसभा सांसद और सोनारपुर दक्षिण से विधायक रूपा गांगुली ने महिला मोर्चा की अध्यक्ष के रूप में उन्होंने जमीनी स्तर पर भी काम किया है. उनकी पॉपुलैरिटी देखते हुए बीजेपी उन्हें बंगाल का मुख्यमंत्री बनाने पर विचार कर सकती है.
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निशिथ प्रामाणिक का नाम भी सीएम पद की रेस में सामने आ रहा है. हालांकि अब देखना ये है कि प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह की जोड़ी बंगाल की कमान किसके हाथों में सौंपती है.
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