उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं और चुनावी साल में विपक्षी समाजवादी पार्टी (सपा) अब अग्रेसिव मोड में आ गई है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव अब उत्तर प्रदेश चुनाव के लिए चुनाव कार्यक्रम का ऐलान होने से पहले हर विधानसभा सीट तक पहुंचने की रणनीति पर काम कर रहे हैं. अखिलेश यादव यूपी चुनाव की तैयारी के लिए जल्द ही रथयात्रा पर निकल सकते हैं.
जानकारी के मुताबिक अखिलेश यादव की रथयात्रा सितंबर महीने में शुरू हो सकती है. इस रथ यात्रा के जरिये अखिलेश यादव और सपा की रणनीति चुनाव से पहले हर जिले, हर विधानसभा सीट को कवर करने की है. सपा सूत्रों की मानें तो अखिलेश यादव अपनी रथयात्रा की शुरुआत किसी धार्मिक स्थल से कर सकते हैं. वह धार्मिक स्थल कौन सा होगा, इसे लेकर अभी सपा नेतृत्व मंथन कर रहा है.
दरअसल, धार्मिक स्थान से रथयात्रा शुरू करने के प्लान को अयोध्या के राम मंदिर में हुई चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर बीजेपी को और आक्रामक तरीके से घेरने की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है. अखिलेश यादव चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर आक्रामक रुख अख्तियार किए हुए हैं. अब अखिलेश किसी धार्मिक स्थल से अपनी चुनावी रथयात्रा शुरू करते हैं, तो इसके पीछे हिंदुत्व की पिच पर उतर बीजेपी को उसी की भाषा में जवाब देने की कोशिश हो सकती है.
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गौरतलब है कि सपा 2024 के लोकसभा चुनाव से ही पीडीए का नारा देती आई है. विधानसभा चुनाव में भी सपा अपने इसी आजमाए समीकरण के साथ जाने की तैयारी में हैं, लेकिन राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए पार्टी की नजर अब उन मतदाताओं पर भी है जो परंपरागत तौर पर सपा के वोटर नहीं रहे हैं. पिछले कुछ महीनों के घटनाक्रम और सपा के तेवर इसी तरफ संकेत करते हैं.
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अखिलेश यादव माघ मेले के दौरान शंकराचार्य विवाद को लेकर भी बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोले हुए थे. हिंदुत्व की पिच पर बीजेपी हमेशा से ही आक्रामक रही है. ऐसे में अब अखिलेश संतुलित रुख अपनाकर हिंदुत्व के नैरेटिव वार में कूदने की तैयारी में हैं.
समर्थ श्रीवास्तव