पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे करीब आ रहे हैं, आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के खिलाफ चौतरफा विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं. विपक्षी पार्टियां और विभिन्न संगठन सरकार को कुप्रबंधन के मुद्दे पर घेरने में जुट गए हैं. बुधवार का दिन पूरी तरह से विरोध प्रदर्शनों से भरा रहा, जहां सरकार को हर तरफ से तीखी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा.
1. कथित पेपर लीक पर भड़के ABVP और यूथ कांग्रेस
हाल ही में हुई 'फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षा' में धांधली और कथित पेपर लीक के आरोपों को लेकर विवाद गरमाया हुआ है. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस के इस्तीफे की मांग को लेकर उग्र प्रदर्शन किया. जब कार्यकर्ताओं ने पंजाब विधानसभा की तरफ मार्च करने की कोशिश की, तो चंडीगढ़ पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग कर दी और उन्हें रोकने के लिए वॉटर कैनन (पानी की बौछार) का इस्तेमाल किया.
पंजाब यूनिवर्सिटी के गौरव सोहल का बयान भी इस पर आया है कि हम शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस का इस्तीफा मांग रहे हैं. पंजाब में परीक्षाएं लीक हो रही हैं और सरकार जिम्मेदारी नहीं ले रही. जवाबदेही तय होनी चाहिए. युवाओं में भारी गुस्सा है और हमारा आंदोलन आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा.
वहीं यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने सेक्टर 15 में इकट्ठा होकर विधानसभा घेराव की कोशिश की. पुलिस ने उन्हें भी रोकने के लिए पानी की बौछारें छोड़ीं. प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. राष्ट्रीय यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब ने कहा कि पंजाब सरकार का शिक्षा तंत्र पूरी तरह से फेल हो चुका है.
(हालांकि पंजाब सरकार का कहना है कि यह 'पेपर लीक' नहीं बल्कि परीक्षा में 'नकल (चीटिंग)' का मामला है, लेकिन विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार को लगातार घेर रहा है.)
2. बकाए DA को लेकर पंजाब सचिवालय कर्मचारियों का हल्लाबोल
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा कर्मचारियों को बकाया महंगाई भत्ता (DA) देने के निर्देश के बाद, पंजाब सरकार के कर्मचारियों ने सिविल सचिवालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया.
कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुखचैन सिंह खैरा का कहना है कि हमारी मांगें लंबे समय से पेंडिंग हैं. हाईकोर्ट का फैसला हमारे हक में आ चुका है, इसलिए सरकार को तुरंत सभी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का रुका हुआ DA जारी करना चाहिए. इसके अलावा पुरानी पेंशन योजना (OPS) और अन्य भत्ते भी लागू किए जाएं.
बड़ा अल्टीमेटम देते हुए उन्होंने कहा कि अपनी मांगों को मनवाने के लिए वे 7 अगस्त को चंडीगढ़ में एक महा रैली करेंगे, जिसमें 50 हजार से ज्यादा कर्मचारियों के जुटने की उम्मीद है.
3. फरीदकोट में स्पीकर के घर के बाहर किसानों का धरना
दूसरी तरफ, किसान यूनियनों ने फरीदकोट में पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां के निवास के बाहर प्रदर्शन किया.
किसानों की मांगें: किसानों ने आरोप लगाया कि बैंक लोन पूरा होने के बाद भी किसानों के दिए गए ब्लैंक चेक वापस नहीं करते. जब जमीन के कागजात पहले से गिरवी रखे हैं, तो चेक नहीं लिए जाने चाहिए.
किसान नेता काका सिंह का आरोप है कि कुछ समय पहले फरीदकोट में दो किसानों ने खुदकुशी कर ली थी. स्पीकर कुलतार संधवां ने पीड़ित परिवारों को सरकारी नौकरी देने का वादा किया था, जो आज तक पूरा नहीं हुआ. जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, धरना जारी रहेगा.
असीम बस्सी