री-नीट परीक्षा के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं. इस साल परीक्षा में 20 लाख से अधिक छात्रों ने हिस्सा लिया था. इसमें से 11.21 लाख छात्रों को सफलता मिली है. अब सफल उम्मीदवारों को मेडिकल कॉलेजों में MBBS और BDS सीटों के लिए काउंसलिंग प्रोसेस में भाग लेना होगा. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के मुताबिक, ऑल इंडिया कोटा की MBBS और BDS सीटों की काउंसलिंग मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) की ओर से कराई जाएगी. इसके साथ ही एनटीए ने उम्मीदवारों को सलाह दी है कि वह किसी भी तरह की अफवाह में न आए और केवल आधिकारिक वेबसाइटों neet.nta.nic.in, mcc.nic.in और संबंधित राज्यों के काउंसलिंग पोर्टल पर ही भरोसा करें.
छात्रों को क्या करना होगा?
परीक्षा में सफल उम्मीदवार को सलाह दी जाती है कि उन्हें सबसे पहले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करें. इसके बाद निर्धारित काउंसलिंग का शुल्क भुगतान करें. इसके बाद तय समय सीमा के भीतर अपनी पसंद के मेडिकल कॉलेज और कोर्स का चयन करना होगा. हर चरण के सीट आवंटन उम्मीदवार की नीट रैंक, कैटेगरी, आरक्षण नियम, काउंसलिंग के दौरान भरे गए विकल्प और उपलब्ध सीटों के आधार पर किया जाएगा. जिस भी उम्मीदवार को सीट आवंटित होगी, उन्हें समय से कॉलेज पहुंचकर डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और प्रवेश से जुड़ी सारी प्रक्रिया को पूरा करना होगा.
क्या कोई छात्र एक से अधिक राज्यों की काउंसलिंग में ले सकते हैं हिस्सा?
कई छात्रों के मन में सवाल होता है कि क्या अगर कोई उम्मीदवार संबंधित राज्य की पात्रता शर्तें पूरी करते हैं, को वह एक से ज्यादा राज्यों की काउंसलिंग में आवेदन कर सकते हैं? ज्यादातर राज्यों में सरकारी मेडिकल कॉलेजों की 85 प्रतिशत सीटें राज्य के मूल निवास वाले उम्मीदवारों के लिए आरक्षित होती है. हालांकि, कई राज्य निजी मेडिकल कॉलेजों और मैनेजमेंट कोटा की सीटों पर गैर डोमिसाइल उम्मीदवारों को भी आवेदन की अनुमति दे सकते हैं लेकिन इसके लिए उम्मीदवारों को संबंधित राज्य की काउंसलिंग के नियमों को अच्छे से पढ़ना होगा.
इन डॉक्यूमेंट्स की होगी जरूरत
NEET UG 2026 स्कोरकार्ड
NEET UG 2026 एडमिट कार्ड
कक्षा 10वीं और 12वीं की अंकतालिका एवं प्रमाणपत्र
वैध पहचान पत्र
पासपोर्ट साइज के फोटो
डोमिसाइल प्रमाणपत्र (यदि लागू हो)
आरक्षण या ईडब्ल्यूएस (EWS) प्रमाणपत्र (यदि लागू हो)
आजतक एजुकेशन डेस्क