श्री माता वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज की मान्यता रद्द, MBBS छात्रों को अब क्या होगा?

नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) और असेसमेंट और रेटिंग बोर्ड ने श्री माता वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज की MBBS मान्यता को रद्द कर दिया गया है. आयोग ने कॉलेजों में न्यूनतम मानकों के गंभीर उल्लंघन पाए जाने के बाद ये फैसला लिया है. ये फैसला साल 2023 के मेडिकल एजुकेशन रेगुलेशंस के सीधे उल्लंघन के आधार पर की गई है.

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नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने श्री माता वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज की MBBS मान्यता को रद्द किया. (Photo: Official Website/SMVDIME) नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने श्री माता वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज की MBBS मान्यता को रद्द किया. (Photo: Official Website/SMVDIME)

पीयूष मिश्रा

  • जम्मू-कश्मीर ,
  • 07 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 12:30 PM IST

नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) की ओर से श्री माता वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज की MBBS मान्यता को रद्द कर दिया गया है. इसके पीछे उल्लंघन सबसे बड़ी वजह मानी जा रही है. ऐसे में वहां पर मौजूद MBBS छात्रों को किसी दूसरे मान्यता प्राप्त मेडिकल कॉलेजों में शिफ्ट करवाया जाएगा. 

बता दें कि ये कॉलेज काफी समय से विवादों में बना हुआ है. ऐसा आरोप है कि 50 सीटों में से 42 सीटें मुस्लिम छात्रों को दे दी गई थी, जबकि हिंदू छात्रों को केवल सात सीटें और सिख छात्र को केवल एक सीट मिली है. 

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जमकर हुआ विरोध 

इस मुद्दे पर हिंदू संगठनों ने जमकर विरोध किया था. उनका कहना था कि यह कॉलेज वैष्णो देवी के भक्तों के चढ़ावे से संचालित होता है, इसलिए हिंदू संगठन को ज्यादा प्राथमिकता मिलनी चाहिए. पहले तो उन्होंने एडमिशन लिस्ट को रद्द करने की मांग की, पर जब ये नहीं हुआ तो उन्होंने कॉलेज को बंद करने पर जोर दिया.  

MBBS छात्रों का सुरक्षित है भविष्य 

NMC की ओर से ये साफ किया गया है कि कॉलेज में पढ़ रहे मौजूदा छात्रों को किसी भी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है. उन्हें जम्मू-कश्मीर के मान्यता प्राप्त मेडिकल कॉलेजों में शिफ्ट किया जाएगा. उन्होंने कहा कि सभी छात्रों का अकादमिक रिकॉर्ड और विकास पूरी तरह से सुरक्षित है. 

कॉलेज ने किया इन शर्तों का उल्लंघन

बता दें कि एलओपी कुछ शर्तों के साथ दिया गया था. इनमें यह जरूरी जानकारी थी कि संस्थान सभी नियमों को पूरा करें, अचानक होने वाली निरीक्षण को अनुमति दे, सही जानकारी के साथ रिन्यूअल से पहले पाई गई कमियों को ठीक करें. लेकिन आदेश जारी होने के बाद से आयोग को कॉलेज के खिलाफ कई शिकायतें मिलीं. इनमें बताया गया कि कॉलेज में जरूरी बुनियादी सुविधाएं पूरी नहीं हैं, मरीजों के लिए सुविधाएं भी कम हैं. इसके साथ ही फुल-टाइम शिक्षक पर्याप्त संख्या में मौजूद नहीं हैं. इसके साथ ही कई और परेशानियों का जिक्र किया गया.  

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कब मिली थी कॉलेज को मंजूरी?

बता दें कि मेडिकल कॉलेज ने राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग की 5 और 19 दिसंबर 2024 को जारी सार्वजनिक सूचनाओं के मुताबिक, नया MBBS कोर्स शुरू करने के लिए आवेदन किया था. आवेदनों की जांच करने के बाद मेडिकल असेसमेंट और रेटिंग बोर्ड ने इसपर मंजूरी दी. इसके बाद 8 सितंबर, 2025 को अनुमति पत्र जारी किया गया जिसके तहत कॉलेज को साल 2025-2026 के लिए MBBS कोर्स में दाखिला देने की इजाजत मिल गई.   
 

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